Yamunanagar News: यमुनानगर ने बिजली डिफॉल्टरों से 117 करोड़ की बड़ी रिकवरी कर प्रदेश में पहला स्थान बनाया. बिजली निगम ने इसकी खुलकर सराहना की. फोकस कीवर्ड बिजली रिकवरी.
यमुनानगर बिजली निगम ने इस बार डिफाल्टरों पर सख्ती दिखाने में कोई कमी नहीं छोड़ी. नतीजा यह रहा कि पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा रिकवरी इसी जिले में हुई. डिफाल्टरों पर कुल 122 करोड़ रुपये बकाया थे, जिनमें से 117 करोड़ रुपये वसूल लिए गए. अब केवल पांच करोड़ रुपये की राशि लंबित है.
निगम एमडी ने की खुलकर तारीफ
रिकवरी में रिकॉर्ड सफलता मिलने पर बिजली निगम के एमडी ने बैठक में यमुनानगर की जमकर सराहना की. अन्य जिलों के अधिकारियों से भी ऐसी ही तेजी दिखाने की अपील की गई. इतना ही नहीं, एमडी ने यमुनानगर टीम के लिए तालियां भी बजवाईं.
कैसे की गई वसूली
लंबे समय से लोगों द्वारा बिल समय पर न भरने से डिफाल्टरों की संख्या लगातार बढ़ रही थी. पांच हजार से लेकर लाखों रुपये तक के बकायेदार निगम के लिए परेशानी बने हुए थे.
इसे देखते हुए एसई नरेंद्र सिंह ने सभी सब डिवीजन के एसडीओ की अगुवाई में टीमें बनाईं. नोटिस भेजे गए, ब्लॉक स्तर पर कैंप आयोजित किए गए और लोगों को सरचार्ज माफी योजना का लाभ लेने को प्रेरित किया गया. बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने मूल बिल भरकर योजना का फायदा उठाया.
सरकारी विभाग भी पीछे नहीं
डिफॉल्टरों में आम उपभोक्ताओं के साथ सरकारी विभाग भी शामिल थे. अब जो राशि बची है, उसका बड़ा हिस्सा जनस्वास्थ्य और अभियांत्रिकी विभाग पर है. पेयजल सप्लाई से जुड़े नलकूपों का बिल यह विभाग समय पर नहीं भरता और तीनचार माह का बिल एक साथ जमा करता है.
अधिकारियों की मेहनत से मिली सफलता
एसई नरेंद्र सिंह के अनुसार, टीमवर्क और कर्मचारियों के सहयोग से यह संभव हो पाया. निगम ने सरचार्ज माफी योजना के जरिए भी लोगों को राहत देकर वसूली बढ़ाई. जनस्वास्थ्य विभाग का बकाया भी बजट आते ही जमा हो जाता है.













