Strictness on falling sex ratio in Haryana No lottery for illegal MTP kit sale: हरियाणा में गिरते लिंगानुपात को रोकने के लिए सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। अवैध रूप से मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी (एमटीपी) किट बेचने वालों पर अब शिकंजा कसेगा। नए कानून के तहत यह संज्ञेय अपराध होगा, जिसमें बिना वारंट गिरफ्तारी और कम से कम तीन साल की सजा का प्रावधान होगा। स्वास्थ्य विभाग की सख्ती और हाल की कार्रवाइयों से अवैध किट बिक्री पर लगाम लगाने की कोशिश हो रही है। आइए, इस महत्वपूर्ण पहल की पूरी जानकारी जानते हैं।
गिरता लिंगानुपात और अवैध गर्भपात Strictness on falling sex ratio
हरियाणा में पिछले कुछ सालों से लिंगानुपात में गिरावट चिंता का विषय बनी हुई है। 2019 में यह 923 था, जो 2024 में घटकर 910 हो गया। अवैध गर्भपात, खासकर एमटीपी किट की अनधिकृत बिक्री, इस गिरावट का एक बड़ा कारण माना जा रहा है। पड़ोसी राज्यों से जुड़ी सीमाओं के कारण एमटीपी किट आसानी से हरियाणा में पहुंच रही हैं। सरकार ने इसे रोकने के लिए एमटीपी किट की बिक्री को केवल स्वीकृत सेंटर्स और क्लीनिक तक सीमित किया है, लेकिन अवैध बिक्री अभी भी जारी है।
कानून में सख्त बदलाव
वर्तमान में एमटीपी अधिनियम और ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट में अवैध एमटीपी किट बिक्री के लिए सजा का प्रावधान कमजोर है। किट बेचना तब तक अपराध नहीं माना जाता, जब तक यह साबित न हो कि इसका इस्तेमाल गर्भपात के लिए हुआ। इस कमजोरी के कारण कई आरोपी आसानी से जमानत पा लेते हैं। अब हरियाणा सरकार कानून में संशोधन कर रही है, जिसके तहत अवैध एमटीपी किट बिक्री को संज्ञेय अपराध बनाया जाएगा। इससे पुलिस बिना वारंट गिरफ्तारी कर सकेगी, और दोषियों को कम से कम तीन साल की सजा होगी। यह प्रस्ताव स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल के निर्देश पर तैयार किया जा रहा है।
सख्त कार्रवाइयां और चुनौतियां
पिछले दो महीनों में सरकार ने अवैध एमटीपी किट बिक्री के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। 28 जगहों पर छापेमारी हुई, 17 एफआईआर दर्ज की गईं, और 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया। चार केमिस्ट शॉप के लाइसेंस रद्द किए गए, और 300 से ज्यादा एमटीपी सेंटर्स का पंजीकरण रद्द हुआ, क्योंकि वे गर्भपात के आंकड़े और स्त्री रोग विशेषज्ञों की जानकारी देने में विफल रहे। 23 सेंटर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। हालांकि, ऑनलाइन किट बिक्री के मामलों में सबूत जुटाना चुनौती बना हुआ है। उदाहरण के लिए, गुरुग्राम में एक ऑनलाइन विक्रेता को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया, लेकिन अदालत में सबूतों की कमी के कारण उसे जमानत मिल गई।
ऑनलाइन बिक्री पर नकेल
ऑनलाइन एमटीपी किट बिक्री भी एक बड़ी समस्या है। हाल ही में गुरुग्राम के ड्रग कंट्रोलर ने फर्जी ग्राहक बनकर एक ऑनलाइन विक्रेता को पकड़ा। ड्रग कंट्रोल की शिकायत पर 11 फरवरी 2025 को दिल्ली से विक्रेता के खिलाफ मामला दर्ज हुआ, लेकिन अदालत में पुलिस यह साबित नहीं कर सकी कि किट का इस्तेमाल गर्भपात के लिए हुआ। इस तरह की कमजोरियां कानून को और सख्त करने की जरूरत को दर्शाती हैं। सरकार अब ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह की अवैध बिक्री पर नजर रख रही है।
समाज और प्रशासन की जिम्मेदारी
यह कानून संशोधन न केवल लिंगानुपात को सुधारने में मदद करेगा, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को भी सुनिश्चित करेगा। अवैध गर्भपात से कई बार गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा होते हैं। समाज को भी जागरूक होकर ऐसी गतिविधियों की सूचना प्रशासन को देनी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस को मिलकर ऐसी व्यवस्था बनानी होगी, जिसमें सबूत जुटाना आसान हो और दोषियों को सजा मिले।
लोगों के लिए सुझाव
अगर आप एमटीपी किट खरीदना चाहते हैं, तो केवल सरकार द्वारा स्वीकृत सेंटर्स या क्लीनिक से ही लें। बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन के किट खरीदना या बेचना गैरकानूनी है। अवैध बिक्री की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस या स्वास्थ्य विभाग को दें। गर्भपात से संबंधित कोई निर्णय लेने से पहले स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लें। अगर आप किसी अनधिकृत सेंटर या ऑनलाइन विक्रेता को देखते हैं, तो हेल्पलाइन नंबर 104 या 112 पर शिकायत दर्ज करें।
लिंगानुपात सुधार की उम्मीद
हरियाणा सरकार का यह कदम लिंगानुपात में सुधार और अवैध गर्भपात पर रोक लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। सख्त कानून और प्रभावी कार्रवाइयां समाज में जागरूकता बढ़ाएंगी और महिलाओं के स्वास्थ्य को सुरक्षित करेंगी। यह परिवर्तन हरियाणा के भविष्य को और संतुलित बनाने में मदद करेगा।












