डिजिटल डेस्क, रोहतक : पंडित बी.डी. शर्मा यूनिवर्सिटी ने हरियाणा नीट पीजी राउंड 3 काउंसलिंग शुरू कर दी है। सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में बची हुई एमडी एमएस सीटों के लिए 8 फरवरी को रिजल्ट आएगा।
हरियाणा में मेडिकल की पढ़ाई कर स्पेशलिस्ट डॉक्टर बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक बेहद जरूरी खबर है। पंडित बी.डी. शर्मा यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज रोहतक ने नीट पीजी 2025 काउंसलिंग के लिए तीसरे राउंड की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी है।
यह प्रक्रिया 27 जनवरी से ऑनलाइन शुरू हो चुकी है। जो छात्र एमडी एमएस या पोस्ट एमबीबीएस डिप्लोमा कोर्सेज में एडमिशन लेना चाहते हैं उनके लिए यह एक सुनहरा और शायद आखिरी मौका साबित हो सकता है।
खाली सीटों के लिए होगी यह काउंसलिंग
मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च डिपार्टमेंट यानी डीएमईआर हरियाणा की देखरेख में यह काउंसलिंग आयोजित की जा रही है। पहले दो राउंड की काउंसलिंग के बाद भी राज्य के सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में कई सीटें खाली रह गई हैं। राउंड 3 का मुख्य उद्देश्य इन्हीं बची हुई सीटों को भरना है। इसमें क्लीनिकल और नॉन क्लीनिकल दोनों तरह की ब्रांच शामिल हैं।
महत्वपूर्ण तारीखें और प्रक्रिया
काउंसलिंग की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन मोड में हरियाणा नीट पीजी की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए होगी।
रजिस्ट्रेशन शुरू: 27 जनवरी 2025
सीट अलॉटमेंट रिजल्ट: 8 फरवरी 2025
छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना अपना रजिस्ट्रेशन और चॉइस फिलिंग पूरा कर लें। 8 फरवरी को मेरिट लिस्ट और अलॉटमेंट का परिणाम जारी किया जाएगा जिसके बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया शुरू होगी।
किसे कितनी फीस देनी होगी
इस बार काउंसलिंग फीस को लेकर नियम पूरी तरह स्पष्ट हैं। जो छात्र इस राउंड में हिस्सा लेना चाहते हैं उन्हें ऑनलाइन फीस जमा करनी होगी।
सरकारी सीटों के लिए: यदि आप केवल सरकारी कॉलेजों की स्टेट कोटा सीटों के लिए आवेदन कर रहे हैं तो आपको 25 हजार रुपये जमा करने होंगे।
आरक्षित वर्ग: हरियाणा के एससी बीसी ईडब्ल्यूएस और दिव्यांग श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए यह फीस 12 हजार 500 रुपये रखी गई है।
प्राइवेट कॉलेज: यदि आप प्राइवेट मेडिकल यूनिवर्सिटी या मैनेजमेंट कोटा की सीटों पर दावा कर रहे हैं तो आपको 2 लाख रुपये की सिक्योरिटी फीस जमा करनी होगी।
ध्यान रहे कि अगर आप फीस जमा नहीं करते हैं तो आपको राउंड 3 की काउंसलिंग प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाएगा।
करियर काउंसलर और मेडिकल एक्सपर्ट्स का मानना है कि राउंड 3 छात्रों के लिए ‘करो या मरो’ वाली स्थिति होती है। चूंकि यह सीटें भरने का अंतिम चरण है इसलिए छात्रों को चॉइस फिलिंग में अधिकतम विकल्प भरने चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार छात्रों को अपनी रैंक और पिछले साल के कटऑफ का विश्लेषण करके ही कॉलेज का चुनाव करना चाहिए ताकि सीट मिलने की संभावना बढ़ सके।
पुराने उम्मीदवारों के लिए क्या है नियम
अक्सर छात्रों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या उन्हें दोबारा रजिस्ट्रेशन करना होगा। नियमों के मुताबिक जो उम्मीदवार राउंड 1 या राउंड 2 में पहले ही रजिस्टर कर चुके हैं उन्हें दोबारा रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं है। हालांकि एक पेंच यह है कि जिन्हें पिछले राउंड में सीट मिली थी लेकिन वे बेहतर कॉलेज या ब्रांच चाहते हैं तो उन्हें ‘अपग्रेडेशन’ के लिए अपनी ऑनलाइन सहमति देनी होगी। बिना सहमति दिए वे राउंड 3 में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।












