JEE Mains Haryana: Farmer’s son and home guard’s daughter win: हरियाणा के जींद जिले के दो युवाओं ने JEE Mains 2025 के परिणामों में शानदार प्रदर्शन कर अपने परिवार और गांव का नाम रोशन किया है। जुलाना के करेला गांव के यश ने 98.35% अंक हासिल किए, जबकि अहिरका गांव की किरण ने 96% अंकों के साथ अपनी मेहनत का परचम लहराया। इन दोनों की कहानी न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि यह भी साबित करती है कि सच्ची लगन और मेहनत के सामने कोई बाधा टिक नहीं सकती।
यश की मेहनत ने दिलाई सफलता JEE Mains Haryana
करेला गांव के यश के पिता संजय कुमार एक किसान हैं, जो ढाई एकड़ जमीन पर खेती करके अपने परिवार का गुजारा करते हैं। उनकी मां गृहिणी हैं। यश ने बचपन से ही इंजीनियर बनने का सपना देखा था। इस सपने को हकीकत में बदलने के लिए उसने जींद के एक निजी कोचिंग सेंटर में एक साल तक कड़ी मेहनत की। यश का छोटा भाई दसवीं कक्षा में पढ़ता है, और परिवार की सारी उम्मीदें अब यश पर टिकी हैं। संजय कुमार बताते हैं कि उन्होंने ज्यादा पढ़ाई नहीं की, लेकिन अपने बेटे की मेहनत और लगन पर उन्हें गर्व है। यश की इस उपलब्धि ने पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ा दी है।
किरण ने दिखाया दम
अहिरका गांव की किरण की कहानी भी कम प्रेरणादायक नहीं है। उनके पिता एक होम गार्ड हैं और मां गृहिणी। तीन बेटियों के पिता ने हमेशा अपनी बेटियों को अच्छी शिक्षा देने का प्रयास किया। किरण शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल रही। दसवीं कक्षा में शानदार अंक लाने के बाद उसके माता-पिता ने उसे एक अकादमी में दाखिला दिलवाया। किरण की दिनचर्या अनुशासित थी—सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक अकादमी में पढ़ाई, फिर घर लौटकर रात 12 बजे तक किताबों में डूबी रहती थी। सुबह 4 बजे उठकर वह फिर से पढ़ाई शुरू कर देती थी।
किरण ने ऑनलाइन संसाधनों का भी बखूबी इस्तेमाल किया। मोबाइल फोन का उपयोग उसने केवल पढ़ाई के लिए किया, जिससे उसकी एकाग्रता बनी रही। किरण की मेहनत और अनुशासन ने उसे JEE Mains में 96% अंक दिलाए, जिससे उसके परिवार का सिर गर्व से ऊंचा हो गया।
मेहनत और लगन की जीत
यश और किरण की सफलता की कहानी हर उस युवा के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखता है। दोनों ने यह साबित कर दिया कि कठिन परिश्रम और सही दिशा में प्रयास से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। उनके माता-पिता की मेहनत और समर्थन ने भी उनकी सफलता में अहम भूमिका निभाई। इन दोनों की उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे जींद जिले को गर्व का मौका दिया है।
युवाओं के लिए प्रेरणा
यश और किरण की कहानी हमें सिखाती है कि सफलता के लिए अनुशासन, मेहनत और सकारात्मक सोच जरूरी है। अगर आप भी JEE Mains या किसी अन्य परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो इन दोनों से प्रेरणा लें। समय का सही उपयोग करें, ऑनलाइन संसाधनों का लाभ उठाएं और अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखें। साथ ही, परिवार और शिक्षकों का सहयोग भी आपकी सफलता की नींव बन सकता है।












