जीएमडीए ने ओल्ड गुरुग्राम में मेट्रो को रेलवे स्टेशन और द्वारका एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना बनाई है। इसके लिए जल्द ही फिजिबिलिटी स्टडी और सलाहकार की नियुक्ति की जाएगी।
गुरुग्राम. मिलेनियम सिटी गुरुग्राम के पुराने हिस्से यानी ओल्ड गुरुग्राम में रहने वाले लोगों के लिए एक बहुत बड़ी राहत की खबर आई है। अक्सर जाम और भीड़भाड़ से जूझने वाले इस इलाके की तस्वीर अब बदलने वाली है। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण यानी जीएमडीए ने शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है।
योजना के मुताबिक अब मेट्रो की कनेक्टिविटी को सीधे रेलवे स्टेशन तक ले जाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इससे न केवल दैनिक यात्रियों का समय बचेगा बल्कि शहर के अंदरूनी हिस्सों में लगने वाले जाम से भी मुक्ति मिलेगी।
रेलवे स्टेशन तक आसान होगी पहुंच
अब तक ओल्ड गुरुग्राम के रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के लिए लोगों को ऑटो या अपनी गाड़ी का सहारा लेना पड़ता था जिससे वे अक्सर जाम में फंस जाते थे। जीएमडीए के नए प्लान के तहत अब ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो रूट को रेलवे स्टेशन से जोड़ा जाएगा।
इतना ही नहीं इस मेट्रो लिंक को आगे द्वारका एक्सप्रेसवे तक ले जाने की भी योजना है। इसका सीधा फायदा यह होगा कि दिल्ली या नए गुरुग्राम से आने वाले लोग सीधे मेट्रो के जरिए रेलवे स्टेशन पहुंच सकेंगे। इसे ‘मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी’ की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
शुरू होगी फिजिबिलिटी स्टडी
जीएमडीए इस परियोजना को लेकर बेहद गंभीर है। इस प्लान को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए प्राधिकरण ने फिजिबिलिटी स्टडी यानी व्यवहार्यता अध्ययन कराने का फैसला लिया है।
सलाहकार की नियुक्ति: इसके लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया के जरिए एक विशेषज्ञ सलाहकार एजेंसी नियुक्त की जाएगी।
रूट का चयन: यह एजेंसी सर्वे करेगी कि मेट्रो को रेलवे स्टेशन और द्वारका एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए कौन सा रूट तकनीकी और आर्थिक रूप से सबसे सही रहेगा।
इंटरचेंज: अध्ययन में यह भी देखा जाएगा कि यात्रियों की सुविधा के लिए सबसे बेहतरीन इंटरचेंज पॉइंट कहां बनाया जा सकता है।
बुजुर्गों और पैदल यात्रियों का रखा जाएगा ख्याल
इस पूरे प्रोजेक्ट में केवल मेट्रो चलाने पर ही फोकस नहीं है बल्कि यात्रियों की सुविधाओं का भी पूरा खाका तैयार किया जाएगा। अध्ययन के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया जाएगा कि मेट्रो स्टेशन से रेलवे स्टेशन तक जाने के लिए पैदल यात्रियों को कोई परेशानी न हो। इसके लिए फुट ओवरब्रिज, एस्केलेटर और लिफ्ट लगाने की जगहों को चिह्नित किया जाएगा।
इससे बुजुर्गों, दिव्यांगों और महिलाओं को भारी सामान के साथ सीढ़ियां चढ़ने की मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षित रास्ता देने के लिए अलग अलग विकल्प तलाशे जाएंगे।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
शहरी मामलों के जानकारों का मानना है कि रेलवे स्टेशन को मेट्रो से जोड़ना किसी भी स्मार्ट सिटी के लिए बेहद जरूरी है। दिल्ली में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और मेट्रो की कनेक्टिविटी इसका सबसे अच्छा उदाहरण है।
अगर गुरुग्राम में यह प्लान सफल होता है तो इससे सड़कों पर निजी वाहनों का दबाव कम होगा और प्रदूषण में भी कमी आएगी। साथ ही ओल्ड गुरुग्राम के रियल एस्टेट मार्केट में भी बूम देखने को मिल सकता है।
पहले से चल रही है 3 एलिवेटेड कॉरिडोर की योजना
आपको बता दें कि ओल्ड गुरुग्राम को जाम मुक्त बनाने के लिए सरकार पहले ही 3 एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की योजना पर काम कर रही है। अब मेट्रो का विस्तार होने से शहर को ‘डबल इंजन’ की रफ्तार मिलेगी। आने वाले कुछ सालों में ओल्ड गुरुग्राम का यातायात सिस्टम पूरी तरह से हाईटेक हो जाएगा।












