Haryana New liquor policy , Liquor shops closed on highways, relief in villages, know the major changes: हरियाणा सरकार ने अपनी नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है, जो शराब की बिक्री और वितरण से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव ला रही है।
इस नीति के तहत नेशनल और स्टेट हाईवे पर अब शराब के ठेके नहीं खुलेंगे, छोटे गांवों में ठेके बंद होंगे, और अहातों के लिए नई शर्तें लागू की गई हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि यह नीति जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है और यह 12 जून 2025 से 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगी। आइए, इस नई नीति के प्रमुख पहलुओं को समझते हैं।
हाईवे पर शराब ठेके और विज्ञापन पर रोक Haryana New liquor policy
नई आबकारी नीति का सबसे बड़ा बदलाव है हाईवे पर शराब के ठेकों पर पूरी तरह रोक। अब नेशनल और स्टेट हाईवे पर न तो ठेके खोले जा सकेंगे और न ही शराब से संबंधित कोई विज्ञापन प्रदर्शित किया जा सकेगा। इस नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
पहली बार उल्लंघन पर 1 लाख रुपये, दूसरी बार 2 लाख रुपये, और तीसरी बार 3 लाख रुपये का जुर्माना लगेगा। इसके बाद ठेके का लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई हो सकती है। यह कदम सड़क सुरक्षा और जनहित को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
छोटे गांवों में ठेके बंद, जनभावनाओं का सम्मान
हरियाणा सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में शराब की उपलब्धता को नियंत्रित करने के लिए महत्वपूर्ण फैसला लिया है। जिन गांवों की आबादी 500 से कम है, वहां अब कोई शराब का ठेका या उप-विक्रय केंद्र नहीं खोला जाएगा। पहले ऐसे गांवों में 152 ठेके संचालित थे, जो अब बंद कर दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह निर्णय ग्रामीण समुदाय की भावनाओं और सामाजिक मूल्यों को सम्मान देने के लिए लिया गया है। इससे छोटे गांवों में शराब की बिक्री पर अंकुश लगेगा।
अहातों के लिए नए नियम और फीस
नई नीति में शराब ठेकों के साथ संचालित होने वाले अहातों (खुली जगह जहां शराब पी जा सकती है) के लिए भी सख्त नियम बनाए गए हैं। अब अहातों का क्षेत्रफल 1,000 वर्ग मीटर से अधिक नहीं हो सकता, जो पहले अनियंत्रित था। इसके अलावा, अहाता खोलने की फीस भी तय की गई है।
गुरुग्राम में अहाता खोलने के लिए लाइसेंस फीस का 4% शुल्क देना होगा, जबकि फरीदाबाद, सोनीपत, और पंचकूला में 3% और अन्य जिलों में 1% फीस देनी होगी। ये नियम अहातों के संचालन को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए लागू किए गए हैं।
नीति का समय और राजस्व लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि नई आबकारी नीति को वित्तीय वर्ष (अप्रैल से मार्च) के साथ जोड़ा गया है। यह नीति 12 जून 2025 से 31 मार्च 2027 तक 21.5 महीनों के लिए लागू रहेगी। सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 14,064 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य रखा है।
पिछले वित्त वर्ष (2024-25) में आबकारी विभाग ने 12,650 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 12,700 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया था। इस नीति में अस्थायी लाइसेंस (एल-12ए और एल-12ए-सी) की प्रक्रिया को भी सरल किया गया है, ताकि विशेष आयोजनों के लिए लाइसेंस लेना आसान हो।
शहरी क्षेत्रों में अस्थायी लाइसेंस की शर्तें
नई नीति में शहरी क्षेत्रों जैसे गुरुग्राम, फरीदाबाद, और पंचकूला में बिना पंजीकृत व्यावसायिक स्थानों, जैसे बैंक्वेट हॉल, में एक दिन के लिए शराब परोसने के लिए अस्थायी लाइसेंस की सुविधा दी गई है।
हालांकि, इसके लिए अधिक शुल्क देना होगा। यह कदम सामाजिक आयोजनों को ध्यान में रखकर उठाया गया है, लेकिन इसका दुरुपयोग रोकने के लिए सख्त निगरानी का प्रावधान है।
जनता के लिए क्या मायने रखती है यह नीति?
यह नई आबकारी नीति हरियाणा के लोगों के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण है। हाईवे पर ठेके बंद होने से सड़क दुर्घटनाओं में कमी की उम्मीद है,
वहीं छोटे गांवों में ठेकों पर रोक से सामाजिक और पारिवारिक माहौल बेहतर होगा। अहातों के लिए निर्धारित नियम और फीस शराब के अवैध और अनियंत्रित उपयोग को रोकने में मदद करेंगे। साथ ही, नीति का राजस्व लक्ष्य और सरलीकृत लाइसेंस प्रक्रिया सरकार की आर्थिक और प्रशासनिक दक्षता को दर्शाती है।













