Haryana Power Department: हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) ने नया बिजली कनेक्शन देने की समय-सीमा निर्धारित कर दी है। अब मेट्रो शहरों में 3 दिन, नगर क्षेत्रों में 7 दिन और ग्रामीण इलाकों में 15 दिन के भीतर कनेक्शन मिलेगा। जानें पूरा अपडेट।
हरियाणा में बिजली से जुड़ी सेवाओं को और तेज व पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य के लाखों उपभोक्ताओं को अक्सर यह शिकायत रहती थी कि नया बिजली कनेक्शन लेने की प्रक्रिया लंबी, धीमी और कई बार उलझी हुई होती है। अब हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) ने इस समस्या को गंभीरता से देखते हुए कनेक्शन देने की स्पष्ट और तय समय-सीमा लागू कर दी है।
इस फैसले का सीधा लाभ ग्रामीण से लेकर शहरी क्षेत्रों तक हर उपभोक्ता को मिलेगा, क्योंकि अब बिजली विभाग की जिम्मेदारियां भी तय होंगी और देरी होने पर अधिकारियों को जवाब देना होगा।
क्या बदला है?—नई समय-सीमा जो हर उपभोक्ता को जाननी चाहिए Haryana Power Department
HERC के नए आदेशों के अनुसार, अब नया बिजली कनेक्शन मिलने में पहले की तुलना में कई गुना कम समय लगेगा। क्षेत्र के अनुसार समय-सीमा इस प्रकार होगी:
मेट्रोपॉलिटन शहर (Metro Cities)
3 दिन के भीतर नया कनेक्शन
(पूर्ण आवेदन और जरूरी दस्तावेज जमा करने के बाद)
नगर क्षेत्र (Urban Areas)
7 दिन में कनेक्शन उपलब्ध
ग्रामीण क्षेत्र (Rural Areas)
15 दिन के अंदर कनेक्शन अनिवार्य
यह पहली बार है जब हरियाणा में बिजली कनेक्शन देने के लिए इतनी स्पष्ट डेडलाइन तय की गई है।
HERC चेयरमैन की बड़ी घोषणा – “अब अधिकारी होंगे जवाबदेह”
HERC के चेयरमैन नंद लाल शर्मा ने कहा कि बिजली विभाग की कार्य प्रणाली को अपडेट करने का समय आ गया था। नई व्यवस्था का उद्देश्य है:
कामकाज में पारदर्शिता
उपभोक्ताओं की शिकायतों में कमी
बिजली निगमों की छवि में सुधार
समय पर सेवा सुनिश्चित करना
चेयरमैन ने स्पष्ट कहा कि “अगर किसी उपभोक्ता को निर्धारित समय के भीतर कनेक्शन नहीं मिलता, तो संबंधित अधिकारी से इसका कारण पूछा जाएगा। यानी देरी अब स्वीकार नहीं होगी।”
हरियाणा के बिजली निगम लाभ में—लेकिन सुधार अभी भी जरूरी
शर्मा ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल मॉनिटरिंग, लाइन लॉस में कमी और बिलिंग सिस्टम को मजबूत करने के कारण हरियाणा के बिजली निगमों की वित्तीय स्थिति सुधरी है।
लेकिन कई क्षेत्रीय कार्यालय अब भी धीमी प्रक्रिया, फाइलों में देरी और खराब सेवा के कारण उपभोक्ताओं की नाराजगी झेलते हैं।
HERC का यह कदम उन सभी दफ्तरों को अनुशासन में लाने के लिए है, जहाँ उपभोक्ता सेवाएं अपेक्षा से काफी धीमी हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव? – आम जनता पर असर
1. समय की बड़ी बचत
अब उपभोक्ताओं को महीनों फाइलें खटखटाने और बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी।
2. व्यवसाय और निर्माण कार्यों में तेजी
दुकान, फैक्ट्री या घर बनाने वालों को कनेक्शन मिलने में देरी सबसे बड़ा रोड़ा होता था। अब यह समस्या काफी हद तक खत्म होगी।
3. विभाग पर नियंत्रण और जिम्मेदारी
अधिकारी पहली बार समय-सीमा की बाध्यता के तहत काम करेंगे।
4. ग्रामीण उपभोक्ताओं को राहत
गांवों में अक्सर कनेक्शन देने में सबसे ज्यादा देरी होती थी। 15 दिन की सीमा ग्रामीण विकास के लिए सकारात्मक कदम है।













