Subdermal Contraceptive Implant: Women’s tension in Rajasthan is over! Sub dermal implant is contraceptive for 3 years, know the complete truth! जयपुर | राजस्थान की महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी! अब परिवार नियोजन के लिए नसबंदी की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकार ने एक आधुनिक और सुरक्षित गर्भनिरोधक उपाय शुरू किया है, जिसे सब डर्मल कॉन्ट्रासेप्टिव इम्प्लांट कहते हैं।
यह इम्प्लांट महिलाओं को अनचाहे गर्भ से 3 साल तक 99.99% सुरक्षा देता है। यह नई तकनीक महिलाओं को आसान और दर्दरहित तरीके से परिवार नियोजन का विकल्प दे रही है। आइए जानते हैं इसकी पूरी जानकारी!
क्या है सब डर्मल इम्प्लांट? Subdermal Contraceptive Implant
सब डर्मल इम्प्लांट एक 4 सेंटीमीटर लंबी और 2 मिलीमीटर चौड़ी पतली, लचीली रबर जैसी स्टिक है। इसे महिला की बांह की त्वचा के नीचे, कोहनी के थोड़ा ऊपर, बेहद आसान प्रक्रिया से लगाया जाता है। दाएं हाथ से काम करने वाली महिलाओं में इसे बाएं हाथ में और बाएं हाथ से काम करने वालों में दाएं हाथ में लगाते हैं।
यह प्रक्रिया सिर्फ 5 मिनट में पूरी हो जाती है और इसमें न तो टांके लगते हैं, न ऑपरेशन होता है, न ही बेहोशी की जरूरत पड़ती है। सबसे खास बात, यह पूरी तरह दर्दरहित है!
यह इम्प्लांट कैसे काम करता है? Subdermal Contraceptive Implant
यह इम्प्लांट धीरे-धीरे इटोनोजेस्ट्रल नामक हार्मोन छोड़ता है, जो प्रोजेस्टेरोन की तरह काम करता है। इससे अंडाणु बनने की प्रक्रिया रुक जाती है, गर्भाशय की परत मोटी नहीं होती और गर्भधारण की संभावना खत्म हो जाती है।
खास बात यह है कि जब चाहें इसे निकलवाया जा सकता है और इसके बाद प्रजनन क्षमता पर कोई असर नहीं पड़ता। यानी यह एक रिवर्सिबल और महिला-केंद्रित उपाय है।
किन्हें बरतनी होगी सावधानी?
यह इम्प्लांट ज्यादातर महिलाओं के लिए सुरक्षित है, लेकिन माइग्रेन, लिवर रोग या ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित महिलाओं के लिए यह उपयुक्त नहीं है।
शुरुआती कुछ महीनों में 20% महिलाओं को माहवारी में अनियमितता या हल्का वजन बढ़ने की शिकायत हो सकती है, लेकिन ये साइड इफेक्ट्स अस्थायी हैं।
राजस्थान में पायलट प्रोजेक्ट
भारत सरकार ने इस इम्प्लांट को राजस्थान के जयपुर, जोधपुर और उदयपुर में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया है। अब तक 2500 से ज्यादा महिलाएं इस सुविधा का लाभ ले चुकी हैं। जल्द ही इसे पूरे राज्य में लागू करने की योजना है। इसके लिए महिला डॉक्टरों को विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है।












