Spying for Pakistan: Spying racket in Haryana Nuh: Revealed by arrest: हरियाणा के नूंह जिले में पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क (espionage network) के खिलाफ एक और सनसनीखेज कार्रवाई ने सबको चौंका दिया है। तावडू उपमंडल के गांव कांगरका से मोहम्मद तारीफ पुत्र हनीफ की गिरफ्तारी ने जासूसी की गहरी साजिश को उजागर किया है।
यह नूंह में दो दिनों के भीतर दूसरी और इस नेटवर्क में सातवीं गिरफ्तारी (arrest) है। हरियाणा पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों की इस त्वरित कार्रवाई ने न केवल एक बड़े खतरे को रोका, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा (national security) के प्रति उनकी सतर्कता को भी दर्शाया है। आइए, इस लेख में हम इस जासूसी मामले की हर परत को खोलते हैं और जानते हैं कि कैसे यह नेटवर्क देश के लिए खतरा (threat) बन रहा था।
हरियाणा नूंह में जासूसी रैकेट का पर्दाफाश Spying for Pakistan
नूंह के तावडू थाना क्षेत्र में स्थित गांव कांगरका से हरियाणा पुलिस ने मोहम्मद तारीफ को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार (arrest) किया है। यह कार्रवाई 19 मई 2025 को हुई, जो दो दिन पहले राजाका गांव से अरमान की गिरफ्तारी के बाद की गई दूसरी बड़ी सफलता है।
पुलिस ने तारीफ के कब्जे से एक मोबाइल फोन बरामद किया, जिसमें पाकिस्तानी नंबरों से चैट, फोटो, और संवेदनशील जानकारी (sensitive information) के सबूत मिले। जांच में पता चला कि तारीफ दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग के कर्मचारियों आसिफ बलोच और जाफर के संपर्क (contact) में था, जिनके खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। यह खुलासा देश की सुरक्षा के लिए एक गंभीर चेतावनी है।
पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क की गहरी जड़ें
हरियाणा पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों ने इस जासूसी नेटवर्क (espionage network) को तोड़ने के लिए लगातार कार्रवाई की है। नूंह में यह सातवीं गिरफ्तारी है, जो दर्शाती है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) भारत में अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रही है।
तारीफ पर आरोप है कि वह भारतीय सेना और वायुसेना की गतिविधियों से जुड़ी गोपनीय जानकारी (confidential information) व्हाट्सएप के जरिए पाकिस्तान भेज रहा था। पुलिस ने उसके मोबाइल से डिलीट किए गए डेटा को रिकवर कर कई अहम सबूत जुटाए हैं। यह नेटवर्क न केवल स्थानीय स्तर पर सक्रिय था, बल्कि दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग के कर्मचारियों के साथ भी जुड़ा हुआ था।
कानूनी कार्रवाई और गंभीर धाराएं
नूंह पुलिस ने तारीफ और पाकिस्तान उच्चायोग के दो कर्मचारियों, आसिफ बलोच और जाफर, के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (Indian Penal Code), ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट, 1923 (Official Secrets Act), और देशद्रोह (sedition) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
तारीफ को अदालत में पेश किया गया, जहां उसे पुलिस रिमांड (police custody) पर भेज दिया गया। पुलिस उससे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है और कितनी संवेदनशील जानकारी (sensitive information) पहले ही लीक हो चुकी है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसियां फूंक-फूंककर कदम उठा रही हैं।
तारीफ की गतिविधियां और पाकिस्तान कनेक्शन
जांच में सामने आया कि तारीफ करीब छह महीने पहले अपने पिता के साथ पाकिस्तान गया था, जहां उसने कुछ संदिग्ध लोगों से संपर्क (contact) स्थापित किया।
भारत लौटने के बाद वह व्हाट्सएप के जरिए लगातार इन लोगों से जुड़ा रहा। वह वीजा दिलाने के बहाने लोगों से संपर्क करता और इस दौरान गोपनीय जानकारी एकत्र करता था। तारीफ ने पहले आसिफ बलोच को जानकारी भेजी, और उनके तबादले के बाद जाफर से संपर्क साधा। इसके बदले उसे आर्थिक लाभ (financial benefit) भी मिल रहा था। पुलिस ने उसके मोबाइल से सेना की गतिविधियों की तस्वीरें और वीडियो बरामद किए, जो उसने पाकिस्तानी एजेंटों को भेजे थे।
हरियाणा में जासूसी के खिलाफ सख्ती
हरियाणा में हाल के दिनों में जासूसी के कई मामले सामने आए हैं। ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के बाद से सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
नूंह, पानीपत, हिसार, और कैथल जैसे जिलों से अब तक कई संदिग्ध जासूस पकड़े जा चुके हैं। इनमें से कई युवा हैं, जिनकी उम्र 20 से 35 साल के बीच है। यह चिंता का विषय है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियां युवाओं को निशाना बना रही हैं। हरियाणा पुलिस की त्वरित कार्रवाई और केंद्रीय एजेंसियों का सहयोग इस नेटवर्क को तोड़ने में अहम साबित हो रहा है।
जनता के लिए सतर्कता की अपील
इस जासूसी रैकेट के खुलासे ने आम लोगों के लिए भी एक सबक दिया है। सोशल मीडिया और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग देश की सुरक्षा के लिए खतरा (threat) बन सकता है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अनजान लोगों के साथ संवेदनशील जानकारी साझा करने से बचें। अगर कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आए, तो तुरंत स्थानीय पुलिस या हेल्पलाइन नंबर 112 पर संपर्क करें। यह सतर्कता न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा (national security) के लिए भी जरूरी है।
सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता
हरियाणा के नूंह में जासूसी रैकेट की यह सनसनीखेज गिरफ्तारी (arrest) देश की सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता और सतर्कता का प्रमाण है। मोहम्मद तारीफ की गिरफ्तारी ने पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क (espionage network) की गहरी जड़ों को उजागर किया है।
हरियाणा पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों की यह कार्रवाई न केवल एक बड़े खतरे को रोकने में सफल रही, बल्कि यह भी दिखाती है कि देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। जनता को भी चाहिए कि वे इस तरह की गतिविधियों के प्रति सजग रहें और देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने में सहयोग करें।













