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Shradh 2025 dates: जानिए पितृ पक्ष कब से शुरू होगा और किन नियमों का रखें ध्यान

On: जुलाई 11, 2025 7:31 अपराह्न
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Shradh 2025 dates: जानिए पितृ पक्ष कब से शुरू होगा और किन नियमों का रखें ध्यान
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Shradh 2025 dates Know when Pitru Paksha will start and which rules to keep in mind: श्राद्ध 2025 की तारीखें 7 सितंबर से शुरू होकर 21 सितंबर को समाप्त होंगी। इस पितृ पक्ष में श्रद्धालु अपने पूर्वजों को तर्पण और पिंडदान के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इस समय ब्राह्मण भोज, दान और नियमों के पालन से पितृ दोष से मुक्ति और आत्मा को शांति मिलती है।

श्राद्ध 2025 की तारीखें जैसे ही सामने आईं, श्रद्धालुजन अपनी तैयारियों में जुट गए हैं। हर साल पितृ पक्ष हिंदू धर्म में एक बेहद पवित्र अवधि मानी जाती है, जिसमें दिवंगत पूर्वजों को श्रद्धा और सम्मान के साथ याद किया जाता है। ये केवल एक धार्मिक रस्म नहीं, बल्कि आत्मा की शांति और जीवन की समस्याओं से मुक्ति का मार्ग भी है।

Shradh 2025 dates: कब से शुरू हो रहा है पितृ पक्ष?

2025 में श्राद्ध पक्ष की शुरुआत 7 सितंबर, रविवार से होगी। यह दिन भाद्रपद पूर्णिमा का है। पितृ पक्ष का समापन 21 सितंबर को आश्विन कृष्ण अमावस्या पर होगा, जिसे ‘सर्व पितृ अमावस्या’ कहा जाता है। इसी दिन वे लोग भी श्राद्ध कर सकते हैं जिनको अपने पूर्वजों की मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं है।

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इस दौरान हर परिवार में उस तिथि के अनुसार श्राद्ध कर्म किए जाते हैं जिस दिन उनके पितरों का निधन हुआ था। यह मान्यता है कि इस समय पूर्वज पृथ्वी पर आते हैं और श्राद्ध व तर्पण के माध्यम से आत्मा की शांति प्राप्त करते हैं।

श्राद्ध का महत्व और परंपराएं

हिंदू धर्म में पितरों को ‘दिव्य आत्मा’ के रूप में पूजा जाता है। श्राद्ध पक्ष में लोग तर्पण, पिंडदान, ब्राह्मण भोजन और दान करते हैं। ये कर्म पूर्वजों की आत्मा को शांति प्रदान करते हैं और व्यक्ति को ‘पितृ दोष’ से मुक्ति दिलाते हैं। इसके अलावा, गाय, कौआ, कुत्ता और चींटी को भी भोजन देना पुण्य माना जाता है।

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कई मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष में ब्राह्मणों को भोजन कराना और अनाज, वस्त्र, दक्षिणा जैसे सामग्रियों का दान करना विशेष लाभकारी होता है।

श्राद्ध काल में क्या न करें

पितृ पक्ष में कुछ नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। इस दौरान किसी भी प्रकार के शुभ कार्य जैसे विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, नये वाहन या सामान की खरीद पर रोक होती है। पारंपरिक मान्यता कहती है कि इन दिनों सिर्फ पूर्वजों को संतुष्ट करने की भावना से कर्म किए जाने चाहिए।

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इसके साथ ही बाल कटवाना, नाखून काटना, दाढ़ी बनवाना और तामसिक भोजन जैसे मांसाहार आदि से दूर रहना चाहिए। ये नियम जीवन को शुद्ध और संस्कारित बनाए रखने के लिए स्थापित किए गए हैं।

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

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