Kurukshetra News: Kurukshetra Electric Buses: New look of Dharamnagari, city will be decorated in the theme of Mahabharata: कुरुक्षेत्र, हरियाणा की पवित्र भूमि, अब एक नए युग की ओर बढ़ रही है। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की हालिया बैठक में लिए गए फैसलों से यह धर्मनगरी जल्द ही आधुनिक और आध्यात्मिक केंद्र के रूप में चमकेगी।
कुरुक्षेत्र इलेक्ट्रिक बसें (Kurukshetra Electric Buses) शुरू होने जा रही हैं, जो 48 कोस के तीर्थ स्थलों को जोड़ेंगी। साथ ही, शहर में महाभारत की थीम पर सजाए गए प्रवेश द्वार और चौक पर्यटकों को आकर्षित करेंगे। यह कदम न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि कुरुक्षेत्र को वैश्विक आध्यात्मिक नगरी के रूप में स्थापित करेगा।
इलेक्ट्रिक बसें और महाभारत थीम: पर्यटन को नई दिशा Kurukshetra News
कुरुक्षेत्र में इलेक्ट्रिक बसें (Electric Buses) शुरू होने से तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को सुविधा होगी। ये बसें 48 कोस के तीर्थ स्थलों को कवर करेंगी, जिनमें हाल ही में शामिल हुए 18 नए तीर्थ भी होंगे। बसों में रूट मैप और दैनिक पास की सुविधा होगी, जो तीर्थ स्थलों पर प्रवेश के लिए भी मान्य होगा।
इसके अलावा, ज्योतिसर में सुदर्शन चक्र को भव्य लाइटिंग और श्रीकृष्ण की मूर्ति के साथ पुनर्निर्मित किया जाएगा। शहर के प्रवेश द्वार और चौक महाभारत की थीम (Mahabharata Theme) पर सजाए जाएंगे, जो कुरुक्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत करेंगे। ये बदलाव पर्यटकों को आकर्षित करने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेंगे।
48 कोस, 48 उत्सव: आध्यात्मिकता का उत्सव
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने 48 कोस में 48 उत्सव (48 Kos Festivals) आयोजित करने का फैसला किया है। इन उत्सवों में स्थानीय समुदाय और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी होगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में सांस्कृतिक और धार्मिक जागरूकता बढ़ेगी।
राज्यपाल बंडारु दत्तात्रेय ने कहा कि कुरुक्षेत्र को एक भव्य आध्यात्मिक नगरी (Spiritual City) के रूप में विकसित करने के लिए देशभर के विद्वानों को बोर्ड में शामिल करना चाहिए। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने गीता महोत्सव (Gita Mahotsav) को वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए जापान को ग्लोबल पार्टनर बनाने का सुझाव दिया। इन कदमों से कुरुक्षेत्र वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बनाएगा।
हरियाली और सौंदर्यीकरण: कुरुक्षेत्र का कायाकल्प
कुरुक्षेत्र को और आकर्षक बनाने के लिए ब्रह्मसरोवर के प्रवेश द्वार का नामकरण और ज्योतिसर तीर्थ के आसपास हरियाली (Greenery) बढ़ाने का फैसला हुआ है।
शहर में दीवारों पर पेंटिंग और रेलवे ब्रिज के पास गीता के श्लोक लिखे जाएंगे। ये बदलाव न केवल कुरुक्षेत्र की सुंदरता बढ़ाएंगे, बल्कि पर्यटकों को एक आध्यात्मिक अनुभव भी देंगे। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की यह पहल धर्म, संस्कृति और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाएगी।
कुरुक्षेत्र अब आधुनिक सुविधाओं और प्राचीन धरोहर का अनूठा संगम बनने जा रहा है। कुरुक्षेत्र इलेक्ट्रिक बसें (Kurukshetra Electric Buses) और महाभारत थीम के ये कदम इसे एक वैश्विक तीर्थ स्थल के रूप में स्थापित करेंगे।













