ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Bhadrapada Purnima: सितंबर 2025 में भादो पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण: व्रत रखना होगा शुभ या अशुभ?

On: September 6, 2025 6:45 AM
Follow Us:
Bhadrapada Purnima: सितंबर 2025 में भादो पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण: व्रत रखना होगा शुभ या अशुभ?
Join WhatsApp Group

Bhadrapada Purnima: Lunar eclipse on Bhado Purnima in September 2025: Will fasting be auspicious or inauspicious?: नई दिल्ली | अगर आप भादो पूर्णिमा का व्रत रखने की तैयारी कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। हिंदू धर्म में पूर्णिमा का व्रत बहुत खास माना जाता है, जिसमें भगवान सत्यनारायण की पूजा की जाती है और सुख-शांति की कामना की जाती है।

सितंबर 2025 में यह व्रत 7 सितंबर, रविवार को रखा जाएगा। लेकिन इस बार खास बात यह है कि उसी दिन चंद्र ग्रहण भी होगा। आइए जानते हैं कि भादो पूर्णिमा का व्रत कब है और क्या चंद्र ग्रहण के दौरान व्रत रखना शुभ होगा।

भादो पूर्णिमा 2025 की तारीख Bhadrapada Purnima

भादो पूर्णिमा तिथि 7 सितंबर 2025 को सुबह 9:27 बजे से शुरू होगी और 8 सितंबर 2025 को सुबह 7:30 बजे तक रहेगी। इस हिसाब से भादो पूर्णिमा का व्रत 7 सितंबर, रविवार को रखा जाएगा। इस दिन रात में पूर्णिमा का चांद दिखाई देगा, जो इस व्रत का खास हिस्सा है।

सिर्फ चेहरा ही नहीं, सिर की त्वचा को भी चाहिए सनस्क्रीन; स्कैल्प सनबर्न से ऐसे बचें
सिर्फ चेहरा ही नहीं, सिर की त्वचा को भी चाहिए सनस्क्रीन; स्कैल्प सनबर्न से ऐसे बचें

चंद्र ग्रहण का समय और नियम

7 सितंबर 2025 को भादो पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण भी होगा। यह ग्रहण रात 8:58 बजे से शुरू होगा, रात 11:00 बजे पूर्णता पर पहुंचेगा और 8 सितंबर को तड़के 12:22 बजे खत्म होगा। सवाल यह है कि क्या चंद्र ग्रहण के दौरान पूर्णिमा का व्रत रखा जा सकता है?

इसका जवाब है कि आप व्रत तो रख सकते हैं, लेकिन ग्रहण के समय पूजा-पाठ नहीं करना चाहिए। नोएडा के पंडित पवन कुमार के अनुसार, ग्रहण काल को शास्त्रों में अशुभ माना जाता है, इसलिए इस दौरान पूजा-पाठ वर्जित है।

व्रत और पूजा के लिए सही समय

Weight Loss Tea: रोज की चाय से घटाएं वजन, जानें मेटाबॉलिज्म तेज करने का सही तरीका
Weight Loss Tea: रोज की चाय से घटाएं वजन, जानें मेटाबॉलिज्म तेज करने का सही तरीका

ग्रहण से पहले सुबह व्रत का संकल्प ले लें। सूतक काल, जो ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले यानी 7 सितंबर को सुबह 11:58 बजे शुरू होगा, उस दौरान भी पूजा नहीं करनी चाहिए। ग्रहण 8 सितंबर को तड़के 1:26 बजे खत्म होगा।

इसके बाद घर में गंगाजल छिड़ककर शुद्धिकरण करें और फिर भगवान सत्यनारायण की पूजा और व्रत कथा का पाठ करें। इस तरह ग्रहण के दौरान व्रत रखना अशुभ नहीं है, बस पूजा ग्रहण खत्म होने के बाद करें।

पूर्णिमा व्रत की आसान विधि

पूर्णिमा के दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ कपड़े पहनें और व्रत का संकल्प लें। घर या मंदिर में भगवान सत्यनारायण की मूर्ति स्थापित करें।

घर के अंदर भी क्यों जरूरी है सनस्क्रीन? समर स्किनकेयर से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी
घर के अंदर भी क्यों जरूरी है सनस्क्रीन? समर स्किनकेयर से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी

गंगाजल से शुद्धिकरण के बाद कलश स्थापना करें, दीपक जलाएं और भगवान को रोली, अक्षत, फूल, तुलसी, फल और मिठाई चढ़ाएं। पंचामृत से अभिषेक करें, सत्यनारायण व्रत कथा पढ़ें और आरती करें। इस दिन फलाहार करें और अगले दिन पारण के बाद भोजन करें।

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment