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तुलसी पूजन दिवस 2025 की तिथि और पूजा विधि की पूरी जानकारी

On: दिसम्बर 21, 2025 12:05 अपराह्न
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तुलसी पूजन दिवस 2025 की तिथि और पूजा विधि की पूरी जानकारी
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भारत में हर साल 25 दिसंबर को तुलसी पूजन दिवस मनाया जाता है। वर्ष 2025 में भी यह पर्व तय तिथि पर श्रद्धा और परंपरा के साथ मनाया जाएगा। यह दिन केवल पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति, पर्यावरण और स्वास्थ्य से जुड़े मूल्यों को भी रेखांकित करता है। सही तिथि, पूजा की सरल विधि और जरूरी सावधानियों को जानना इसलिए अहम है ताकि पूजा विधिपूर्वक हो सके।

तुलसी पूजन दिवस 2025 की सही तिथि

पंचांग के अनुसार निर्णय

धार्मिक पंचांग के मुताबिक वर्ष 2025 में तुलसी पूजन दिवस 25 दिसंबर गुरुवार को मनाया जाएगा। पौष मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि 24 दिसंबर की शाम से आरंभ हो जाती है, लेकिन हिंदू परंपरा में उदय तिथि को मान्यता दी जाती है।

धार्मिक विद्वानों के अनुसार जिस दिन सूर्योदय के समय तिथि विद्यमान हो, वही दिन पूजा के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। इस कारण 25 दिसंबर को ही तुलसी पूजन करना उचित रहेगा।

हिंदू धर्म में तुलसी का स्थान

आस्था और विज्ञान का संगम

तुलसी को केवल औषधीय पौधा नहीं माना गया है। शास्त्रों में इसे देवी स्वरूप और भगवान विष्णु से जुड़ा पवित्र प्रतीक बताया गया है। पुराणों में तुलसी को हरिप्रिया कहा गया है, यानी जो भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है।

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आयुर्वेद विशेषज्ञ भी मानते हैं कि तुलसी में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले तत्व पाए जाते हैं। यही कारण है कि पूजा के साथ साथ इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाने पर जोर दिया जाता है।

तुलसी पूजन की आसान और शुद्ध विधि

घर पर ऐसे करें पूजा

तुलसी पूजन के लिए जटिल अनुष्ठानों की आवश्यकता नहीं होती। श्रद्धा और नियमों का पालन ही पर्याप्त माना जाता है।

• सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें
• तुलसी के पौधे के आसपास सफाई करें
• शुद्ध जल अर्पित करें
• कुमकुम या रोली से तिलक लगाएं
• फूल और दीपक अर्पित करें
• फल या मिश्री का भोग लगाएं
• तीन या सात बार परिक्रमा करें

धार्मिक आचार्यों के अनुसार मन में शांति और सकारात्मक भाव रखते हुए पूजा करने से इसका प्रभाव अधिक होता है।

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तुलसी पूजन दिवस की शुरुआत और उद्देश्य

कब और क्यों शुरू हुआ

तुलसी पूजन दिवस की औपचारिक शुरुआत वर्ष 2014 में हुई थी। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं से जोड़ना और तुलसी के धार्मिक व वैज्ञानिक महत्व को समाज तक पहुंचाना था।

पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के पर्व लोगों को घर में पौधे लगाने और प्रकृति से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हैं, जो आज के समय में बेहद जरूरी है।

तुलसी पूजा में किन बातों का ध्यान रखें

छोटी सावधानियां बड़ा लाभ

तुलसी की पूजा करते समय कुछ नियमों का पालन जरूरी बताया गया है।

• रविवार और एकादशी के दिन पत्ते न तोड़ें
• रात के समय तुलसी को जल न दें
• बिना स्नान किए पौधे को न छुएं

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धार्मिक मान्यता है कि इन नियमों का पालन करने से पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है।

यह पर्व आज के समय में क्यों मायने रखता है

आज जब जीवन तेजी से बदल रहा है, तुलसी पूजन दिवस हमें संतुलन, स्वास्थ्य और पर्यावरण की अहमियत याद दिलाता है। यह पर्व आस्था के साथ साथ वैज्ञानिक सोच को भी मजबूती देता है और परिवार को एक साथ जोड़ने का अवसर प्रदान करता है।

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

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