Google ने अपने करोड़ों यूजर्स के लिए एक अहम और लंबे समय से प्रतीक्षित बदलाव की शुरुआत कर दी है। अब कुछ यूजर्स को अपने Google अकाउंट से जुड़े ईमेल एड्रेस को बदलने का विकल्प मिल रहा है। यह अपडेट खासतौर पर उन लोगों के लिए राहत लेकर आया है, जिन्होंने बचपन या शुरुआती इंटरनेट दौर में मजाकिया या अनौपचारिक नामों से Gmail ID बना ली थी और बाद में प्रोफेशनल या पर्सनल वजहों से असहज महसूस करने लगे।
यह सुविधा धीरे धीरे रोलआउट की जा रही है और अभी सभी अकाउंट्स पर उपलब्ध नहीं है। फिर भी, यह Google की उस सोच को दिखाती है जिसमें यूजर की बदलती जरूरतों को प्राथमिकता दी जा रही है।
क्यों जरूरी था Gmail एड्रेस बदलने का विकल्प
पिछले करीब दो दशकों से Gmail यूजरनेम को स्थायी माना जाता रहा है। एक बार बना लिया तो उसे बदलना लगभग नामुमकिन था। लेकिन डिजिटल पहचान के महत्व के बढ़ने के साथ यह समस्या भी सामने आई कि कई लोग अपने ईमेल पते को सार्वजनिक रूप से साझा करने में झिझकते हैं।
डिजिटल प्राइवेसी एक्सपर्ट अमित वर्मा के अनुसार
आज ईमेल सिर्फ मैसेज भेजने का जरिया नहीं रहा। यह नौकरी, बैंकिंग, सरकारी सेवाओं और ऑनलाइन पहचान का आधार बन चुका है। ऐसे में यूजर को अपने एड्रेस पर नियंत्रण मिलना बेहद जरूरी था।
कौन से यूजर्स बदल सकते हैं अपना Gmail एड्रेस
थर्ड पार्टी ईमेल से बने Google अकाउंट
जिन यूजर्स ने Yahoo, Outlook या किसी अन्य नॉन Google ईमेल के जरिए Google अकाउंट बनाया था, उन्हें अब अपने अकाउंट से जुड़े Gmail एड्रेस को अपडेट करने का विकल्प मिल सकता है। इस कैटेगरी के यूजर्स सबसे पहले इस फीचर के दायरे में आए हैं।
स्टैंडर्ड Gmail अकाउंट्स पर सीमाएं
अगर आपका अकाउंट सीधे @gmail.com से बना है, तो अभी यह सुविधा सीमित रूप में ही उपलब्ध है। Google की आधिकारिक सपोर्ट गाइडलाइंस के मुताबिक, ऐसे अकाउंट्स को फिलहाल कुछ तकनीकी और सुरक्षा कारणों से इस बदलाव की पूरी अनुमति नहीं दी गई है।
Google का कहना है कि सभी यूजर्स को धीरे धीरे शामिल करने की योजना पर काम चल रहा है।
पुराने ईमेल का क्या होगा
Google ने स्पष्ट किया है कि नया ईमेल एड्रेस लॉग इन के लिए प्राइमरी बन जाएगा, लेकिन पुराना एड्रेस अकाउंट से पूरी तरह हटेगा नहीं। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि
पुराना डेटा सुरक्षित रहे
पुराने ईमेल पर आने वाले जरूरी मैसेज मिस न हों
अकाउंट रिकवरी में कोई समस्या न आए
यह बैकग्राउंड सिस्टम यूजर एक्सपीरियंस को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाए रखने के लिए डिजाइन किया गया है।
कैसे चेक करें कि आपके अकाउंट में यह फीचर आया है या नहीं
अगर आप जानना चाहते हैं कि आपके Google अकाउंट में यह विकल्प उपलब्ध है या नहीं, तो नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करें
डेस्कटॉप ब्राउजर में अपने Google अकाउंट में लॉग इन करें
बाईं ओर दिए गए मेनू से Personal Info सेक्शन खोलें
Contact Info के अंदर Email विकल्प पर क्लिक करें
Google Account Email पर टैप करके देखें कि एडिट करने का ऑप्शन दिख रहा है या नहीं
अगर सिस्टम आपको इस सेटिंग तक पहुंचने नहीं देता, तो इसका मतलब है कि आपके अकाउंट के लिए यह फीचर अभी रोलआउट नहीं हुआ है।
Google ने यह कदम क्यों उठाया
पिछले कुछ सालों में Google ने यूजर कंट्रोल और कस्टमाइजेशन पर खास ध्यान दिया है। पासकी सपोर्ट, सिक्योरिटी चेकअप और प्राइवेसी डैशबोर्ड जैसे फीचर्स उसी दिशा के उदाहरण हैं। Gmail एड्रेस बदलने का विकल्प भी उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
टेक एनालिस्ट्स के मुताबिक, यह बदलाव
प्रोफेशनल यूजर्स के लिए भरोसा बढ़ाएगा
डिजिटल पहचान को अधिक लचीला बनाएगा
लंबे समय से चली आ रही एक बड़ी शिकायत को दूर करेगा
आगे क्या उम्मीद की जा सकती है
हालांकि Google ने अभी कोई तय तारीख नहीं बताई है, लेकिन संकेत साफ हैं कि भविष्य में अधिक Gmail अकाउंट्स को इस सुविधा में शामिल किया जाएगा। खासकर ऐसे यूजर्स के लिए जो कई साल पुराने अकाउंट इस्तेमाल कर रहे हैं।
क्या यह जानकारी सही है
हां, यह जानकारी Google की सपोर्ट गाइडलाइंस और विश्वसनीय टेक रिपोर्ट्स पर आधारित है।
क्या यह खबर यूजर्स के लिए उपयोगी है
बिलकुल। यह अपडेट डिजिटल पहचान और प्रोफेशनल कम्युनिकेशन से सीधे जुड़ा है, जो रोजमर्रा के उपयोग में बड़ा असर डालता है।












