हर वर्ष सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करने के साथ धनु संक्रांति का शुभ पर्व मनाया जाता है। हिंदू कैलेंडर में इसे सूर्य पूजा, दान और आध्यात्मिक साधना के सबसे महत्वपूर्ण अवसरों में गिना जाता है। इसी दिन से खरमास, जिसे मलमास भी कहा जाता है, आरंभ होता है।
धनु संक्रांति क्यों मानी जाती है खास
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्य के राशि परिवर्तन को प्रकृति में एक ऊर्जात्मक बदलाव का संकेत माना गया है। धनु संक्रांति का समय
आध्यात्मिक साधना
पितरों का स्मरण
और शुभ कर्मों की शुरुआत
का श्रेष्ठ अवसर माना जाता है।
पुराणों में उल्लेख मिलता है कि धनु संक्रांति के दौरान किए गए स्नान, दान और सूर्य उपासना से जीवन में सकारात्मकता, स्वास्थ्य और ऊर्जा बढ़ती है। ज्योतिष विशेषज्ञों का मानना है कि इस अवधि में किए गए धार्मिक कार्य सूर्य दोष को कम करते हैं और व्यक्तित्व में आत्मविश्वास बढ़ाते हैं।
ज्योतिषाचार्य डॉ. विनय मिश्रा बताते हैं
धनु संक्रांति वह कालखंड है जब सूर्य की अग्नि ऊर्जा व्यक्ति के मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन को मजबूत करती है। सही विधि से किए गए उपायों का असर लंबी अवधि तक बना रहता है।
धनु संक्रांति 2025: तिथि और समय
सूर्य देव वर्तमान में वृश्चिक राशि में स्थित हैं और
16 दिसंबर 2025, मंगलवार सुबह 4 बजकर 26 मिनट पर
धनु राशि में प्रवेश करेंगे।
इसी क्षण से खरमास की शुरुआत हो जाएगी, जो 14 जनवरी 2026 तक चलेगा।
इसके बाद सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे और पूरे देश में मकर संक्रांति मनाई जाएगी।
धनु संक्रांति पर क्या करें
धनु संक्रांति के दिन सुबह का समय सबसे शुभ माना जाता है। धर्मशास्त्रों के अनुसार, इस दिन किए गए कुछ विशेष उपाय जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाते हैं।
1. सूर्य को अर्घ्य अर्पित करें
ध्यान और श्रद्धा के साथ सूर्य उदय के समय
तांबे के लोटे में जल
लाल पुष्प
थोड़ा सा गुड़
और लाल चंदन
मिलाकर पूर्व दिशा की ओर मुख करके अर्घ्य दें।
यह उपाय
पितृ संबंधी बाधाओं को शांत करने और ग्रहों की स्थिति को संतुलित करने के लिए अत्यंत प्रभावी माना गया है।
2. पितरों के लिए तर्पण
धनु संक्रांति पितरों के स्मरण के लिए अत्यंत पुण्य अवसर है।
आप जल में
काला तिल
कुश
थोड़ी सी दूध की धारा
मिलाकर तर्पण करें।
जप करें
ॐ पितृदेवताभ्यो नमः
और अपने पितरों का स्मरण करें।
ज्योतिषियों के अनुसार यह उपाय पितृ दोष को कम करने में सहायक है।
3. दान को मिलेगी विशेष पुण्य फल
धर्मशास्त्रों में कहा गया है कि खरमास के पहले दिन किया गया दान कई गुना फल देता है।
इस दिन आप दान कर सकते हैं
गुड़
तिल
चावल
कंबल
घी
पीले वस्त्र
शाम के समय तुलसी के पौधे या घर के मंदिर में दीपदान करना भी अत्यंत शुभ माना गया है।
इस दिन का महत्व आज क्यों बढ़ गया है
आधुनिक जीवनशैली के बीच धनु संक्रांति मानसिक शांति और आत्मिक सुकून पाने का अवसर देती है। कई लोग इस दिन
नई शुरुआत करने
आध्यात्मिक लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने
पुराने तनावों को छोड़ने
का संकल्प लेते हैं।
धार्मिक परंपराओं के साथ-साथ, इसे ऊर्जा पुनर्संतुलन का काल भी माना जाता है, जो आने वाले पूरे महीने के लिए व्यक्तित्व को दिशा देता है।











