Haryana News: Inspiring story of Virendra of Haryana: Started mustard mill with 8 lakhs, today earning profits of lakhs: हरियाणा के किसान आज केवल खेती तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कृषि से जुड़े व्यवसायों में अपनी पहचान बना रहे हैं।
फरीदाबाद के बल्लभगढ़ क्षेत्र के सागरपुर गांव के वीरेंद्र सिंह ऐसी ही एक मिसाल हैं। उन्होंने सिर्फ 8 लाख रुपये की पूंजी से सरसों मिल शुरू की और आज लाखों रुपये की कमाई कर रहे हैं। उनकी यह कहानी मेहनत, लगन और स्मार्ट बिजनेस की ताकत को दर्शाती है। आइए, वीरेंद्र के इस प्रेरणादायक सफर को करीब से जानते हैं।
सरसों मिल: एक स्मार्ट बिजनेस की शुरुआत Haryana News
वीरेंद्र सिंह ने चार साल पहले हरियाणा सरकार की प्रोत्साहन नीतियों का लाभ उठाते हुए सरसों मिल शुरू करने का फैसला किया। इसके लिए उन्होंने 8 लाख रुपये का निवेश किया। उनकी मिल में बाजार से सरसों मंगवाई जाती है, जिसे मशीनों के जरिए तेल और खल में बदला जाता है।
वीरेंद्र बताते हैं कि एक क्विंटल सरसों से करीब 35 किलो तेल और 65 किलो खल निकलती है। खल में 6% तेल की मात्रा होने की वजह से यह बाजार में उपलब्ध अन्य खल से बेहतर मानी जाती है। यही वजह है कि पशुपालक और किसान उनकी खल को खूब पसंद करते हैं।
बाजार में खल और तेल की जबरदस्त डिमांड
वीरेंद्र की सरसों मिल से निकलने वाली खल पशुओं के चारे और मछलियों के दाने के रूप में बेहद उपयोगी है। पशुपालक इसे पशुओं को खिलाते हैं, जिससे दूध का उत्पादन बढ़ता है। वर्तमान में खल की कीमत 25 रुपये प्रति किलो और सरसों तेल की कीमत 150 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।
इससे वीरेंद्र को एक क्विंटल सरसों पर करीब 400 रुपये का शुद्ध मुनाफा होता है। बाजार में खल और तेल की लगातार मांग के चलते उनका बिजनेस दिन-ब-दिन फल-फूल रहा है। वीरेंद्र का कहना है कि यह व्यवसाय न केवल लाभकारी है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा करता है।
मेहनत और ईमानदारी का मंत्र
वीरेंद्र के मुताबिक, सरसों मिल शुरू करने में शुरुआती निवेश भले ही बड़ा हो, लेकिन मेहनत और ईमानदारी से काम करने पर मुनाफा कई गुना हो सकता है। उनकी मिल की स्थापना में 8 से 10 लाख रुपये की लागत आई थी, लेकिन आज यह निवेश उन्हें लाखों रुपये की कमाई दे रहा है।
वे बताते हैं कि खल से पशुओं को ताकत मिलती है और दूध उत्पादन में वृद्धि होती है, जिससे पशुपालकों को भी फायदा होता है। वीरेंद्र का मानना है कि अगर किसान इस तरह के व्यवसाय को अपनाएं, तो वे न केवल अपनी आर्थिक स्थिति सुधार सकते हैं, बल्कि आत्मनिर्भर भी बन सकते हैं।
किसानों के लिए प्रेरणा
वीरेंद्र की कहानी हर उस किसान के लिए प्रेरणा है, जो खेती के साथ-साथ कुछ नया करने की सोच रहा है। वे कहते हैं, “किसान अगर चाहें तो सरसों मिल जैसा छोटा बिजनेस शुरू करके अच्छी कमाई कर सकते हैं।
इसके लिए जरूरत है बस सही योजना और मेहनत की।” हरियाणा सरकार की योजनाओं ने भी वीरेंद्र जैसे किसानों को नई दिशा दी है, जिससे वे पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर व्यवसायी बन रहे हैं।
निष्कर्ष: मेहनत से मिली मंजिल












