Chhath Puja Vrat Parana Time: नई दिल्ली | छठ पूजा 2025 व्रत पारण का समय (Chhath Puja Vrat Parana Time): छठ पारण वो खास पल है जो छठ महापर्व के खत्म होने की निशानी होता है। व्रती का 36 घंटे का कड़ा निर्जला उपवास, संयम और भक्ति का फल यही पारण माना जाता है।
छठ पारण उस पल को कहते हैं जब व्रती सूर्य देव और छठी मइया का आशीर्वाद लेकर जल और प्रसाद लेती हैं। मान्यता है कि पारण के वक्त लिया जल सिर्फ शरीर ही नहीं, आत्मा को भी पवित्र करता है। आज छठ का पारण कब और कितने बजे होगा, ये आप यहां जान लीजिए। साथ ही छठ पारण की पूरी विधि भी बताई गई है।
छठ पारण का समय (Chhath Puja Vrat Parana Time 2025)
आज 28 अक्टूबर को सुबह 6 बजकर 3 मिनट पर सूर्योदय होगा। सूर्योदय के बाद उषा अर्घ्य दिया जाता है और फिर पारण किया जाता है। सूरज निकलने के बाद आप किसी भी समय पारण कर सकती हैं।
आज के शुभ-अशुभ मुहूर्त (Aaj Ka Shubh Ashubh Muhurat)
शुभ मुहूर्त: 11:21 AM से 12:05 PM
गुलिक काल: 1:07 PM से 2:32 PM
राहुकाल: 7:28 AM से 8:53 AM
यमघण्टकाल: 10:18 AM से 11:43 AM
ध्यान रखें, किसी भी अशुभ मुहूर्त में पारण बिल्कुल न करें।
छठ पारण की विधि (Chhath Parana Vidhi In Hindi)
छठ पारण की विधि उषा अर्घ्य के बाद होती है और ये छठ पूजा का आखिरी और सबसे पवित्र हिस्सा है। सूर्योदय पर सूर्य देव को अर्घ्य देने के बाद व्रती जल से बाहर आती हैं, छठी मइया और सूर्य देव को प्रणाम करती हैं और घर लौटती हैं। घर पहुंचकर शुद्ध जल से स्नान करती हैं, साफ कपड़े पहनती हैं और छठी मइया की छोटी पूजा करती हैं।
इसके बाद व्रती सबसे पहले गुड़ या शक्कर वाला शुद्ध जल पीकर व्रत खोलती हैं, फिर ठेकुआ, कसार या गन्ने का टुकड़ा प्रसाद के रूप में लेती हैं। यही प्रक्रिया व्रत पारण कहलाती है। व्रती के व्रत खोलने के बाद घर के बाकी सदस्य और पड़ोसी प्रसाद लेते हैं और एक-दूसरे को छठ पर्व की बधाई देते हैं। इस तरह भक्ति, पवित्रता और खुशी के साथ छठ महापर्व का समापन होता है।












