ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

TB test AI तकनीक से टीबी की जांच में आएगी क्रांति: अंबाला में लॉन्च हुआ खास ऐप

On: December 1, 2025 11:29 AM
Follow Us:
TB test AI तकनीक से टीबी की जांच में आएगी क्रांति: अंबाला में लॉन्च हुआ खास ऐप
Join WhatsApp Group

TB test AI Ambala: अंबाला में स्वास्थ्य विभाग ने AI आधारित ‘कफ अगेंस्ट टीबी’ ऐप लॉन्च किया है, जो खांसी की आवाज़ से टीबी की पहचान मिनटों में कर सकता है। यह तकनीक टीबी मुक्त भारत अभियान को तेजी देने में अहम भूमिका निभाएगी।

अंबाला में टीबी की रोकथाम और इलाज को लेकर एक बड़ी तकनीकी पहल की गई है। स्वास्थ्य विभाग ने अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से ऐसी सुविधा शुरू की है, जो टीबी के संभावित मरीजों की पहचान पहले से कहीं अधिक तेज़ी और सटीकता से कर सकेगी। इस कदम को टीबी मुक्त भारत अभियान को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा गेम-चेंजर माना जा रहा है।

स्मार्ट टेक्नोलॉजी की मदद से टीबी जांच हुई आसान TB test AI

हाल ही में अंबाला कैंट के सिविल अस्पताल में ‘कफ अगेंस्ट टीबी’ नाम का एक मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया। यह ऐप खांसी की आवाज़ का विश्लेषण करके टीबी की संभावना का पता लगाता है। यानी सिर्फ कुछ सेकंड की रिकॉर्डिंग और तुरंत संभावित टीबी संकेतों का परिणाम।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह तरीका पारंपरिक शुरुआती जांच की तुलना में कहीं तेज़, किफायती और फील्ड में काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा।

फरीदाबाद के वाहन चालकों को बड़ी राहत, बल्लभगढ़ में जाम से बचने के लिए हाईवे पर बना नया कट
फरीदाबाद के वाहन चालकों को बड़ी राहत, बल्लभगढ़ में जाम से बचने के लिए हाईवे पर बना नया कट

AI कैसे पहचानता है बीमारी? जानिए तकनीक के पीछे का विज्ञान

वाधवानी एआई टीम के विशेषज्ञ तुमुल राय ने बताया कि यह ऐप मोबाइल माइक्रोफोन से मरीज की खांसी रिकॉर्ड करता है। उसके बाद AI आधारित एल्गोरिदम इन ध्वनियों में मौजूद पैटर्न, तरंगों और असामान्य वाइब्रेशन का विश्लेषण करता है।

टीबी से जुड़ी कुछ विशिष्ट साउंड फ्रीक्वेंसी होती हैं, जिन्हें एल्गोरिदम पहचान लेता है।

इससे स्वास्थ्य कर्मियों को तुरंत पता चल जाता है कि मरीज को आगे एक्स-रे या लैब टेस्ट की जरूरत है या नहीं।

फील्ड वर्कर्स को मिलेगी बड़ी मदद

ज़्यादातर टीबी के मामले समय पर पकड़ में नहीं आते। यही कारण है कि WHO की रिपोर्ट के अनुसार भारत में हर साल लाखों मरीज देर से इलाज शुरू करते हैं।

पानीपत में ट्रैफिक जाम कम करने की तैयारी, एलिवेटेड हाईवे के नीचे बनेगी नई स्लिप रोड
पानीपत में ट्रैफिक जाम कम करने की तैयारी, एलिवेटेड हाईवे के नीचे बनेगी नई स्लिप रोड

इस नई AI तकनीक से—

संदिग्ध मरीज फील्ड में ही जल्दी पहचान में आ सकेंगे
समय रहते सही इलाज शुरू हो सकेगा
टीबी संक्रमण को फैलने से रोका जा सकेगा
स्वास्थ्य विभाग का टीबी मुक्त अभियान मजबूत होगा

अधिकारी मानते हैं कि यह तकनीक ग्रामीण और दूरदराज़ इलाकों में खासतौर से अहम भूमिका निभाएगी, जहां टीबी जांच का बुनियादी ढांचा सीमित है।

क्यों है यह तकनीक भारत के लिए जरूरी?

भारत वैश्विक टीबी भार का लगभग 27% हिस्सा अकेले संभाल रहा है।
देश में हर साल लाखों नए मामले दर्ज होते हैं। ऐसे में AI आधारित प्राथमिक स्क्रीनिंग न सिर्फ जांच प्रक्रिया को तेज़ करेगी, बल्कि लागत कम करके स्वास्थ्य व्यवस्था पर बोझ भी घटाएगी।

AI द्वारा प्रारंभिक पहचान से—

मरीज जल्दी डॉक्टर तक पहुंचेंगे

छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी, हरियाणा रोडवेज और इलेक्ट्रिक बसों में 150 KM तक का सफर बिल्कुल मुफ्त
छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी, हरियाणा रोडवेज और इलेक्ट्रिक बसों में 150 KM तक का सफर बिल्कुल मुफ्त

संक्रमण दूसरों तक नहीं फैलेगा

इलाज दर बेहतर होगी

स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य 2025 तक टीबी उन्मूलन का है, और ऐसी तकनीक इसे हासिल करने में बड़ी भूमिका निभा सकती है।

अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment