Aaj Ka Panchang 25 May 2025 shubh muhurat in Hindi: आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang) 25 मई 2025 को ज्येष्ठ मास के रविवार व्रत का खास महत्व है। यह दिन सूर्य उपासना (Surya Upasana) और संतान की उन्नति के लिए विशेष माना जाता है। गर्मी के इस महीने में दान-पुण्य (Daan Punya) और पूजा-पाठ से मन को शांति मिलती है।
श्री आदित्यहृदयस्तोत्र का तीन बार पाठ करें। गायत्री मंत्र (Gayatri Mantra) का जाप मन को सात्विक बनाता है। आज के शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat) और राहुकाल (Rahu Kaal) की जानकारी आपको दिन को और फलदायी बनाने में मदद करेगी। आइए, जानते हैं कि आज के पंचांग में क्या है खास।
Aaj Ka Panchang 25 May 2025: शुभ मुहूर्त और पंचांग की जानकारी
आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang) विक्रम संवत 2082 के ज्येष्ठ मास, कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को दर्शाता है। यह रविवार सूर्य व्रत (Jyestha Vrat) का दिन है। सूर्योदय सुबह 5:09 बजे और सूर्यास्त शाम 7:08 बजे होगा। नक्षत्र अश्वनी और चंद्र राशि मेष रहेगी। अभिजीत मुहूर्त (Shubh Muhurat) दोपहर 11:53 से 12:43 तक रहेगा।
विजय मुहूर्त दोपहर 2:23 से 3:25 बजे तक है। ब्रम्ह मुहूर्त (Brahma Muhurat) सुबह 4:06 से 5:09 बजे तक रहेगा। राहुकाल (Rahu Kaal) शाम 4:00 से 5:30 बजे तक रहेगा, इस दौरान शुभ कार्यों से बचें। पश्चिम दिशा में यात्रा से बचें (Disha Shool)।
पूजा और दान के खास उपाय
आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang) ज्येष्ठ रविवार को सूर्य नारायण की उपासना (Surya Upasana) का विशेष महत्व बताता है। गायत्री मंत्र (Gayatri Mantra) और सूर्य के बीज मंत्र का जाप करें। श्री रामरक्षास्तोत्र (Ramraksha Stotra) का पाठ ब्रम्ह मुहूर्त (Brahma Muhurat) में करने से कष्ट दूर होते हैं।
गौशाला में गायों को रोटी, गुड़, और चारा खिलाएं। यह अखंड पुण्य (Daan Punya) देता है। घर की छत पर पक्षियों के लिए दाना-पानी रखें। जल, गुड़, और सप्त अन्न का दान करें। यह दान गर्मी में विशेष फलदायी है। मीठा और जल का दान अनंत गुना पुण्य देता है। पिता का आशीर्वाद लें। यह दिन फलाहार के साथ नियमपूर्वक व्रत रखने का है।
सावधानियां और सुझाव
आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang) कुछ सावधानियों की ओर भी इशारा करता है। राहुकाल (Rahu Kaal) के दौरान कोई नया कार्य शुरू न करें। पश्चिम दिशा में यात्रा (Disha Shool) टालें। अगर यात्रा जरूरी है, तो एक दिन पहले प्रस्थान निकाल लें। बच्चे, बुजुर्ग, और बीमार लोग व्रत से बचें। वे केवल पूजा-पाठ करें।
मन को सात्विक और शांत रखें। श्री अरण्यकांड का पाठ करें। यह आपके जीवन से कष्टों को दूर करता है। सूर्य व्रत (Jyestha Vrat) और दान-पुण्य (Daan Punya) से आपका दिन पुण्यदायी बनेगा। क्या आप आज इन उपायों को आजमाएंगे? अपनी राय साझा करें।












