अंबाला (Dev Deepawali)। कार्तिक मास में हर साल पूर्णिमा तिथि को देव दीपावली का पर्व बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। इसे त्रिपुरोत्सव और त्रिपुरारी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। ज्योतिषी गिरीश आहूजा ने बताया इस साल देव दीपावली की तिथि 4 नवंबर की रात 10: 37 बजे से लेकर 5 नवंबर को शाम 6:49 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार यह पर्व 5 नवंबर को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान शिव के साथ भगवान विष्णु मां लक्ष्मी की भी पूजा की जाती है।
देव दिवाली के दिन घर के मुख्य द्वार पर दीप जलाना शुभ माना जाता है। देव दीपावली का शुभ मुहूर्त शाम 5:30 बजे से रात 8:10 बजे तक रहेगा। यह वह शुभ मुहूर्त है, जब शिव जी ने त्रिपुरासुर का वध किया था और देवता पृथ्वी पर आए थे। वहीं देवी दीपावली के बाद शादियों का सीजन शुरू हो जाएगा। शादियों के सीजन को लेकर बाजार में रंग जमने लगा है। खासकर कपड़ा मार्केट के कारोबारियों ने विशेष तैयारी की हुई है।
मुंबई के शरारे-गरारे खूब बिक रहे
शादी का सीजन शुरू होते ही कपड़ा मार्केट में रौनक लगनी शुरू हो गई है। मार्केट में हरियाणा, पंजाब, शिमला, चंडीगढ़, रोहतक, जींद, पानीपत से भी ग्राहक पहुंच रहे हैं। मार्केट में सुहाना साड़ी के संचालक सौरभ सचदेवा ने बताया कि शादी का सीजन शुरू हो गया है। मार्केट में अच्छी रौनक आ गई है। खरीदारी में अंबाला शहर की कपड़ा मार्केट लोगों की पहली पसंद बन गई है।
मार्केट में फर्रुखाबाद के लहंगे, सूरत की साड़ी, कलकत्ता की अनारकली सूट पसंद किए जा रहे हैं। कलकत्ता से आने वाले हैंडवर्क सूट भी पसंद किए जा रहे हैं। इसी तरह मुंबई के शरारे, गरारों को भी महिलाएं खरीद रही हैं। उन्होंने बताया कि 5 हजार से लेकर 2.50 लाख रुपये तक के लहंगे भी बिक रहे हैं। इसी तरह 50 हजार रुपये तक की साड़ी और सूट भी बिक रहे हैं। हैंडवर्क के एक सूट को बनाने में 3 महीने तक का समय लगता है।
ऐसे करें दीपदान
ज्योतिषी गिरीश आहूजा ने बताया दीपदान से पहले स्वयं स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें। दीये जलाने के लिए गाय का घी सबसे उत्तम माना जाता है क्योंकि इससे देवताओं को शीघ्र प्रसन्नता मिलती है। अगर घी संभव न हो तो तिल के तेल का उपयोग भी किया जा सकता है। शास्त्रों में बताया गया है, देव दिवाली के दिन जो भी कोई घर या गंगा घाट के किनारे दीपक जलाता है, उसके जीवन में कभी भी धन-धान्य, आध्यात्मिकता, ज्ञान, सुख-सौभाग्य आदि का अभाव नहीं रहता है।
Dev Deepawali: देव दिवाली पर शिव वास योग
देव दीपावली के दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान का महत्व बताया गया है। इस बार देव दीपावली पर शिववास जैसा शुभ योग भी बनने जा रहा है। इसकी शुरुआत शाम 6:48 बजे पर होगी। इस शुभ योग में भगवान शिव-माता पार्वती, श्री लक्ष्मी नारायण की पूजा करने से कई गुना फल प्राप्त होता है।













