चंडीगढ़. हरियाणा में प्रशासनिक अधिकारी बनकर राज्य की सेवा करने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण अपडेट आया है। हरियाणा लोक सेवा आयोग यानी एचपीएससी ने वर्ष 2026 के लिए एचसीएस भर्ती परीक्षा का कैलेंडर जारी कर दिया है।
आयोग द्वारा जारी संभावित कार्यक्रम के अनुसार एचसीएस की प्रारंभिक परीक्षा 26 अप्रैल 2026 को आयोजित की जाएगी। इसके बाद मुख्य परीक्षा का आयोजन 27 जून से लेकर 29 जून तक किया जाएगा।
नोटिफिकेशन से पहले तारीखों का ऐलान

आयोग ने इस बार एक नई रणनीति अपनाते हुए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी करने से पहले ही परीक्षा की तारीखें घोषित कर दी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आयोग ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि छात्रों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
हालांकि भर्ती का विस्तृत विज्ञापन आना अभी बाकी है लेकिन कैलेंडर जारी होने से यह तस्वीर साफ हो गई है कि अगस्त और सितंबर के महीने में इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
400 अंकों की होगी अब प्रारंभिक परीक्षा
इस बार सबसे बड़ा और चौंकाने वाला बदलाव परीक्षा के पैटर्न में देखने को मिला है। अब तक एचसीएस की प्रीलिम्स परीक्षा 200 अंकों की होती थी लेकिन नए नियमों के मुताबिक अब यह परीक्षा 400 अंकों की होगी।
इसमें दो पेपर शामिल होंगे और दोनों ही ऑब्जेक्टिव टाइप होंगे। यह बदलाव छात्रों के लिए काफी अहम है क्योंकि अब उन्हें अपनी रणनीति पूरी तरह बदलनी होगी। पुराने पैटर्न में जीएस और सीसैट 100 और 100 अंकों के होते थे लेकिन अब हर पेपर का वेटेज बढ़ गया है।
मुख्य परीक्षा का भी बदल गया पूरा गणित
सिर्फ प्रीलिम्स ही नहीं बल्कि मेंस परीक्षा यानी मुख्य परीक्षा के ढांचे में भी बड़ा फेरबदल किया गया है। नए सिलेबस के अनुसार मुख्य परीक्षा कुल 600 अंकों की होगी।
नए पैटर्न की खास बातें:
मुख्य परीक्षा में अब सामान्य अध्ययन यानी जनरल स्टडीज के 4 पेपर होंगे।
इसमें कुछ वर्णात्मक यानी डिस्क्रिप्टिव पेपर भी शामिल किए गए हैं।
हर पेपर के लिए 3 घंटे का समय मिलेगा और प्रत्येक पेपर 100 अंकों का होगा।
पुराने पैटर्न में मुख्य परीक्षा में एक ऑप्शनल सब्जेक्ट भी होता था जो 200 अंकों का होता था। लेकिन अब नए पैटर्न में जीएस पर ज्यादा जोर दिया गया है जो यूपीएससी की तर्ज पर लगता है।
छात्रों को बदलनी होगी अपनी रणनीति
कोचिंग एक्सपर्ट्स का कहना है कि पैटर्न में हुए इस बदलाव से रट्टा मारने वाले छात्रों को नुकसान हो सकता है। अब प्रीलिम्स में 400 अंकों का स्कोर और मेंस में 4 जीएस पेपर होने का मतलब है कि छात्रों को विषय की गहराई में जाकर पढ़ाई करनी होगी।
चयन प्रक्रिया के तीन चरण
भले ही अंकों का गणित बदल गया हो लेकिन चयन प्रक्रिया के चरण वही रहेंगे।
प्रारंभिक परीक्षा: यह केवल स्क्रीनिंग होगी। इसमें पास होने वाले ही अगले चरण में जाएंगे।
मुख्य परीक्षा: यह मेरिट बनाने वाला सबसे अहम चरण होगा।
साक्षात्कार: मेंस क्लियर करने वालों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा।
यहाँ हरियाणा सिविल सेवा (HCS) परीक्षा के पुराने और नए पैटर्न के बीच के अंतर को समझाने वाली विस्तृत तुलना तालिका (Comparison Table) है। यह तालिका आपको यह समझने में मदद करेगी कि आपकी तैयारी की रणनीति में अब क्या बदलाव करने की आवश्यकता है।
HCS परीक्षा पैटर्न: पुराना बनाम नया (Old vs. New Comparison)
| विशेषता (Feature) | पुराना पैटर्न (Old Pattern) | नया पैटर्न (New Pattern) | क्या बदलाव हुआ? (Impact) |
| प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) | कुल अंक: 200
(GS: 100 + CSAT: 100) | कुल अंक: 400
(2 वस्तुनिष्ठ पेपर) | प्रीलिम्स का वेटेज दोगुना हो गया है। अब हर गलत उत्तर भारी पड़ सकता है और डीप नॉलेज की जरूरत होगी। |
| मुख्य परीक्षा (Mains) – कुल अंक | कुल अंक: 600 | कुल अंक: 600 | कुल अंक समान हैं, लेकिन विषयों का वितरण पूरी तरह बदल गया है। |
| सामान्य अध्ययन (GS) | केवल 1 पेपर होता था (200 अंक)। | अब 4 पेपर होंगे (प्रत्येक 100 अंक)। | यह सबसे बड़ा बदलाव है। अब GS का महत्व 200 से बढ़कर 400 अंकों का हो गया है। |
| वैकल्पिक विषय (Optional) | 1 वैकल्पिक विषय (200 अंक) होता था। | नए पैटर्न में 4 GS पेपर पर जोर है। | अब सफलता केवल एक वैकल्पिक विषय पर निर्भर नहीं रहेगी, बल्कि सभी विषयों (GS) में पकड़ होनी चाहिए। |
| पेपर की अवधि (Duration) | 3 घंटे | 3 घंटे (प्रत्येक पेपर) | समय सीमा समान है, लेकिन प्रश्नों की प्रकृति बदल सकती है। |
| फोकस एरिया (Focus Area) | वैकल्पिक विषय और रटने की क्षमता। | विश्लेषणात्मक क्षमता और सामान्य ज्ञान की गहराई। | अब यूपीएससी (UPSC) की तर्ज पर तैयारी करनी होगी। |
यहाँ हरियाणा सिविल सेवा (HCS) परीक्षा के पुराने और नए पैटर्न के बीच के अंतर को समझाने वाली विस्तृत तुलना तालिका (Comparison Table) है। यह तालिका आपको यह समझने में मदद करेगी कि आपकी तैयारी की रणनीति में अब क्या बदलाव करने की आवश्यकता है।
HCS परीक्षा पैटर्न: पुराना बनाम नया (Old vs. New Comparison)
| विशेषता (Feature) | पुराना पैटर्न (Old Pattern) | नया पैटर्न (New Pattern) | क्या बदलाव हुआ? (Impact) |
| प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) | कुल अंक: 200
(GS: 100 + CSAT: 100) | कुल अंक: 400
(2 वस्तुनिष्ठ पेपर) | प्रीलिम्स का वेटेज दोगुना हो गया है। अब हर गलत उत्तर भारी पड़ सकता है और डीप नॉलेज की जरूरत होगी। |
| मुख्य परीक्षा (Mains) – कुल अंक | कुल अंक: 600 | कुल अंक: 600 | कुल अंक समान हैं, लेकिन विषयों का वितरण पूरी तरह बदल गया है। |
| सामान्य अध्ययन (GS) | केवल 1 पेपर होता था (200 अंक)। | अब 4 पेपर होंगे (प्रत्येक 100 अंक)। | यह सबसे बड़ा बदलाव है। अब GS का महत्व 200 से बढ़कर 400 अंकों का हो गया है। |
| वैकल्पिक विषय (Optional) | 1 वैकल्पिक विषय (200 अंक) होता था। | नए पैटर्न में 4 GS पेपर पर जोर है। | अब सफलता केवल एक वैकल्पिक विषय पर निर्भर नहीं रहेगी, बल्कि सभी विषयों (GS) में पकड़ होनी चाहिए। |
| पेपर की अवधि (Duration) | 3 घंटे | 3 घंटे (प्रत्येक पेपर) | समय सीमा समान है, लेकिन प्रश्नों की प्रकृति बदल सकती है। |
| फोकस एरिया (Focus Area) | वैकल्पिक विषय और रटने की क्षमता। | विश्लेषणात्मक क्षमता और सामान्य ज्ञान की गहराई। | अब यूपीएससी (UPSC) की तर्ज पर तैयारी करनी होगी। |
तैयारी के लिए 3 बड़े सुझाव
जीएस (GS) को बनाएं हथियार: पहले जहां मेंस में जीएस का केवल एक पेपर होता था, अब चार पेपर होंगे। इसका मतलब है कि इतिहास, भूगोल, राजनीति और अर्थशास्त्र को अब ऊपर-ऊपर से पढ़ने से काम नहीं चलेगा।
करंट अफेयर्स पर पकड़: 400 अंकों की प्रीलिम्स परीक्षा का मतलब है कि करंट अफेयर्स और हरियाणा जीके (Haryana GK) का रोल और भी बड़ा हो जाएगा।
लेखन अभ्यास (Writing Practice): मेंस में डिस्क्रिप्टिव (वर्णनात्मक) पेपर होने के कारण, उत्तर लेखन का अभ्यास अभी से शुरू कर दें।
यहाँ नए पैटर्न (UPSC की तर्ज पर आधारित) के अनुसार HCS मुख्य परीक्षा (Mains) के 4 सामान्य अध्ययन (General Studies – GS) पेपर्स का संभावित विस्तृत पाठ्यक्रम (Syllabus Breakdown) दिया गया है।
चूंकि अब GS के 4 पेपर होंगे, इसलिए आपको हर विषय को गहराई से और हरियाणा के संदर्भ (Haryana Context) में पढ़ना होगा।
GS पेपर 1: इतिहास, भूगोल और समाज (History, Geography & Society)
यह पेपर भारत की विरासत, संस्कृति और भौतिक भूगोल पर केंद्रित होगा।
भारतीय संस्कृति: प्राचीन काल से लेकर आधुनिक काल तक के कला प्रारूप, साहित्य और वास्तुकला।
आधुनिक भारतीय इतिहास: 18वीं सदी के मध्य से लेकर वर्तमान तक (स्वतंत्रता संग्राम, महान व्यक्तित्व)।
विश्व इतिहास: औद्योगिक क्रांति, विश्व युद्ध, सीमाओं का पुनर्निर्धारण, उपनिवेशवाद आदि।
भूगोल (Geography): विश्व और भारत का भौतिक भूगोल। भूकंप, सुनामी, ज्वालामुखी जैसी घटनाएं।
भारतीय समाज: महिलाओं की भूमिका, जनसंख्या, गरीबी, शहरीकरण और वैश्वीकरण का प्रभाव।
हरियाणा विशेष:
हरियाणा का इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका।
हरियाणा की कला, संस्कृति और धरोहर।
हरियाणा का भूगोल (नदियां, मिट्टी, जलवायु)।
GS पेपर 2: शासन, संविधान और अंतराष्ट्रीय संबंध (Governance, Constitution & IR)
यह पेपर राजनीति और प्रशासन की समझ को परखता है।
भारतीय संविधान: ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएं, संशोधन और बुनियादी ढांचा।
राजव्यवस्था (Polity): संसद और राज्य विधायिका की संरचना, कार्य और शक्तियां।
शासन (Governance): सरकारी नीतियां, विकास प्रक्रिया, एनजीओ (NGO) और स्वयं सहायता समूहों (SHG) की भूमिका।
सामाजिक न्याय: स्वास्थ्य, शिक्षा और मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र की सेवाएं।
अंतराष्ट्रीय संबंध (IR): भारत और उसके पड़ोसी देश, द्विपक्षीय और वैश्विक समूह (जैसे G20, BRICS)।
हरियाणा विशेष:
हरियाणा की राजनीति और पंचायती राज व्यवस्था।
राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाएं (जैसे परिवार पहचान पत्र)।
पड़ोसी राज्यों के साथ मुद्दे (SYL, राजधानी विवाद)।
GS पेपर 3: अर्थव्यवस्था, विज्ञान और पर्यावरण (Economy, Science, Environment & Security)
यह सबसे गतिशील (Dynamic) और स्कोरिंग पेपर माना जाता है।
आर्थिक विकास: भारतीय अर्थव्यवस्था, बजट, संसाधन जुटाना, विकास और रोजगार।
कृषि: प्रमुख फसलें, सिंचाई प्रणाली, एमएसपी (MSP), खाद्य प्रसंस्करण उद्योग।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी: अंतरिक्ष, कंप्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-टेक्नोलॉजी, बायोटेक में भारत की उपलब्धियां।
पर्यावरण (Environment): पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण, पर्यावरणीय प्रभाव आकलन।
सुरक्षा और आपदा प्रबंधन: आंतरिक सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, मनी लॉन्ड्रिंग और आपदा प्रबंधन।
हरियाणा विशेष:
हरियाणा की अर्थव्यवस्था (बजट और आर्थिक सर्वेक्षण)।
हरियाणा में कृषि और उद्योग (ऑटोमोबाइल हब, टेक्सटाइल)।
राज्य की पर्यावरणीय चुनौतियां (पराली, अरावली संरक्षण)।
GS पेपर 4: नीतिशास्त्र और सत्यनिष्ठा (Ethics, Integrity & Aptitude)
यह पेपर आपकी ईमानदारी और निर्णय लेने की क्षमता (Decision Making) को परखता है। इसमें रटने से ज्यादा ‘सोचने’ का काम है।
नीतिशास्त्र (Ethics): मानवीय क्रियाकलापों में नैतिकता का सार, निजी और सार्वजनिक संबंधों में नैतिकता।
अभिवृत्ति (Attitude): विचार और व्यवहार के साथ इसका संबंध, राजनीतिक और नैतिक दृष्टिकोण।
लोक प्रशासन में ईमानदारी: लोक सेवा के मूल्य, भ्रष्टाचार की चुनौतियां।
केस स्टडीज (Case Studies): ऊपर दिए गए विषयों पर आधारित व्यावहारिक स्थितियां। (जैसे- अगर आप जिले के DC हैं और दंगा हो जाए तो आप क्या करेंगे?)
