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गुरुग्राम और फरीदाबाद में फ्लैट लेना अब नहीं रहा आसान, 1 जनवरी से लागू हुए नए नियम, जेब होगी ढीली

On: जनवरी 18, 2026 10:52 पूर्वाह्न
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गुरुग्राम और फरीदाबाद में फ्लैट लेना अब नहीं रहा आसान, 1 जनवरी से लागू हुए नए नियम, जेब होगी ढीली
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हरियाणा सरकार ने 46 शहरों में बाह्य विकास शुल्क (EDC) में 10 प्रतिशत की वृद्धि की है। इससे गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतें बढ़ेंगी।

गुरुग्राम. हरियाणा में नए साल की शुरुआत के साथ ही आशियाना बनाना महंगा हो गया है। अगर आप गुरुग्राम, फरीदाबाद या सोनीपत जैसे शहरों में प्लॉट या फ्लैट खरीदने की योजना बना रहे हैं तो आपको अपना बजट बढ़ाना होगा। प्रदेश सरकार ने राज्य के 46 शहरों में बाह्य विकास शुल्क यानी ईडीसी की दरों में 10 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है।

नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने इस फैसले को 1 जनवरी से लागू भी कर दिया है। इस फैसले का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ने वाला है क्योंकि डेवलपर्स इस बढ़े हुए शुल्क का बोझ अंततः खरीदारों पर ही डालेंगे।

क्या होता है ईडीसी और क्यों बढ़ी कीमतें

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि आखिर यह ईडीसी क्या बला है। जब भी कोई बिल्डर या डेवलपर किसी नई कॉलोनी या हाउसिंग प्रोजेक्ट का निर्माण करता है तो उस क्षेत्र के आसपास सड़क, सीवर, स्ट्रीट लाइट और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित करने के लिए सरकार को एक शुल्क देना पड़ता है।

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इसे ही एक्सटर्नल डेवलपमेंट चार्ज यानी ईडीसी कहा जाता है। सरकार का तर्क है कि बुनियादी ढांचे की लागत बढ़ रही है इसलिए शुल्क बढ़ाना जरूरी था। अब चूंकि बिल्डर को सरकार को ज्यादा पैसे देने होंगे तो वह प्रॉपर्टी के दाम बढ़ाकर इसकी भरपाई ग्राहक से करेगा।

गुरुग्राम में सबसे ज्यादा महंगी हुई जमीन

हरियाणा की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले गुरुग्राम को हाइपर पोटेंशियल जोन में रखा गया है। यहां प्रॉपर्टी के रेट सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। नई दरों के मुताबिक अब गुरुग्राम में प्लॉटेड कॉलोनी विकसित करने के लिए बिल्डर को लगभग 1.37 करोड़ रुपये प्रति एकड़ की दर से शुल्क देना होगा।

वहीं ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट्स यानी ऊंची इमारतों वाली सोसायटियों के लिए यह मार और भी ज्यादा है। जिन कॉलोनियों में जनसंख्या घनत्व 400 व्यक्ति प्रति एकड़ है वहां ईडीसी की दर 5.49 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तय की गई है। कम घनत्व वाली कॉलोनियों के लिए यह दर 4.12 करोड़ रुपये रहेगी।

फरीदाबाद और सोहना का भी बुरा हाल

गुरुग्राम के बाद सबसे ज्यादा असर फरीदाबाद और सोहना जैसे शहरों पर पड़ा है जिन्हें हाई पोटेंशियल जोन माना जाता है। सरकार ने यहां भी दरों में भारी इजाफा किया है। इन शहरों में नई दरें 1.23 करोड़ रुपये प्रति एकड़ निर्धारित की गई हैं।

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हाउसिंग सोसायटियों की बात करें तो 400 व्यक्ति प्रति एकड़ घनत्व वाले प्रोजेक्ट्स के लिए अब 4.94 करोड़ रुपये चुकाने होंगे। इसका मतलब साफ है कि फरीदाबाद और सोहना में फ्लैट की कीमतें भी अब आसमान छुएंगी।

मध्यम शहरों में भी बढ़ेंगे दाम

यह बढ़ोतरी केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। मध्यम क्षमता वाले शहर जैसे अंबाला, कुरुक्षेत्र, रेवाड़ी, बहादुरगढ़, हिसार, रोहतक, बावल, पलवल और गन्नौर भी इसकी चपेट में आएंगे। इन शहरों में प्लॉटेड कॉलोनियों के लिए ईडीसी लगभग 82 लाख रुपये प्रति एकड़ कर दी गई है। इससे इन शहरों में निवेश करने वाले मध्यमवर्गीय परिवारों को झटका लगेगा।

राजनीतिक और एक्सपर्ट व्यू

प्रॉपर्टी बाजार के जानकारों का कहना है कि रियल एस्टेट सेक्टर पहले ही मंदी और महंगाई की मार झेल रहा है। ऐसे में 10 फीसदी की सीधी बढ़ोतरी से घरों की बिक्री पर असर पड़ सकता है। वहीं विपक्ष ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा है कि यह बढ़ोतरी आम जनता की कमर तोड़ने वाली है और इससे लोगों का घर खरीदने का सपना टूट जाएगा।

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भविष्य पर असर

विशेषज्ञों के अनुसार जो प्रोजेक्ट पहले से बन चुके हैं उन पर इसका असर शायद न हो लेकिन जो नए प्रोजेक्ट अब लॉन्च होंगे उनकी कीमतों में 5 से 10 प्रतिशत तक का उछाल देखने को मिल सकता है।

अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

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