यमुनानगर (Latest Yamunanagar news): सर्दियों की दस्तक के साथ ही बाजारों में इलेक्ट्रॉनिक हीटिंग उपकरणों की मांग में तेजी आ गई है। सुबह-शाम की ठंड बढ़ने पर लोगों ने घरों में गर्माहट बनाए रखने के लिए रूम हीटर, गीजर और रॉड इत्यादि खरीदने ओर बढ़ गए हैं। इस दौरान सबसे ज्यादा मांग गीजर की है, चूंकि इन दिनों ठंडे पानी से नहाना मुश्किल हो गया है।
इलेक्ट्रॉनिक सामान के विक्रेता कर्ण गर्ग ने बताया कि इस बार पिछले वर्षों की तुलना में ग्राहकों की संख्या में वृद्धि देखने को मिली है। उन्होंने बताया कि गीजर की बिक्री में काफी तेजी आई है। इसके अलावा रूम हीटर की मांग में भी तेजी है। चूंकि रूम हीटर किफायती होने के साथ तुरंत गर्माहट देने में सक्षम हैं।
इसके अलावा हॉट एयर ब्लोअर की लोग मांग कर रहे हैं। कमरे का तापमान ठीक रखने के लिए ब्लोअर बेहद कारगर है। बाजार में छोटे रूम हीटर की कीमत 600 से 1500 रुपये तक है। यह मध्यम वर्गीय परिवार के बजट में आसानी से फिट बैठता है।
रूम हीटर की मांग नवजात शिशुओं वाले घरों में ज्यादा है। इसके अलावा महिलाएं रसोई के लिए गीजर खरीदने आ रही हैं। बाजार में आकार में छोटे और वजन में हल्के गीजर उपलब्ध हैं। यह पोर्टेबल गीजर रसोई के साथ वॉशबेसिन की टैब पर फिट हो जाता है। महिलाओं को यह गीजर ज्यादा पसंद आ रहे हैं।
ठंड बढ़ने पर और आएगी तेजी
विक्रेता कर्ण ने बताया कि अभी ठंड की दस्तक है। हर दिन के साथ ठंड बढ़ेगा और पारा गिरता जाएगा। इससे हीटिंग उपकरणों की बिक्री में और तेजी आएगी। वहीं, ग्राहक कड़ाके की सर्दी से पहले ही इंतेजाम करने में लगे हैं। ऐसे में लोग विभिन्न तरह के हीटिंग उपकरणों की खरीदारी कर रहे हैं।
इलेक्ट्रिक और इंस्टेंट गीजर की मांग
चिराग ने बताया कि गीजर की लोगों में काफी मांग है। इन दिनों ठंड में सुबह नहाने व शाम को अन्य काम के लिए गर्म पानी की जरूरत पड़ने लगी है। ऐसे में इलेक्ट्रिक और इंस्टेंट गीजर की बिक्री बढ़ी है। लोगों को सबसे ज्यादा छोटे आकार के गीजर पसंद आ रहे हैं। बाजार में गीजर की कीमत 4000 से 10,000 रुपये तक है।
ब्रांड, क्षमता और फीचर्स के अनुसार कीमतों में अंतर है। इसके अलावा पानी गर्म करने की रॉड तो हाथों हाथ बिक्र रही है। बाजार में 250 से लेकर 1200 रुपये की रॉड उपलब्ध है। कारोबारियों का कहना है कि कम कीमत होने के कारण यह उपकरण ग्रामीण क्षेत्रों की पहली पसंद है। एक सप्ताह में रॉड की बिक्री लगभग दोगुनी हो गई है।













