जींद. हरियाणा परिवहन विभाग ने जींद और गोहाना के बीच सफर करने वाले दैनिक यात्रियों की एक बड़ी समस्या का समाधान कर दिया है। लंबे समय से इस रूट पर बसों की कमी और निजी ऑपरेटरों की मनमानी की शिकायतें आ रही थीं।
इसे गंभीरता से लेते हुए रोडवेज विभाग ने बसों के फेरे बढ़ाने का फैसला किया है। इस नए बदलाव से न केवल छात्रों को स्कूल कॉलेज पहुंचने में आसानी होगी बल्कि नौकरीपेशा लोग भी समय पर अपने घर लौट सकेंगे।
सुबह और शाम का नया टाइम टेबल
रोडवेज विभाग ने यात्रियों की मांग को देखते हुए दो सबसे महत्वपूर्ण समय पर बसें चलाने का निर्णय लिया है।
सुबह की नई बस: अब गोहाना से जींद के लिए सुबह 8 बजकर 10 मिनट पर एक अतिरिक्त बस चलाई गई है। यह समय उन छात्रों के लिए वरदान साबित होगा जो जींद के कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई करने आते हैं।
शाम की वापसी: जींद से गोहाना जाने वाले यात्रियों के लिए शाम 7 बजे एक नई बस सेवा शुरू की गई है। अक्सर देर शाम को ड्यूटी खत्म करने वाले कर्मचारियों को बस मिलने में दिक्कत होती थी लेकिन अब उन्हें सीधी बस की सुविधा मिलेगी।
दिन भर मिलती रहेंगी बसें
विभाग ने केवल सुबह शाम ही नहीं बल्कि दिन के अन्य समय में भी बसों की कनेक्टिविटी मजबूत की है। जींद बस स्टैंड से गोहाना के लिए अब तड़के सुबह 5 बजकर 45 मिनट और सुबह 7 बजकर 10 मिनट पर भी बसें उपलब्ध रहेंगी।
इसके अलावा शाम को 5 बजकर 22 मिनट पर भी जींद से गोहाना के लिए बस रवाना होगी। इस तरह सुबह से लेकर देर शाम तक यात्रियों के पास रोडवेज का विकल्प मौजूद रहेगा।
पास धारकों को मिलेगी सबसे बड़ी राहत
जींद और गोहाना रूट पर अब तक निजी परिवहन समितियों की बसों का दबदबा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि निजी बस चालक अक्सर विद्यार्थियों और बुजुर्गों के सरकारी बस पास को मान्यता देने में आनाकानी करते थे जिससे आए दिन विवाद होता था।
रोडवेज की सरकारी बसें बढ़ने से पास धारकों को सबसे ज्यादा फायदा होगा। अब वे अपने रियायती पास का उपयोग कर सकेंगे और उन्हें निजी वाहनों में महंगा किराया खर्च नहीं करना पड़ेगा।
विभाग का उद्देश्य और भविष्य की योजना
परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित और किफायती सफर मुहैया कराना है। नई समय सारिणी से बस स्टैंड पर भीड़ कम होगी और यात्रियों को इंतजार नहीं करना पड़ेगा। आने वाले दिनों में यात्रियों की संख्या को देखते हुए इस रूट पर और भी फेरे बढ़ाए जा सकते हैं।












