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Hartalika Teej 2025: हरतालिका तीज की तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि, बनाएं ये दिन खास!

On: जुलाई 18, 2025 8:16 अपराह्न
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Hartalika Teej 2025: हरतालिका तीज की तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि, बनाएं ये दिन खास!
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Hartalika Teej 2025 date muhurat puja vidhi: हरतालिका तीज 2025 का इंतजार हर सुहागिन और कुंवारी कन्या को बेसब्री से होता है, क्योंकि ये दिन है भोलेनाथ और माता पार्वती की भक्ति का!

भाद्रपद माह में आने वाली इस तीज को उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। कहते हैं, इस दिन माता पार्वती की सखियों ने उन्हें उनके पिता के घर से जंगल ले जाकर भगवान शिव से उनका विवाह करवाया था।

यही वजह है कि ये दिन सुहागिनों के लिए सौभाग्य और कुंवारी कन्याओं के लिए मनचाहा वर पाने का खास अवसर माना जाता है। तो चलिए, जानते हैं हरतालिका तीज 2025 की सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि, ताकि आप इस दिन को और खास बना सकें।

ये लेख आपके लिए वो गाइड है, जो आपकी भक्ति को और गहरा करेगा!

Hartalika Teej 2025: हरतालिका तीज कब और क्यों मनाई जाएगी?

हरतालिका तीज (Hartalika Teej 2025) भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। साल 2025 में ये पावन पर्व 26 अगस्त, मंगलवार को मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, तृतीया तिथि 25 अगस्त को दोपहर 12:34 बजे शुरू होगी और 26 अगस्त को दोपहर 1:54 बजे खत्म होगी।

चूंकि उदयकाल में तृतीया तिथि 26 अगस्त को पड़ रही है, इसलिए हरतालिका तीज इसी दिन मनाई जाएगी। इस दिन सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और शिव-पार्वती की पूजा करती हैं।

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ये व्रत सौभाग्य, समृद्धि और मनचाहे जीवनसाथी की कामना के लिए रखा जाता है। इस दिन की भक्ति से भोलेनाथ और माता पार्वती की कृपा बरसती है।

शुभ मुहूर्त

हरतालिका तीज की पूजा का विशेष महत्व है, और इसके लिए शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना जरूरी है। 26 अगस्त 2025 को प्रातःकाल पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 5:56 बजे से 8:31 बजे तक रहेगा, जो 2 घंटे 35 मिनट का है।

इसके अलावा, हरतालिका तीज की पूजा रात्रि के चारों प्रहर में की जाती है। पहला प्रहर शाम 6 से 9 बजे, दूसरा प्रहर रात 9 से 12 बजे, तीसरा प्रहर देर रात 12 से 3 बजे, और चौथा प्रहर सुबह 3 से 6 बजे तक रहेगा।

इन मुहूर्तों में पूजा करने से आपकी भक्ति और मनोकामनाएं पूरी होने की संभावना बढ़ती है। सही समय पर पूजा करने से भोलेनाथ का आशीर्वाद जरूर मिलेगा।

पूजा विधि

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हरतालिका तीज (Hartalika Teej 2025) की पूजा प्रदोष काल में शुरू होती है और अगले दिन सुबह तक चलती है। सुहागिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं और लाल रंग की साड़ी या सूट पहनती हैं। पूजा के लिए मिट्टी से शिव और पार्वती की मूर्तियां बनाई जाती हैं।

एक छोटे बर्तन में दूध, चीनी, शहद, दही और घी का पंचामृत तैयार करें। माता पार्वती को सुहाग की सामग्री जैसे साड़ी, चूड़ियां और बिंदी चढ़ाएं। भगवान शिव को भी वस्त्र अर्पित करें।

पूजा के बाद हरतालिका तीज की कथा सुनें, जो माता पार्वती और शिव के मिलन की कहानी बयां करती है। इसके बाद शिव जी की आरती करें। अगले दिन सुबह दोबारा पूजा के बाद व्रत खोलें। इस विधि से पूजा करने से आपकी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं।

हरतालिका तीज का महत्व

हरतालिका तीज का महत्व इसलिए है, क्योंकि ये पर्व पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से जुड़ा है। कुंवारी कन्याएं इस दिन मनचाहा वर पाने के लिए व्रत रखती हैं।

माता पार्वती और भगवान शिव की भक्ति इस दिन को और पवित्र बनाती है। उत्तर भारत में इस त्योहार को बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है।

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महिलाएं एक-दूसरे के साथ मिलकर कथा सुनती हैं, भजन गाती हैं और उत्सव का आनंद लेती हैं। ये दिन न सिर्फ भक्ति का, बल्कि परिवार और समाज में एकजुटता का भी प्रतीक है।

Hartalika Teej 2025 भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को 26 अगस्त को मनाई जाएगी। इस दिन सुहागिन महिलाएं और कुंवारी कन्याएं निर्जला व्रत रखकर शिव-पार्वती की पूजा करेंगी।

शुभ मुहूर्त सुबह 5:56 से 8:31 बजे तक और रात्रि के चार प्रहरों में रहेगा। मिट्टी की मूर्तियों के साथ पंचामृत और सुहाग सामग्री चढ़ाकर पूजा करें और कथा सुनें। ये पर्व सौभाग्य और मनचाहे वर की कामना के लिए खास है।

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

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