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कलेसर नेशनल पार्क की शान बने गजराज, हाथियों का दल लौटा जंगल

On: November 14, 2025 6:43 PM
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कलेसर नेशनल पार्क की शान बने गजराज, हाथियों का दल लौटा जंगल
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कलेसर नेशनल पार्क, यमुनानगर। शिवालिक की पहाड़ियों से सटे कलेसर नेशनल पार्क प्राकृतिक सौंदर्य को लेकर हमेशा से आकर्षण का केंद्र रहा है। लेकिन, इन दिनों गजराज की चहलकदमी होने पर जंगल की शोभा में और भी चार चांद लग गए। एक नहीं दो नहीं, पूरा हाथियों का झुंड जंगल में दिखाई दे रहा है। इसकी कुछ तस्वीरें सामने आई हैं।

दरअसल, सर्दी का सीजन शुरू हो चुका है, ऐसे में धूप जंगल के अंदर घुले मैदान के अंदर हाथी धूप का आनंद लेते दिखाई दे रहे हैं। बता दें नेशनल पार्क 11570 एकड़ एरिया में फैला है। इसमें हाथी, बाघ, सांभर, खरगोश, अजगर, चीतल, कोबरा, जंगली मोर, तेंदुआ, बंदर, लंगूर इत्यादि जंतु देखे जा सकते हैं।

सर्दियों में नहीं रहती हरे चारे की कमी

कलेसर नेशनल पार्क वैसे खूबसूरत पेड़ों से घना है। गर्मियों में भीष्ण गर्मी के चलते हरे चारे की दिक्कत आ जाती है, किंतु सर्दियों में यहां चारे की कोई दिक्कत नहीं आती। खासकर हाथियों का बांस के पेड़ पसंदीदा भोजन है। इसलिए वन्य प्राणी विभाग की तरफ से यहां हर साल बांस के पेड़ भी लगाए जाते हैं तोकि हाथियों को भोजन की दिक्कत न आए।

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वन्य प्राणी विभाग के इंस्पेक्टर लीलू राम ने बताते हैं कि जैसे-जैसे सर्दी बढ़ती है, वैसे-वैसे हाथी व अन्य पशु धूप सेंकने के लिए जंगल के खुले मैदानों में निकल आते हैं। सुबह-सुबह की कोहरे भरी ठंडक जब कम होती है, तो दोपहर के समय हाथी समूह बनाकर चराई और धूप का आनंद लेते नजर आते हैं। कई बार छोटे हाथी अपनी मस्तियों में इधर-उधर दौड़ते हैं, तो बड़े हाथी धूप में धीरे-धीरे चहलकदमी करते देखे जा सकते हैं।

पर्यटकों की पहली पसंद बनता कलेसर सफारी

पिछले कुछ वर्षों में कलेसर सफारी क्षेत्र पर्यटकों की पसंदीदा जगहों में शामिल हो गया है। छुट्टियों के दिनों में यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। सुबह की सफारी में जब सूरज की किरणें पेड़ों के बीच से छनकर आती हैं और हवा में ठंडक हल्की होती है, उस समय हाथियों का झुंड सबसे खूबसूरत लगता है।

कई पर्यटक बताते हैं कि राजाजी नेशनल पार्क की तुलना में कलेसर का जंगल अधिक शांत और कम भीड़भाड़ वाला है, जिससे वन्य जीवों को देखने की संभावना बढ़ जाती है। विभाग के अनुसार जंगल सफारी को सुरक्षित और रोमांचक बनाने के लिए सभी वाहन चालक प्रशिक्षित हैं और वन नियमों का कड़ाई से पालन करवाया जाता है।

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भोजन और पानी की उत्तम व्यवस्था

कलेसर जंगल में वन विभाग द्वारा भोजन और पानी की पर्याप्त व्यवस्था की गई है, ताकि वन्य जीवों को कहीं और भटकना न पड़े। जंगल में कई तालाब और गजलर बनाए गए हैं, जिनमें हर दिन साफ और ताजा पानी टैंकरों द्वारा भरा जाता है। इसके अलावा, पानी की पाइपलाइन भी जंगल के कई हिस्सों में बिछाई गई है, जिससे हाथियों और अन्य जीवों को पीने और नहाने के लिए हर समय पानी उपलब्ध रहता है।

वन विभाग के अनुसार पानी की यह व्यवस्था गर्मी से लेकर सर्दियों तक वन्य जीवों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। खासकर हाथी, जो प्रतिदिन बड़ी मात्रा में पानी का सेवन करते हैं, उनके लिए यह सुविधा बेहद आवश्यक है।

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मौलिक गुप्ता

मौलिक गुप्ता एक प्रतिभाशाली और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 8 वर्षों से एंटरटेनमेंट और ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर आकर्षक और ताज़ा खबरें लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ बॉलीवुड, टीवी, सेलिब्रिटी अपडेट्स, वायरल ट्रेंड्स और सोशल मीडिया की हलचल को कवर करती हैं, जो पाठकों को मनोरंजन की दुनिया से जोड़े रखती हैं। मौलिक का लेखन शैली जीवंत, रोचक और समयानुकूल है, जो युवा और विविध पाठकों को आकर्षित करता है। वे Haryananewspost.com न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय हैं, जहाँ उनके लेख ट्रेंडिंग विषयों पर गहरी अंतर्दृष्टि और मनोरंजक जानकारी प्रदान करते हैं।

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