Sonipat News, सिटी रिपोर्टर | सोनीपत : रेबीज को लेकर स्वास्थ्य विभाग लोगों को जागरूक करेगा। यह अभियान वर्ष के अंत तक चलेगा। क्षेत्र में हर दिन 45 से 50 लोग बंदर, बिल्ली, कुत्ते द्वारा काटे जा रहे हैं। लेकिन इलाज कैसे लें, इसकी जानकारी काफी लोगों को नहीं। कई बार तो लोग यह मानकर भी इलाज नहीं लेते की उन्हें काटा नहीं बल्कि खरोंच मारी है।
जबकि खरोंच मारने पर भी रेबीज हो सकता है। ऐसे में हर व्यक्ति को रेबीज को लेकर जागरूक होना होगा। बता दें कि क्षेत्र से हर दिन कई लोग नागरिक अस्पताल में रेबीज का इंजेक्शन लगवाने आ रहे हैं। लेकिन अभी भी काफी लोग अंधविश्वास के चलते इलाज लेने से बचते हैं।
टीकाकरण और आंकड़े
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल जनवरी से जून तक रेबीज से बचाव के लिए टीकाकरण का आंकड़ा इस प्रकार है: जनवरी में 946, फरवरी में 892, मार्च में 691, अप्रैल में 869, मई में 944 और जून में 749 मरीजों को टीका लगाया गया। नागरिक अस्पताल और बीपीएस खानपुर में निःशुल्क टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध है। लोग अंधविश्वास के चलते घाव पर मिर्च या सरसों का तेल लगाते हैं, जो गलत है और स्थिति को और खराब कर सकता है।
यह सावधानी बरतें
कुत्ता, बिल्ली, बंदर यदि काटता है तो घाव वाली जगह को साबुन ओर बहते साफ पानी से तुंरत साफ करें। स्प्रिंट या घरेलू एंटीसेप्टिक का इस्तेमाल करें।
एंटी रेबीज क्लीनिक जाएं। यहां चिकित्सक से परामर्श लेकर टीकाकरण कराएं। नागरिक अस्पताल, बीपीएस खानपुर में निःशुल्क टीकाकरण होता है।
नागरिक अस्पताल सोनीपत के डॉ. शेलेन्द्र राणा ने बताया कि कई बार जानवर गहरा काट लेता है। ऐसे केस में तुरंत इलाज की जगह लोग घाव पर मिर्च, सरसों का तेल लगाते हैं। रेबीज से बचाव के लिए तुंरत इलाज लेना जरूरी है। यदि समय पर इलाज न लिया जाए तो रेबीज एक जानलेवा बीमारी है। डॉक्टर के पास 24 घंटे में जाना जरूरी है। जानवर यदि खरोंच भी मारता है तो डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।