तैयारी के लिए प्रो टिप
नए पैटर्न में सबसे बड़ी चुनौती ‘उत्तर लेखन’ (Answer Writing) होगी। आपको 3 घंटे में लगभग 3000-4000 शब्द लिखने होंगे। इसलिए, सिर्फ पढ़ने से काम नहीं चलेगा, आज से ही हर रोज कम से कम 2 प्रश्नों के उत्तर लिखने का अभ्यास शुरू करें।

HCS की तैयारी के लिए NCERT किताबें आपकी नींव (Foundation) हैं। नए पैटर्न में कॉन्सेप्ट की गहराई चाहिए, जो इन किताबों से बेहतर और कहीं नहीं मिलेगी।
यहाँ GS पेपर 1 (इतिहास, भूगोल और समाज) के लिए कक्षा 11 और 12 की सबसे महत्वपूर्ण NCERT किताबों की लिस्ट दी गई है:
1. इतिहास (History) – पुरानी और नई का संतुलन
इतिहास के लिए अक्सर ‘पुरानी NCERT’ (Old NCERT) को कहानी के रूप में पढ़ने और ‘नई NCERT’ (New NCERT) को कला और संस्कृति के लिए पढ़ने की सलाह दी जाती है।
प्राचीन भारत (Ancient India):
किताब: कक्षा 11 (पुरानी NCERT) – लेखक: आर.एस. शर्मा (R.S. Sharma)।
क्यों पढ़ें: प्राचीन भारत की राजनीति और समाज को समझने के लिए सर्वश्रेष्ठ।
मध्यकालीन भारत (Medieval India):
किताब: कक्षा 11 (पुरानी NCERT) – लेखक: सतीश चंद्रा (Satish Chandra)।
क्यों पढ़ें: राजाओं और प्रशासन को समझने के लिए।
आधुनिक भारत (Modern India):
किताब: कक्षा 12 (पुरानी NCERT) – लेखक: बिपिन चंद्रा (Bipan Chandra)।
किताब: कक्षा 8 (नई NCERT – हमारे अतीत-III): बेसिक समझ के लिए।
कला और संस्कृति (Art & Culture):
किताब: कक्षा 11 (Fine Arts) – ‘भारतीय कला का परिचय’ (An Introduction to Indian Art)।
नोट: यह किताब प्रीलिम्स और मेंस दोनों के लिए ‘बाइबिल’ मानी जाती है।
2. भूगोल (Geography) – केवल नई NCERT
भूगोल के लिए किसी और किताब को छूने से पहले कक्षा 11 और 12 की इन 4 किताबों को ‘घोट कर पी जाएं’।
कक्षा 11:
भौतिक भूगोल के मूल सिद्धांत (Fundamentals of Physical Geography): (ज्वालामुखी, भूकंप, वायुमंडल समझने के लिए सबसे जरूरी)।
भारत: भौतिक पर्यावरण (India: Physical Environment): (नदियां, मिट्टी, मानसून)।
कक्षा 12:
मानव भूगोल के मूल सिद्धांत (Fundamentals of Human Geography): (जनसंख्या, प्रवास)।
भारत: लोग और अर्थव्यवस्था (India: People and Economy): (कृषि, खनिज, उद्योग)।
3. भारतीय समाज (Indian Society)
मेंस में सामाजिक मुद्दों (Social Issues) पर उत्तर लिखने के लिए ये किताबें शब्दावली (Vocabulary) और समझ विकसित करती हैं।
कक्षा 11: समाज का बोध (Understanding Society)।
कक्षा 12: भारतीय समाज (Indian Society)।
कक्षा 12: भारत में सामाजिक परिवर्तन और विकास (Social Change and Development in India)।
तैयारी शुरू करने के लिए 3 ‘गोल्डन रूल्स’
पहली रीडिंग (Novel की तरह): पहली बार में नोट्स न बनाएं। बस किताब को एक कहानी की तरह पढ़ें ताकि आपको विषय का ‘फ्लो’ समझ आ जाए।
नक्शे (Maps) का साथ: जब भी भूगोल की NCERT पढ़ें, अपने साथ एक एटलस (Oxford Student Atlas) जरूर रखें। जो जगह किताब में लिखी हो, उसे मैप में देखें।
पुरानी vs नई: इतिहास के लिए आप फोटोकॉपी की दुकान से ‘पुरानी NCERT’ मांग सकते हैं, वे आसानी से मिल जाती हैं। भूगोल के लिए सिर्फ नई किताबें ही लें।












