Jhajjar Mahila Sarpanch: Unique spirit of Jhajjar’s Sarpanch, donated 5 years salary for Operation Sindoor: हरियाणा के झज्जर जिले से एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जो देशभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी का शानदार उदाहरण है।
बहादुरगढ़ के परनाला हसनपुर गांव की सरपंच मुकेश अशोक राठी ने अपनी पांच साल की सैलरी भारत सरकार के सहायता कोष में दान करने का फैसला किया है। यह राशि ऑपरेशन सिंदूर के समर्थन में दी जाएगी, जो आतंकवाद के खिलाफ चल रही मुहिम का हिस्सा है। आइए, इस नेक पहल के बारे में विस्तार से जानते हैं।
देशभक्ति से प्रेरित फैसला Jhajjar Mahila Sarpanch
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुई आतंकी घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया। इस कायरतापूर्ण हमले के बाद जहां देशवासियों में गुस्सा है, वहीं देशभक्ति की भावना भी चरम पर है। ऐसे में झज्जर की सरपंच मुकेश अशोक राठी ने एक बड़ा कदम उठाया।
उन्होंने अपने पति अशोक राठी और गांव के पंचों व महिलाओं के साथ बैठक कर पांच साल का मानदेय, यानी 3 लाख रुपये, सरकार को दान करने का ऐलान किया। यह राशि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और सेना के समर्थन के लिए उपयोग होगी।
आतंकवाद के खिलाफ मजबूत संदेश
सरपंच मुकेश ने बताया कि हरियाणा सरकार सरपंचों को प्रतिमाह 5000 रुपये का मानदेय देती है, जो पांच साल में 3 लाख रुपये हो जाता है। उन्होंने इस राशि को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में योगदान के लिए दान करने का फैसला किया।
उनकी इस पहल का मकसद समाज में यह संदेश देना है कि आतंकवाद का कोई स्थान नहीं है और इसे जड़ से उखाड़ना जरूरी है। बैठक में मौजूद ग्रामीणों ने भारत माता के जयकारों के साथ उनके इस कदम की जमकर सराहना की, जिससे माहौल देशभक्ति से भर उठा।
गांव में उत्साह और एकजुटता
मुकेश राठी के इस फैसले ने परनाला हसनपुर गांव में एक नई ऊर्जा भर दी है। ग्रामीणों ने न केवल उनके इस कदम का समर्थन किया, बल्कि इसे एक मिसाल के तौर पर देखा। इस पहल ने गांव में एकजुटता और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत किया।
सरपंच का कहना है कि यह छोटा-सा योगदान देश की सुरक्षा और सम्मान के लिए है, और वे चाहती हैं कि अन्य लोग भी इस तरह के प्रयासों से प्रेरित हों।
समाज के लिए प्रेरणा
मुकेश राठी की यह पहल न केवल झज्जर, बल्कि पूरे हरियाणा और देश के लिए एक प्रेरणा है। आतंकवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई में आम नागरिकों का योगदान बेहद महत्वपूर्ण है।
उनकी इस नेक पहल ने साबित कर दिया कि देशभक्ति केवल शब्दों तक सीमित नहीं, बल्कि यह कर्मों में भी दिखाई देती है। ग्रामीणों ने इसे सामाजिक एकता और देश के प्रति निष्ठा का प्रतीक बताया।
नागरिकों से अपील
सरपंच मुकेश ने देशवासियों से अपील की है कि वे आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हों और सेना व सरकार का साथ दें। छोटे-छोटे योगदानों से भी बड़ा बदलाव आ सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि समाज को सकारात्मक दिशा में ले जाने के लिए सभी को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। ग्रामीणों से भी अनुरोध किया गया कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखें और तुरंत पुलिस को सूचित करें।
झज्जर की इस सरपंच ने अपने इस कदम से न केवल गांव, बल्कि पूरे देश को एक नया संदेश दिया है। उनकी देशभक्ति और समर्पण की भावना हर किसी के लिए प्रेरणादायक है। ताजा अपडेट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।













