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Jitiya Vrat 2025: 14 सितंबर को रखें जितिया व्रत, जानें नहाय-खाय से पारण तक की पूरी डिटेल!

On: सितम्बर 10, 2025 1:56 अपराह्न
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Jitiya Vrat 2025: 14 सितंबर को रखें जितिया व्रत, जानें नहाय-खाय से पारण तक की पूरी डिटेल!
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Jitiya Vrat 2025 Date: हिंदू धर्म में जीवित्पुत्रिका व्रत, जिसे जितिया व्रत भी कहते हैं, का खास महत्व है। बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और नेपाल में यह पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। मां अपने बच्चों की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए यह निर्जला व्रत रखती हैं। इस व्रत की शुरुआत नहाय-खाय से होती है, फिर अगले दिन ओठगन के बाद निर्जला व्रत रखा जाता है और अंत में पारण किया जाता है। इस दौरान भगवान जीमूतवाहन की पूजा की जाती है। आइए जानते हैं कि 2025 में जितिया व्रत कब है और इसका शुभ समय क्या है।

नहाय-खाय की तारीख

जितिया व्रत की शुरुआत 13 सितंबर 2025, शनिवार को होगी। इस दिन सप्तमी तिथि पर नहाय-खाय किया जाएगा, जो व्रत की पहली रस्म है।

जितिया व्रत कब है?

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साल 2025 में 14 सितंबर, रविवार को जितिया व्रत रखा जाएगा। इस दिन सुबह 8:41 तक सप्तमी तिथि रहेगी, जिसके बाद अष्टमी तिथि शुरू होगी। सप्तमी युक्त अष्टमी होने के कारण यही दिन व्रत के लिए चुना गया है।

पारण का समय

जितिया व्रत का पारण 15 सितंबर 2025, सोमवार को होगा। इस दिन सुबह 6:15 बजे अष्टमी तिथि खत्म होने के बाद नवमी तिथि पर पारण किया जाएगा। इस समय के बाद मांएं व्रत खोल सकेंगी।

कौन से देवता की पूजा?

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जितिया व्रत में भगवान जीमूतवाहन की पूजा-अर्चना की जाती है। पौराणिक कथा के अनुसार, जीमूतवाहन एक गंधर्व राजकुमार थे, जिन्होंने एक नागिन के बेटे को बचाने के लिए खुद को गरुड़ को सौंप दिया था। उनकी इस निस्वार्थ भक्ति के कारण उन्हें भगवान का दर्जा मिला। तब से मांएं अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए यह व्रत रखती हैं।

यह व्रत माताओं के लिए बेहद खास है, क्योंकि इसे बच्चों की लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए रखा जाता है। मान्यता है कि जितिया व्रत से बच्चों के सारे कष्ट और दुख दूर हो जाते हैं। यह भी माना जाता है कि इस व्रत को करने वाली मां को कभी संतान से वियोग का दुख नहीं सहना पड़ता।

व्रत रखने की विधि

जितिया व्रत वाले दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर साफ कपड़े पहनें। इसके बाद सूर्य देव को जल अर्पित करें। भगवान जीमूतवाहन और वासुदेव की पूजा करें, दीपक जलाएं और व्रत का संकल्प लें। पूजा के दौरान व्रत कथा का पाठ करें। पूरा दिन निर्जला व्रत रखें। अगले दिन सुबह सूर्य देव को अर्घ्य देकर व्रत खोलें। पारण के समय चावल, मरुवा की रोटी, तोरई, रागी और नोनी का साग खाया जाता है।

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मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

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