अंबाला (Ambala freehold)। छावनी के सदर क्षेत्र की 1065 एकड़ भूमि को फ्री होल्ड करने की तैयारी सरकार ने कर ली है। इसका मसौदा भी तैयार कर लिया गया है, जिसे अब अंबाला के प्रशासनिक अधिकारियों के पास अंतिम सुझाव के लिए भेजा गया है। इन अधिकारियों में अंबाला के उपायुक्त सहित उप निगम आयुक्त व छावनी के उपमंडल अधिकारी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस संबंध में मुख्य सचिव की तरफ से एक पत्र भी उक्त अधिकारियों को भेजा गया था ताकि तीन नवंबर तक वह अपने सुझाव दर्ज करवा सकें और इसके आधार पर फ्री होल्ड नीति को अंतिम रूप दिया जा सके। इस नीति को लेकर 23 अक्तूबर को मुख्यालय स्तर पर मुख्य सचिव के समक्ष हुई बैठक में मंत्रणा की गई थी।
अंबाला नप सदर के कार्यकारी अधिकार देवेंद्र नरवाल ने बताया कि फ्री होल्ड को लेकर निकाय विभाग की तरफ से पत्र आया है। इस पर उपमंडल अधिकारी के निर्देश पर कार्रवाई चल रही है। जल्द ही ड्राफ्ट तैयार करके मुख्यालय भेज दिया जाएगा।
Ambala freehold: एक्साइज क्षेत्र की है भूमि
कैंट के सदर क्षेत्र में 1065 एकड़ में से 833.174 एकड़ भूमि एक्साइज एरिया के अधीन है जबकि 231.826 एकड़ भूमि नगर परिषद के अधीन है। हालांकि एक्साइज एरिया की भूमि पर किसी भी प्रकार के निर्माण की मनाही है और न ही इस जमीन की रजिस्ट्री सहित अन्य कोई दस्तावेज तैयार किए जा सकते हैं। इस भूमि को लेकर पहले भी कई बार आपत्ति दर्ज करवाई गई हैं, बावजूद इसके इस क्षेत्र को आजतक फ्री होल्ड नहीं किया जा सका।
नीति में यह है खास
नीति में लोगों को एकमुश्त मौका दिया जाएगा ताकि वो आवेदन कर सकें। इसी प्रकार आवेदन की समय सीमा पॉलिसी अधिसूचित होने पर निर्धारित होगी जोकि नीति जारी होने के एक वर्ष के भीतर आवेदन जमा करना होगा। इसके बाद भुगतान और कन्वेंस डीड (स्वामित्व हस्तांतरण पत्र) के निष्पादन के लिए 24 महीने का अतिरिक्त समय मिलेगा। ऐसे में क्षेत्र के निवासियों को कुल तीन वर्ष का समय दिया जाएगा।
अतिक्रमण नहीं होगा शामिल
फ्री होल्ड नीति के तहत अतिक्रमण को योजना में शामिल नहीं किया जाएगा। इसमें सड़क के अधिकार क्षेत्र में किया गया अतिक्रमण शामिल नहीं होगा। इसके अलावा पार्क, ग्रीन बेल्ट या किसी भी सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर किए गए अतिक्रमण को भी नीति के तहत नियमित नहीं किया जाएगा, हालांकि लीज पर दी गई संपत्ति से सटे हुए अतिक्रमण को संपत्ति के आकार के अनुपात में नियमित करने की अनुमति दी जा सकती है जोकि अधिकतम 500 वर्ग मीटर तक होगी। जबकि कृषि उद्देश्यों के लिए लीज पर ली गई भूमि या खाली भूखंडों पर किए गए निजी स्वामित्व के दावों पर यह नीति लागू नहीं होगी।
यह है एक्साइज क्षेत्र
एक्साइज क्षेत्र मूल रूप से रक्षा मंत्रालय द्वारा अंबाला छावनी से अलग किया गया था जोकि 1065 एकड़ है। इस क्षेत्र की सभी संपत्तियों के स्वामित्व अधिकार भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय से हरियाणा सरकार को निशुल्क हस्तांतरित किया गया था।
छह माह में करना होगा सर्वे
संपत्ति का सर्वे पहले छह महीनों के भीतर पूरा किया जाएगा और ऑनलाइन आवेदन के लिए एक वेब पोर्टल भी इसी अवधि में तैयार किया जाएगा। पात्र लोग सर्वे पूरा होने के बाद सात से बारहवें महीने के बीच ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इस दौरान मालिकाना हक के लिए छूट का प्रावधान भी दिया जाएगा। इसके तहत यदि पात्र आवेदक सर्वे पूरा होने के बाद 3 महीनों के भीतर आवेदन करते हैं, तो उन्हें कुल शुल्क पर 5 प्रतिशत की छूट मिलेगी।












