ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Panchkula Raksha Bandhan Shubh Muhurat: पंचकुला में राखी बांधने का शुभ मुहूर्त और भद्रा काल की सारी जानकारी

On: August 8, 2025 10:03 AM
Follow Us:
Panchkula Raksha Bandhan Shubh Muhurat: पंचकुला में राखी बांधने का शुभ मुहूर्त और भद्रा काल की सारी जानकारी
Join WhatsApp Group

Panchkula Raksha Bandhan Shubh Muhurat time 2025: रक्षा बंधन का त्योहार भाई-बहन के प्यार और विश्वास का अनमोल पर्व है, जो हर साल बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह पर्व श्रावण मास की पूर्णिमा को आता है और 2025 में यह 9 अगस्त को मनाया जाएगा।

इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और खुशहाली की कामना करती हैं। लेकिन राखी बांधने का सही समय यानी शुभ मुहूर्त जानना बहुत जरूरी है, ताकि यह रस्म पूरी श्रद्धा के साथ हो। आइए, पंचकुला में रक्षा बंधन 2025 के शुभ मुहूर्त और भद्रा काल की पूरी जानकारी आपको आसान भाषा में बताते हैं।

Panchkula Raksha Bandhan Shubh Muhurat: तारीख और महत्व

9 अगस्त 2025 को रक्षा बंधन का पर्व मनाया जाएगा। यह दिन श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को आता है, जिसे हिंदू धर्म में बहुत पवित्र माना जाता है।

इस त्योहार में बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और भाई अपनी बहनों को सुरक्षा और प्यार का वचन देते हैं। यह पर्व न सिर्फ धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह परिवारों में एकता और प्यार को भी बढ़ाता है।

राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

फरीदाबाद के वाहन चालकों को बड़ी राहत, बल्लभगढ़ में जाम से बचने के लिए हाईवे पर बना नया कट
फरीदाबाद के वाहन चालकों को बड़ी राहत, बल्लभगढ़ में जाम से बचने के लिए हाईवे पर बना नया कट

पंचांग के अनुसार, 9 अगस्त 2025 को पूर्णिमा तिथि सुबह 6:30 बजे शुरू होगी और अगले दिन सुबह 5:45 बजे तक रहेगी। पंचकुला में राखी बांधने का सबसे शुभ समय सुबह 9:15 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक रहेगा।

इस दौरान भद्रा काल नहीं होगा, जो राखी बांधने के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है। अगर आप इस समय के बाद राखी बांधना चाहते हैं, तो शाम 6:00 बजे से रात 8:45 बजे तक का समय भी शुभ रहेगा।

भद्रा काल से रहें सावधान

हिंदू शास्त्रों के अनुसार, भद्रा काल में शुभ कार्य करने से बचना चाहिए। 9 अगस्त 2025 को भद्रा काल सुबह 6:30 बजे से 8:45 बजे तक रहेगा।

इस समय राखी बांधने से बचें, क्योंकि यह समय शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं है। भद्रा काल खत्म होने के बाद ही राखी की रस्म शुरू करें, ताकि यह पवित्र कार्य बिना किसी रुकावट के पूरा हो।

पानीपत में ट्रैफिक जाम कम करने की तैयारी, एलिवेटेड हाईवे के नीचे बनेगी नई स्लिप रोड
पानीपत में ट्रैफिक जाम कम करने की तैयारी, एलिवेटेड हाईवे के नीचे बनेगी नई स्लिप रोड

रक्षा बंधन की तैयारी और परंपराएं

रक्षा बंधन की तैयारियां बहनें बड़े जोश के साथ करती हैं। इस दिन रंग-बिरंगी राखियां, मिठाइयां और उपहार खरीदे जाते हैं। राखी बांधने से पहले बहनें एक थाली सजाती हैं, जिसमें रोली, चंदन, अक्षत, राखी और मिठाई होती है।

राखी बांधते समय बहनें भाई के माथे पर तिलक लगाती हैं, उनकी आरती उतारती हैं और फिर राखी बांधती हैं। भाई अपनी बहनों को उपहार और आशीर्वाद देते हैं, जिससे यह पल और भी यादगार बन जाता है।

रक्षा बंधन का खास महत्व

रक्षा बंधन सिर्फ एक धागे का बंधन नहीं, बल्कि प्यार, विश्वास और जिम्मेदारी का प्रतीक है। यह त्योहार हमें परिवार के महत्व को याद दिलाता है और भाई-बहन के रिश्ते को और मजबूत करता है।

छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी, हरियाणा रोडवेज और इलेक्ट्रिक बसों में 150 KM तक का सफर बिल्कुल मुफ्त
छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी, हरियाणा रोडवेज और इलेक्ट्रिक बसों में 150 KM तक का सफर बिल्कुल मुफ्त

2025 में पंचकुला में इस पर्व को शुभ मुहूर्त में मनाकर आप अपने भाई-बहन के रिश्ते को और खास बना सकते हैं। तो इस बार सही समय का ध्यान रखें और रक्षा बंधन को पूरे उत्साह के साथ मनाएं।

अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment