ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Omaxe Greens Society Ambala: ओमेक्स ग्रीन्स सोसाइटी में फिर हुआ बढ़े हुए शुल्क पर बवाल

On: अप्रैल 23, 2025 4:27 अपराह्न
Follow Us:
Omaxe Greens Society Ambala: ओमेक्स ग्रीन्स सोसाइटी में फिर हुआ बढ़े हुए शुल्क पर बवाल
Join WhatsApp Group

Omaxe Greens Society Ambala There was a ruckus again in Omaxe Greens Society over increased fees: अंबाला। अंबाला के साथ लगती ग्राम झरमरी लालड़ू स्थित एक बार फिर मेंटिनेंस और पावर बैकअप को लेकर स्थानीय निवासियों और कंपनी फैसिलिटी प्लस जो कि ओमेक्स ग्रीन की कंपनी है के बीच बवाल हुआ। कंपनी ने आर. डब्ल्यू से बिना विचार विमर्श किये मेंटिनेंस को 1.20 पैसे प्रति स्क्वायर फीट से बढ़ा कर 1.70 पैसे और पावर बैकअप शुल्क को 14 रुपए प्रति यूनिट से बढ़ा कर 25 रुपए करने का नोटिस ओमेक्स निवासियों को थमा दिया। ज्ञात हो कि 2 साल पहले भी इसी तरह की वृद्धि का नोटिस ओमेक्स निवासियों को थमाया गया था और निवासियों ने लगातार एक महीने तक धरना प्रदर्शन किया था।

बिना पूरी सुविधाएं दिए जिसके पैसे कंपनी पहले ही निवासियों से वसूल चुकी : निवासी  Omaxe Greens Society Ambala

निवासियों का कहना था कि बिना पूरी सुविधाएं दिए जिसके पैसे कंपनी पहले ही निवासियों से वसूल चुकी है, दरों में वृद्धि करना जायज़ नहीं है। अंततः कंपनी को झुकना पड़ा था और वृद्धि को वापिस लेना पड़ा था। अब फिर कंपनी ने बेतहाशा वृद्धि का नोटिस लोगों को थमा दिया है परंतु मूलभूत सुविधाओं की समस्याएं जस की तस हैं। कंपनी ने उन समस्याओं के ऊपर दो सालों में कोई ध्यान नहीं दिया। ना ही लोगों को पार्किंग प्रदान की गई है, ना ग्रीन एरिया पूरा किया गया है, ना एस टी पी चालू है, ना क्लब चालू है, जनरेटर सेट पूरे नहीं है, सोलर पावर सिस्टम नहीं है, पानी के मीटर नहीं है। इस तरह की बहुत सी समस्याएं व्याप्त है जिसका कोई हल ओमेक्स कंपनी निवासियों को नहीं दे रही है।

मनोहर की दस्तक के पीछे ‘तोशाम कनेक्शन’! श्रुति-किरण के हलके से आई शिकायत ने बढ़ाई संगठन की चिंता
मनोहर की दस्तक के पीछे ‘तोशाम कनेक्शन’! श्रुति-किरण के हलके से आई शिकायत ने बढ़ाई संगठन की चिंता

खर्चे का ब्यौरा भी नोटिस

कंपनी द्वारा आय और खर्चे का ब्यौरा भी नोटिस के साथ दिया गया जिसमें जम कर धांधली की जा रही है। खर्चे में दिखाया गया कि कंपनी मासिक एक लाख रुपए सिर्फ प्रिंटिंग और कागज़ पर खर्च करती है, सत्तर हजार रुपए बैंक चार्जेस देती है, बीस हजार रुपए एम्प्लाइज बेनिफिट पर खर्च करती है जबकि अधिकतर कर्मचारी ठेके पर हैं, इसी तरह बिजली के बिलों में भी गोलमाल दिखाई देता है। अक्टूबर 2024 का कुल बिजली का बिल लगभग 30 लाख जबकि नवंबर 2024 का बिजली का बिल 19 लाख बताया गया है।

एक ही महीने में बिजली का बिल 11 लाख कैसे घट गया? साफ सफाई का बिल मासिक चार लाख के आस पास बताया गया है जो कि सच्चाई से कोसों दूर लगता है। इस बाबत आज सैकड़ों ओमेक्स निवासियों ने गलत आंकड़े देने और शुल्क वृद्धि के विरोध में कंपनी के स्थानीय प्रबंधक श्री अभय तिवारी को एक ज्ञापन दिया और शुल्क वृद्धि तुरंत वापिस लेने के साथ साथ सच्चे ऑडिटेड आंकड़े देने के लिए कहा।

फरीदाबाद के वाहन चालकों को बड़ी राहत, बल्लभगढ़ में जाम से बचने के लिए हाईवे पर बना नया कट
फरीदाबाद के वाहन चालकों को बड़ी राहत, बल्लभगढ़ में जाम से बचने के लिए हाईवे पर बना नया कट

ओमेक्स निवासी पहले की तरह आंदोलन,कंपनी का पूर्ण बहिष्कार करेंगे : निवासी 

निवासियों ने यह चेतावनी भी दी है कि यदि गलत और बेबुनियाद आंकड़ों के दम पर और सारी मूलभूत सुविधाएं दिए बिना यदि कंपनी बलपूर्वक शुल्क वृद्धि करती है तो ओमेक्स निवासी पहले की तरह आंदोलन, धरने और कैंडल मार्च करने से भी गुरेज नहीं करेंगे और कंपनी का पूर्ण बहिष्कार करेंगे।

आर डब्ल्यू ए के उप प्रधान डॉ विनय गोयल ने बताया कि कंपनी ने आर डब्ल्यू ऐ से बिना कोई परामर्श किए निवासियों के ऊपर यह शुल्क वृद्धि थोपी है और आर डब्ल्यू ऐ इसके कानूनी विकल्प भी देख रही है। डा विनय गोयल ने यह भी बताया कि कंपनी झूठे और बिना ऑडिट आंकड़ों के दम पर मनमाने रूप से वृद्धि करना चाहती है जो कि सरासर गलत है। इसे रोकने के लिए आर डब्ल्यू ऐ निवासियों के साथ खड़ी है।

पानीपत में ट्रैफिक जाम कम करने की तैयारी, एलिवेटेड हाईवे के नीचे बनेगी नई स्लिप रोड
पानीपत में ट्रैफिक जाम कम करने की तैयारी, एलिवेटेड हाईवे के नीचे बनेगी नई स्लिप रोड

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment