हरियाणा सरकार ने 1 जनवरी 2026 से बाह्य विकास शुल्क (EDC) में 10 प्रतिशत की वृद्धि की है। इससे गुरुग्राम, सोनीपत और पूरे एनसीआर में प्रॉपर्टी के दाम बढ़ेंगे।
अंबाला. हरियाणा में अपना आशियाना बनाने का सपना देख रहे लोगों को नए साल में महंगाई का एक और झटका लगा है। प्रदेश की नायब सिंह सैनी सरकार ने बाह्य विकास शुल्क यानी ईडीसी (EDC) में 10 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी कर दी है।
इस फैसले का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ने वाला है। नए आदेश 1 जनवरी 2026 से प्रभावी हो गए हैं। इसका मतलब यह है कि अब गुरुग्राम, फरीदाबाद और पंचकूला जैसे शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतें और भी ज्यादा बढ़ने वाली हैं।
क्या होता है ईडीसी और क्यों बढ़े दाम
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि आखिर यह ईडीसी क्या बला है। ईडीसी का मतलब एक्सटर्नल डेवलपमेंट चार्जेस होता है। जब भी कोई बिल्डर नई कॉलोनी या सोसायटी बनाता है तो सरकार उससे यह शुल्क वसूलती है। इस पैसे का इस्तेमाल प्रोजेक्ट के बाहर सड़क, बिजली, पानी, सीवरेज और ड्रेनेज जैसी मूलभूत सुविधाएं विकसित करने के लिए किया जाता है।
अब सरकार ने बिल्डरों से लिए जाने वाले इस शुल्क को बढ़ा दिया है। जाहिर है कि बिल्डर इस बढ़े हुए खर्च को अपनी जेब से नहीं भरेंगे बल्कि वे इसे फ्लैट या प्लॉट की कीमत में जोड़कर खरीदारों से ही वसूलेंगे।
गुरुग्राम में सबसे ज्यादा असर
मिलेनियम सिटी गुरुग्राम में प्रॉपर्टी के दाम पहले ही आसमान छू रहे हैं और अब इस फैसले से आग में घी डालने का काम हुआ है।
प्लॉटेड कॉलोनी: गुरुग्राम के हाई डिमांड वाले इलाकों में प्लॉटेड कॉलोनियों के लिए ईडीसी दर बढ़ाकर लगभग 1.37 करोड़ रुपये प्रति एकड़ कर दी गई है।
ग्रुप हाउसिंग: वहीं ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों के लिए यह दर और भी ज्यादा है। 400 पीपीए (प्रति एकड़ आबादी घनत्व) वाली कॉलोनियों के लिए 5.49 करोड़ रुपये प्रति एकड़ और 300 पीपीए के लिए 4.12 करोड़ रुपये प्रति एकड़ की दर तय की गई है।
सोहना और ग्वाल पहाड़ी: इन उभरते हुए इलाकों में भी प्लॉटेड कॉलोनियों का रेट 1.23 करोड़ रुपये प्रति एकड़ हो गया है।
सोनीपत और पानीपत का हाल
नेशनल हाईवे पर स्थित होने के कारण सोनीपत और पानीपत को हाई पोटेंशियल जोन टू में रखा गया है। यहां भी दरों में इजाफा हुआ है।
यहां प्लॉटेड कॉलोनियों के लिए ईडीसी 96 लाख रुपये प्रति एकड़ तय की गई है।
ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के लिए यह दर 3.84 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक पहुंच गई है।
पंचकूला में आवासीय प्लॉटेड कॉलोनियों के लिए यह दर 39 लाख रुपये प्रति एकड़ रखी गई है।
हिसार रोहतक और अंबाला की स्थिति
सरकार ने मध्यम संभावना वाले क्षेत्रों को भी नहीं बख्शा है। अंबाला, कुरुक्षेत्र, बहादुरगढ़, हिसार, रोहतक, रेवाड़ी, पलवल और यमुनानगर जैसे शहरों में भी विकास शुल्क बढ़ाया गया है।
इन शहरों में प्लॉटेड कॉलोनियों के लिए ईडीसी 82 लाख रुपये प्रति एकड़ निर्धारित की गई है। वहीं ग्रुप हाउसिंग के लिए यह दर 3.29 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक रहेगी।
FAQ’s
प्रश्न: ईडीसी (EDC) क्या होता है?
उत्तर: ईडीसी का मतलब बाह्य विकास शुल्क (External Development Charges) है जो सरकार बिल्डरों से परियोजना के आसपास सड़क, पानी और सीवरेज जैसी सुविधाएं विकसित करने के लिए लेती है।
प्रश्न: ईडीसी बढ़ने से आम आदमी पर क्या असर होगा?
उत्तर: ईडीसी बढ़ने से प्रोजेक्ट की लागत बढ़ेगी और बिल्डर इस खर्च को प्रॉपर्टी की कीमत में जोड़ देंगे जिससे घर खरीदारों के लिए फ्लैट या प्लॉट महंगे हो जाएंगे।
प्रश्न: बढ़ी हुई दरें कब से लागू हुई हैं?
उत्तर: हरियाणा सरकार द्वारा बढ़ाई गई नई ईडीसी दरें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी हो गई हैं।
प्रश्न: गुरुग्राम में नई दरें क्या हैं?
उत्तर: गुरुग्राम के प्रमुख इलाकों में प्लॉटेड कॉलोनियों के लिए ईडीसी लगभग 1.37 करोड़ रुपये प्रति एकड़ और ग्रुप हाउसिंग के लिए 5.49 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक पहुंच गई है।
रियल एस्टेट जानकारों का मानना है कि इस फैसले से अफोर्डेबल हाउसिंग यानी सस्ते घरों के प्रोजेक्ट्स पर सबसे बुरा असर पड़ेगा। पहले से ही निर्माण सामग्री महंगी होने के कारण बिल्डर परेशान थे और अब सरकारी शुल्क बढ़ने से प्रोजेक्ट की लागत 5 से 8 प्रतिशत तक बढ़ सकती है। इसका अंतिम बोझ घर खरीदारों पर ही आएगा और मध्यम वर्ग के लिए घर खरीदना और मुश्किल हो जाएगा।













