Tuition in Basement, Strictness on illegal coaching centers in Haryana: Those running tuitions in basements will not be spared: हरियाणा में बेसमेंट और अवैध इमारतों में चल रहे कोचिंग सेंटर्स पर अब सरकार की कड़ी नजर है। दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में हुई दुर्घटनाओं से सबक लेते हुए हरियाणा सरकार ने सख्त कार्रवाई का फैसला किया है।
शहरी स्थानीय निकाय विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है, जो शिक्षा, नगर योजना और दमकल विभागों के साथ मिलकर नियमों का उल्लंघन करने वाले सेंटर्स को बंद करेगा। यह कदम छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।
दिल्ली की घटनाओं ने जगाया सबक Tuition in Basement
पिछले साल दिल्ली के राजेंद्र नगर में कोचिंग सेंटर में हुई दुर्घटना ने पूरे देश का ध्यान खींचा था। बेसमेंट में अवैध रूप से चल रहे सेंटर्स में सुरक्षा मानकों की अनदेखी से कई जिंदगियां खतरे में पड़ गई थीं। इन घटनाओं को देखते हुए हरियाणा सरकार ने तुरंत कदम उठाने का फैसला किया।
बहादुरगढ़ के एक अभिभावक, संजय वर्मा ने कहा, “हमारे बच्चों की सुरक्षा सबसे जरूरी है। सरकार का यह कदम हमें भरोसा देता है कि अब ऐसी लापरवाही नहीं होगी।” सरकार का लक्ष्य है कि हर कोचिंग सेंटर नियमों का पालन करे और छात्रों के लिए सुरक्षित माहौल प्रदान करे।
नोडल एजेंसी की भूमिका
शहरी स्थानीय निकाय विभाग को इस कार्रवाई का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह विभाग नगर निगमों, नगर परिषदों और अन्य निकायों के साथ मिलकर बेसमेंट और अवैध भवनों में चल रहे कोचिंग सेंटर्स की पहचान करेगा। विभाग के महानिदेशक ने सभी नगर निगम आयुक्तों और निकाय अधिकारियों को पत्र लिखकर 15 दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही, शिक्षा, नगर योजना और दमकल विभाग मिलकर कोचिंग सेंटर्स के लिए नए नियम और नीतियां तैयार करेंगे। केवल नियमों का पालन करने वाले सेंटर्स को ही चलने की अनुमति मिलेगी।
नए नियम और मानदंड
22 जनवरी 2025 को कोचिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया बनाम केंद्र सरकार के मामले में हुई बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बताया कि हरियाणा निजी कोचिंग संस्थान पंजीकरण और विनियमन अधिनियम 2024 केवल सेंटर्स के पंजीकरण के लिए है, लेकिन इसमें अवैध सेंटर्स पर कार्रवाई के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं है।
इसलिए, अब शिक्षा विभाग इस अधिनियम में संशोधन करेगा और कोचिंग सेंटर्स के लिए बुनियादी ढांचे, सुरक्षा और विनियमन के मॉडल नियम बनाएगा। नगर योजना विभाग हरियाणा बिल्डिंग कोड 2017 में कोचिंग सेंटर्स के लिए मानदंड जोड़ेगा।
कोचिंग सेंटर्स पर कार्रवाई की प्रक्रिया
हरियाणा में बेसमेंट और अवैध इमारतों में चल रहे सेंटर्स की पहचान के लिए अधिकारियों की कमेटी बनाई जाएगी। बहादुरगढ़ नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संजय रोहिल्ला ने बताया, “हम नियमों का उल्लंघन करने वाले सेंटर्स पर सख्त कार्रवाई करेंगे। बच्चों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।”
सभी विभागों के बीच समन्वय से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोचिंग सेंटर्स सुरक्षा मानकों का पालन करें। जो सेंटर्स नियम तोड़ेंगे, उन्हें बंद करने का आदेश दिया जाएगा।
छात्रों और अभिभावकों के लिए राहत
यह पहल न केवल कोचिंग सेंटर्स को नियमों के दायरे में लाएगी, बल्कि छात्रों और अभिभावकों को भी मानसिक सुकून देगी। हरियाणा में हजारों छात्र कोचिंग सेंटर्स में पढ़ाई करते हैं, और सुरक्षा की कमी उनकी जिंदगी को खतरे में डाल सकती है।
नए नियमों के लागू होने से सेंटर्स को पंजीकरण कराना होगा और सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा। एक छात्रा, प्रिया ने कहा, “हमें अब सुरक्षित जगह पर पढ़ने का मौका मिलेगा। यह हमारे लिए बहुत जरूरी है।”
भविष्य की दिशा
हरियाणा सरकार का यह कदम कोचिंग सेंटर्स की मनमानी पर लगाम लगाने और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। अगले कुछ महीनों में नए नियम और मानदंड लागू होने के बाद अवैध सेंटर्स पर पूरी तरह रोक लगने की उम्मीद है। यह पहल न केवल हरियाणा, बल्कि अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बनेगी।













