हरियाणा परिवहन विभाग ने श्रद्धालुओं और आम यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हिसार से खाटूश्याम के बीच एक नई सीधी बस सेवा शुरू की है। इस फैसले से हिसार और आसपास के जिलों से बाबा श्याम के दर्शन के लिए जाने वाले लोगों का सफर अब पहले से ज्यादा सरल और किफायती हो गया है।
यह सेवा कब और क्यों शुरू की गई, इसका रूट क्या है और यात्रियों को इससे क्या फायदा होगा, आइए विस्तार से समझते हैं।
यात्रियों की मांग पर लिया गया फैसला
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, खाटूश्याम जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही थी। खासतौर पर फाल्गुन मेले और सप्ताहांत पर यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था।
अब तक यात्रियों को
• निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता था
• राजस्थान रोडवेज की बस बदलनी पड़ती थी
• समय और किराया दोनों ज्यादा लगते थे
इन समस्याओं को देखते हुए हिसार रोडवेज डिपो से सीधी बस सेवा को मंजूरी दी गई।
बस का रूट और किराया
यह बस हरियाणा और राजस्थान के कई प्रमुख कस्बों को जोड़ते हुए खाटूश्याम पहुंचेगी। इससे बीच के इलाकों के यात्रियों को भी सीधा फायदा मिलेगा।
बस रूट
• हिसार
• सिवानी
• सादुलपुर
• चुरू
• फतेहपुर
• सीकर
• खाटूश्याम
प्रति यात्री किराया लगभग 290 रुपये तय किया गया है, जो निजी साधनों की तुलना में काफी किफायती माना जा रहा है।
खाटूश्याम एक्सप्रेस की समय सारणी
नई बस सेवा को इस तरह से समयबद्ध किया गया है कि श्रद्धालु आराम से दर्शन कर सकें।
आने जाने का समय
• हिसार बस स्टैंड से प्रस्थान समय दोपहर 02.27 बजे
• खाटूश्याम से वापसी समय सुबह 08.40 बजे
इस व्यवस्था से यात्री रात में ठहरकर सुबह दर्शन करने के बाद उसी बस से लौट सकेंगे।
श्रद्धालुओं के लिए क्यों है यह सेवा अहम
यात्रा विशेषज्ञों का मानना है कि सीधी बस सेवाएं धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देती हैं। इससे
• यात्रा का तनाव कम होता है
• खर्च नियंत्रित रहता है
• बुजुर्ग और परिवार के साथ यात्रा आसान बनती है
परिवहन विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक, आने वाले समय में श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए बसों की संख्या भी बढ़ाई जा सकती है।
आगे क्या हो सकता है
यदि इस सेवा को अच्छा रिस्पॉन्स मिलता है, तो
• अतिरिक्त ट्रिप शुरू की जा सकती हैं
• मेले के दौरान विशेष बसें चलाई जा सकती हैं
• अन्य धार्मिक स्थलों के लिए भी सीधी सेवाएं जोड़ी जा सकती हैं
यह पहल न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगी, बल्कि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगी।













