Raksha Bandhan Mantra 2025 Rakhi bandhne ka mantra: रक्षाबंधन का त्योहार हर साल की तरह इस बार भी श्रावण मास की पूर्णिमा को धूमधाम से मनाया जाएगा। इस साल ये खास दिन 9 अगस्त 2025 को है। बहनें अपने भाइयों के लिए राखी खरीदने में जुटी हैं और बाजार रंग-बिरंगी राखियों से सज चुके हैं।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि राखी बांधते समय कुछ खास मंत्रों का जाप करने से ये त्योहार और भी शुभ हो जाता है? ये मंत्र न सिर्फ आपके भाई की रक्षा करते हैं, बल्कि उनके जीवन में सुख-समृद्धि भी लाते हैं। आइए जानते हैं राखी बांधने का मंत्र और इससे जुड़े नियम।
राखी बांधने का खास मंत्र: Raksha Bandhan Mantra 2025
राखी बांधते समय बहनें इस पवित्र मंत्र का जाप करती हैं, जो भाई की सुरक्षा और खुशहाली का प्रतीक है:
ॐ येन बद्धो बलि राजा दानवेन्द्रो महाबलः।
तेन त्वाम् अभिबध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥
इसका अर्थ: जिस रक्षा-सूत्र से महान दानवेंद्र राजा बलि को बांधा गया था, उसी सूत्र से मैं तुम्हें बांधती हूं। ये रक्षा-सूत्र तुम्हारी रक्षा करे, तुम कभी विचलित न हो और हमेशा अडिग रहो।
यह मंत्र राखी के धागे को और भी पवित्र बनाता है, जो भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करता है।
मंत्र का जाप क्यों है जरूरी?
भारतीय संस्कृति में हर शुभ काम मंत्रों के साथ शुरू होता है। राखी बांधते समय मंत्र का जाप करने से वातावरण पवित्र होता है और राखी बांधने की प्रक्रिया आध्यात्मिक शक्ति से भर जाती है। यह मंत्र भाई की रक्षा के लिए एक आध्यात्मिक संकल्प बनता है, जो न सिर्फ कलाई पर बंधे धागे को बल्कि भाई-बहन के दिलों को भी जोड़ता है। ये मंत्र ब्रह्मांडीय शक्ति से भाई की सुरक्षा और समृद्धि की कामना करता है।
राखी बांधने के नियम
राखी बांधते समय कुछ खास नियमों का पालन करना जरूरी है ताकि ये प्रक्रिया और भी शुभ हो:
बहन को हमेशा पूर्व दिशा की ओर बैठना चाहिए।
भाई के माथे पर टीका लगाने के बाद ही राखी बांधें।
राखी बांधने के बाद भाई का मुंह मीठा कराएं।
मंत्र का जाप करते समय राखी को भाई की दाहिनी कलाई पर बांधें।
इन नियमों का पालन करने से राखी का महत्व और भी बढ़ जाता है, और ये त्योहार भाई-बहन के रिश्ते को और मजबूत बनाता है।
इस बार रक्षाबंधन को और भी खास बनाने के लिए मंत्र और नियमों का पालन करें। अपने भाई की कलाई पर राखी बांधते समय इस मंत्र का जाप करें और उनके लिए सुख, समृद्धि और सुरक्षा की कामना करें।
रक्षाबंधन सिर्फ एक धागा नहीं, बल्कि प्यार और विश्वास का बंधन है, जो इस मंत्र के साथ और भी मजबूत हो जाता है।












