चंडीगढ़, 09 अप्रैल (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने आज चंडीगढ़ में विश्व बैंक एप्रेजल मिशन के अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की। इस बैठक में प्रदेश के जल भविष्य को सुरक्षित करने वाले 5,715 करोड़ रुपये के ‘वॉटर सिक्योर हरियाणा’ कार्यक्रम के क्रियान्वयन पर चर्चा हुई। सरकार का सीधा लक्ष्य कृषि में पानी की बर्बादी रोकना और सिंचाई प्रणाली को तकनीक से जोड़कर किसानों की आय बढ़ाना है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए विश्व बैंक ने 4,000 करोड़ रुपये के ऋण को लेकर अपनी सहमति दे दी है, जो अगले छह सालों तक राज्य के जल प्रबंधन को नई दिशा देगा।
तीन बड़े विभागों के बीच बटेगा करोड़ों का बजट
परियोजना को जमीन पर उतारने के लिए सरकार ने बजट का बँटवारा विभागों की जिम्मेदारी के आधार पर किया है। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग को सबसे ज्यादा 3,328 करोड़ रुपये मिले हैं, ताकि नहरों और जल स्रोतों का ढांचा मजबूत हो सके। सूक्ष्म सिंचाई प्राधिकरण (MICADA) को 1,500 करोड़ और कृषि विभाग को 887 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। विभागों का यह तालमेल सुनिश्चित करेगा कि खेत तक पानी पहुँचाने से लेकर कम पानी में ज्यादा पैदावार देने वाली तकनीकों तक, हर कदम पर पारदर्शिता बनी रहे।
49 लाख एकड़ जमीन को होगा सीधा फायदा
सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता डॉ. सतबीर सिंह कादियान ने बताया कि यह कार्यक्रम 15 अलग-अलग क्लस्टरों में लागू होगा। इसके दायरे में प्रदेश का 48.94 लाख एकड़ कमांड एरिया आएगा, जो राज्य की कृषि व्यवस्था के लिए संजीवनी साबित होगा। सरकार रीयल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम लगा रही है, जिससे नहर में पानी के स्तर और वितरण की जानकारी अधिकारियों को तुरंत उनके डिजिटल डैशबोर्ड पर मिलेगी। इससे पानी की चोरी रुकेगी और टेल तक बैठे अंतिम किसान को भी उसका हक मिल सकेगा।
फसल विविधीकरण और आधुनिक खेती पर जोर
इस कार्यक्रम का मुख्य प्रभाव हरियाणा के उन इलाकों में दिखेगा जहां गिरता भूजल स्तर चिंता का विषय है। सरकार इसके तहत ‘डायरेक्ट सीडेड राइस’ (DSR) और फसल विविधीकरण जैसी जल-संरक्षण तकनीकों को बढ़ावा देगी। इससे न केवल पानी की बचत होगी, बल्कि खाद और श्रम की लागत घटने से किसानों की सीधी बचत होगी। डेटा-आधारित जल प्रबंधन प्रणाली लागू होने से भविष्य में खेती और पानी का वितरण पूरी तरह वैज्ञानिक और पूर्वानुमान पर आधारित होगा।
हरियाणा में अब 15 दिन में सुलझेगी हर समस्या, मुख्यमंत्री ने समाधान शिविरों की समीक्षा में दिए आदेश
ज़मीनी हकीकत, ब्रेकिंग न्यूज़ और जिलेवार अपडेट के लिए Haryana News Post से जुड़े रहें।













