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Kalashtami Ke Upay: कालाष्टमी पर भैरव के छह उपाय जो बढ़ाते हैं सकारात्मक ऊर्जा

On: दिसम्बर 11, 2025 7:57 पूर्वाह्न
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कालाष्टमी पर भैरव के छह उपाय जो बढ़ाते हैं सकारात्मक ऊर्जा
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आज कालाष्टमी का पवित्र दिन है और परंपरा के अनुसार भक्त भगवान शिव के उग्र रूप माने जाने वाले काल भैरव की आराधना करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि काल भैरव की कृपा से जीवन में आने वाले संकट कम होते हैं और बाधाओं से सुरक्षा मिलती है। इसी कारण इस तिथि को किए गए उपायों को विशेष फलदायी माना जाता है।

शास्त्रों में वर्णित है कि काल भैरव का पूजन व्यक्ति की ऊर्जा, साहस और मानसिक संतुलन को मजबूत करता है। कई प्राचीन ग्रंथों में यह भी उल्लेख मिलता है कि भैरव उपासना से नकारात्मक शक्तियां शांत होती हैं और आर्थिक स्थिति स्थिर होने लगती है।

कालाष्टमी का महत्व

कालाष्टमी हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को आती है, लेकिन मार्गशीर्ष और फाल्गुन मास की कालाष्टमी को विशेष महत्व प्राप्त है।

पुराणों के अनुसार:

  • काल भैरव को समय और दिशा के रक्षक माना गया है

  • उनकी आराधना भय और संकट को दूर करने वाली मानी जाती है

  • भैरव उपासना में अनुष्ठान और सरल उपाय दोनों शामिल हैं

धर्म विशेषज्ञों का मानना है कि कालाष्टमी मन की नकारात्मकता को छोड़ने और नई ऊर्जा प्राप्त करने का अवसर देती है।

कालाष्टमी पर प्रमुख उपाय

भैरव पूजा और विशेष सामग्री अर्पित करें

कालाष्टमी के दिन भैरव के रूप की पूजा करते समय कई विशेष वस्तुओं का प्रयोग शुभ माना जाता है।

भक्त सामान्यतया:

  • काले तिल

  • काली उड़द

  • सरसों का तेल

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  • नारियल

अर्पित करते हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार भैरव पूजा में ॐ कालभैरवाय नमः मंत्र का 108 बार जाप करने से मानसिक शांति और सुरक्षा का आशीर्वाद मिलता है।

दक्षिण दिशा में दीप जलाना

संध्या के समय सरसों के तेल का दीपक जलाकर उसे दक्षिण दिशा में रखना पारंपरिक रूप से शुभ माना जाता है।

मान्यता है कि:

  • इससे नकारात्मक ऊर्जा में कमी आती है

  • घर के वातावरण में सकारात्मकता बढ़ती है

  • मन में उत्पन्न भय और चिंता घटती है

फेंगशुई और वास्तु विशेषज्ञ भी दक्षिण दिशा को स्थिरता और संरक्षण से जोड़ते हैं।

कुत्तों को भोजन कराना

काल भैरव का वाहन काला कुत्ता माना गया है।

इसलिए:

  • रोटी

  • दूध

  • मिठाई

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  • बिस्किट

जैसे खाद्य पदार्थ कुत्तों को खिलाना पुण्यदायक माना जाता है।
यह सेवा भाव को बढ़ाता है और कई भक्त इसे अपने जीवन में सकारात्मक परिणामों से जोड़ते हैं।

जलेबी या मीठी रोटी का भोग

कालाष्टमी के दिन भैरव को मीठे भोग लगाने की परंपरा भी कई क्षेत्रों में प्रचलित है।
जलेबी या मीठी रोटी का भोग लगाने को:

  • कार्यों में सफलता

  • मन की प्रसन्नता

  • समृद्धि

से जोड़ा जाता है।

काले धागे की परंपरा

बुरी नजर से बचाव के लिए कालाष्टमी पर काले धागे का महत्व बताया जाता है।

इस परंपरा के अनुसार:

  • भैरव के चरणों में काला धागा अर्पित करें

  • बाद में उसे पैर में बांधें

पंडितों के मुताबिक यह उपाय ऊर्जा संरक्षण का प्रतीक है और व्यक्ति को आत्मविश्वास देता है।

श्रीकालभैरवाष्टकम का पाठ

कालाष्टमी पर सरसों के तेल के दीये के सामने बैठकर श्रीकालभैरवाष्टकम का पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

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यह उपाय:

  • कम से कम 21 या 51 दिनों तक नियमित रूप से करने का सुझाव दिया जाता है

  • इसके माध्यम से मन स्थिर होता है

  • भक्ति और अनुशासन दोनों में वृद्धि होती है

ये उपाय क्यों माने जाते हैं प्रभावी

धर्म विशेषज्ञ बताते हैं कि काल भैरव की उपासना केवल अंधविश्वास पर आधारित नहीं है।
इन उपायों के पीछे कई व्यावहारिक कारण भी हैं, जैसे:

  • मन को शांत रखने वाली दिनचर्या

  • अनुशासन और नियमितता

  • ध्यान और प्राण ऊर्जा का संतुलन

  • सेवा और दान की भावना

इसीलिए कालाष्टमी पर किए गए सरल उपाय व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

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