ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Haryana: रिहायशी कॉलोनियों में नर्सिंग होम पॉलिसी लागू, जानिए फीस और नियम

On: February 14, 2026 8:20 AM
Follow Us:
Haryana: रिहायशी कॉलोनियों में नर्सिंग होम पॉलिसी लागू, जानिए फीस और नियम
Join WhatsApp Group

चंडीगढ़, Haryana Nursing Home Policy 2026 : हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली सरकार ने एक निर्णायक फैसला लिया है। प्रदेश सरकार ने लाइसेंस प्राप्त रिहायशी कॉलोनियों में नर्सिंग होम खोलने के लिए आधिकारिक नीति जारी कर दी है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग (TCP) द्वारा जारी इस अधिसूचना से अब रिहायशी इलाकों में चिकित्सा सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) लंबे समय से इस नीति की मांग कर रहा था, जिसे अब स्वीकार कर लिया गया है। इस फैसले से विशेष रूप से गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक और पंचकूला जैसे घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का विकेंद्रीकरण होगा।

डॉक्टरों के लिए मालिकाना हक और रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

नई नीति के तहत नियमों को बेहद सख्त और स्पष्ट रखा गया है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की अधिसूचना के मुताबिक, रिहायशी कॉलोनी में नर्सिंग होम केवल वही डॉक्टर खोल सकेंगे जिनके पास संबंधित प्लॉट का मालिकाना हक होगा। इसके लिए आवेदक डॉक्टर का एलोपैथिक या आयुष काउंसिल में वैध रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य है। साथ ही, डॉक्टर का सक्रिय प्रैक्टिस में होना और IMA की स्थानीय शाखा में पंजीकृत होना भी आवश्यक शर्त रखी गई है। आवेदक को निर्धारित कन्वर्जन शुल्क के साथ एक शपथ पत्र भी विभाग को सौंपना होगा।

मऊ से अंबाला कैंट के बीच स्पेशल ट्रेन का ऐलान, सोनीपत और पानीपत के स्टेशनों पर होगा ठहराव
मऊ से अंबाला कैंट के बीच स्पेशल ट्रेन का ऐलान, सोनीपत और पानीपत के स्टेशनों पर होगा ठहराव

जोन के अनुसार तय किया गया न्यूनतम प्लॉट साइज

सरकार ने नर्सिंग होम के लिए प्लॉट का न्यूनतम आकार क्षेत्र की क्षमता (Potential) के आधार पर तय किया है। हाइपर और हाई पोटेंशियल जोन (जैसे गुरुग्राम, फरीदाबाद के प्रमुख सेक्टर) में 350 वर्ग गज से कम आकार वाले प्लॉट पर नर्सिंग होम की मंजूरी नहीं मिलेगी। वहीं, मीडियम और लो पोटेंशियल जोन वाले शहरों और कस्बों में यह सीमा 250 वर्ग गज रखी गई है। इससे छोटे प्लॉट पर नर्सिंग होम खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी, ताकि रिहायशी इलाकों में भीड़-भाड़ और अव्यवस्था से बचा जा सके।

लोकेशन और संख्या पर कड़े प्रतिबंध

रिहायशी इलाकों की शांति और ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए विभाग ने सख्त लोकेशन गाइड्लाइन्स जारी की हैं। नर्सिंग होम की अनुमति केवल उन्हीं प्लॉटों पर मिलेगी जो सर्विस रोड, सेक्टर रोड या मास्टर रोड से लगते होंगे। संकरी गलियों में इसकी अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा, एक सेक्टर में अधिकतम चार नर्सिंग होम साइट्स को ही मंजूरी दी जाएगी। यह नीति केवल उन कॉलोनियों में लागू होगी जहां आंतरिक सेवाएं (सीवर, पानी, बिजली) पूरी तरह बिछ चुकी हों और जिन्हें पूर्ण या आंशिक कंप्लीशन सर्टिफिकेट मिल चुका हो।

स्टिल्ट प्लस 4 पॉलिसी पर बड़ा फैसला: गुरुग्राम और फरीदाबाद के निवासियों को मिली बड़ी राहत
स्टिल्ट प्लस 4 पॉलिसी पर बड़ा फैसला: गुरुग्राम और फरीदाबाद के निवासियों को मिली बड़ी राहत

कन्वर्जन शुल्क: 4 हजार से 10 हजार रुपये प्रति गज

राज्य सरकार ने क्षेत्र के आर्थिक महत्व को देखते हुए कन्वर्जन शुल्क (Conversion Charges) की दरें निर्धारित की हैं। हाइपर पोटेंशियल जोन में यह शुल्क 10,000 रुपये प्रति वर्ग गज और हाई पोटेंशियल जोन में 8,000 रुपये प्रति वर्ग गज होगा। वहीं, मीडियम जोन वाले शहरों के लिए 6,000 रुपये और लो पोटेंशियल जोन के लिए 4,000 रुपये प्रति वर्ग गज की दर तय की गई है। राहत की बात यह है कि इन मामलों में डॉक्टर्स को आंतरिक या बाह्य विकास शुल्क (EDC/IDC) सहित कोई अन्य अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।

Haryana Roadways के 347 ड्राइवर 2002 से माने जाएंगे पक्के, मिलेगी पुरानी पेंशन

पानी के बिल के लिए अब नहीं करना होगा इंतजार, SMS और व्हाट्सएप लिंक से होगा तुरंत भुगतान
पानी के बिल के लिए अब नहीं करना होगा इंतजार, SMS और व्हाट्सएप लिंक से होगा तुरंत भुगतान

ज़मीनी हकीकत, ब्रेकिंग न्यूज़ और जिलेवार अपडेट के लिए Haryana News Post से जुड़े रहें।

अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment