Apple AirTag के आकार वाले एक AI पिन पर काम कर रहा है। इसमें कैमरा और स्पीकर होंगे। 2027 तक इसके लॉन्च होने की उम्मीद है जो OpenAI को टक्कर देगा।
टेक दुनिया में आए दिन नए प्रयोग होते रहते हैं और इस बार खबर दिग्गज कंपनी एपल के खेमे से आ रही है। रिपोर्ट्स की मानें तो एपल एक बेहद ही खास और छोटे डिवाइस पर काम कर रहा है। यह डिवाइस एक ‘AI पिन’ होगा जिसका आकार कंपनी के मशहूर ट्रैकिंग डिवाइस AirTag जैसा हो सकता है।
माना जा रहा है कि एपल इसे सीधे तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में अपनी बादशाहत कायम करने और OpenAI जैसी कंपनियों को चुनौती देने के लिए तैयार कर रहा है।
कैसा होगा एपल का यह जादुई गैजेट
‘द इंफॉर्मेशन’ की एक रिपोर्ट के अनुसार एपल का यह नया डिवाइस एल्युमीनियम और ग्लास की बॉडी के साथ आएगा। इसका डिजाइन काफी कॉम्पैक्ट और प्रीमियम होगा। देखने में यह छोटा जरूर होगा लेकिन इसके फीचर्स काफी दमदार होने वाले हैं।
डिवाइस के प्रमुख संभावित फीचर्स
दो कैमरे: इसमें एक स्टैंडर्ड और एक वाइड एंगल कैमरा दिया जाएगा जो आसपास के माहौल को देख सकेगा।
बेहतरीन ऑडियो: यूजर की आवाज सुनने के लिए इसमें तीन माइक्रोफोन और जवाब देने के लिए एक इनबिल्ट स्पीकर होगा।
कंट्रोल बटन: डिवाइस को ऑपरेट करने के लिए साइड में एक बटन दिया जा सकता है।
चार्जिंग: इसे चार्ज करने के लिए पीछे की तरफ मैग्नेटिक सिस्टम होगा जो एपल वॉच के चार्जर जैसा काम करेगा।
OpenAI से मुकाबले की बड़ी तैयारी
एपल का यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी OpenAI भी अपने खुद के हार्डवेयर पर काम कर रही है। टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि एपल नहीं चाहता कि एआई हार्डवेयर की रेस में वह पिछड़ जाए।
यही वजह है कि कंपनी इस प्रोजेक्ट को ‘सुपर सीक्रेट’ तरीके से लेकिन तेजी से आगे बढ़ा रही है। इसका मकसद एक ऐसा साथी तैयार करना है जो हर वक्त आपके साथ रहे और आपकी मदद करे।
सिरी का नया और स्मार्ट अवतार
एपल अपने वॉइस असिस्टेंट सिरी (Siri) को पूरी तरह बदलने की तैयारी में है। यह नया AI पिन आने वाले समय में सिरी के नए वर्जन के साथ मिलकर काम करेगा। रिपोर्ट्स बताती हैं कि एपल इसमें गूगल के जेमिनी (Gemini) मॉडल का भी इस्तेमाल कर सकता है।
इसका मतलब है कि यह डिवाइस आपसे इंसानों की तरह बात करेगा और आपके सवालों के सटीक जवाब देगा। यह केवल कमांड मानने वाला रोबोट नहीं बल्कि एक स्मार्ट असिस्टेंट होगा।
कब तक हो सकता है लॉन्च
फिलहाल यह प्रोजेक्ट अपनी शुरुआती स्टेज में है। सूत्रों का दावा है कि अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो एपल इसे साल 2027 तक बाजार में उतार सकता है।
कंपनी की योजना शुरुआत में करीब 2 करोड़ यूनिट्स बनाने की है। हालांकि अगर प्रोटोटाइप उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा तो कंपनी इसे रद्द भी कर सकती है जैसा कि पहले इलेक्ट्रिक कार प्रोजेक्ट के साथ हुआ था।
पुरानी गलतियों से सीखने की जरूरत
एआई वियरेबल्स का इतिहास अब तक बहुत अच्छा नहीं रहा है। हाल ही में एपल के पूर्व कर्मचारियों द्वारा बनाया गया ‘Humane AI Pin’ बाजार में बुरी तरह फ्लॉप साबित हुआ था। हीटिंग की समस्या और धीमी परफॉर्मेंस के कारण लोग इसे पसंद नहीं कर पाए।
एपल के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि वह इन कमियों को दूर करे और प्राइवेसी के साथ एक उपयोगी डिवाइस पेश करे।












