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Maa par shayari: मां पर शायरी, मुनव्वर राना की शायरी में बसी मां की अनमोल दास्तान

On: May 6, 2025 11:49 AM
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Maa par shayari: मां पर शायरी, मुनव्वर राना की शायरी में बसी मां की अनमोल दास्तान
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Maa par shayari Munawwar Rana shayari on maa: मां – यह छोटा सा शब्द अपने आप में एक अनंत संसार समेटे हुए है। वह एक ऐसी शक्ति है, जो अपने बच्चों के लिए हर मुश्किल को आसान बना देती है। मां की गोद में सुकून है, उसकी मुस्कान में जिंदगी की रोशनी और उसकी दुआओं में हर मुसीबत से बचाव का रास्ता। मां का प्यार ऐसा समंदर है, जिसमें हर दुख डूब जाता है और सिर्फ खुशियां तैरती रहती हैं। मशहूर शायर मुनव्वर राना ने अपनी शायरी में मां की इसी ममता को शब्दों का जामा पहनाया है। उनकी शायरी न सिर्फ दिल को छूती है, बल्कि मां के प्रति हमारे प्यार और सम्मान को और गहरा करती है। आइए, उनकी शायरी के जरिए मां की उस अनमोल दुनिया में खो जाएं।

Maa par shayari: मां जीवन की पहली गुरु

मां सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि वो पहली शिक्षक है, जो हमें जीवन का हर सबक सिखाती है। वह हमें सही-गलत का फर्क बताती है, हमें प्यार और धैर्य का मतलब समझाती है। मां का हर बलिदान, हर आंसू और हर मुस्कान हमारे लिए एक अनमोल तोहफा है। मुनव्वर राना की शायरी में मां को एक ऐसी ताकत के रूप में दर्शाया गया है, जो हर परिस्थिति में अपने बच्चों का सहारा बनती है। उनकी पंक्तियां मां के उस प्यार को बयां करती हैं, जो बिना शर्त और बिना सीमा के होता है।

Shayari on Maa in Hindi

जब भी कश्ती मिरी सैलाब में आ जाती है
मां दुआ करती हुई ख़्वाब में आ जाती है

अभी ज़िंदा है मां मेरी मुझे कुछ भी नहीं होगा
मैं घर से जब निकलता हूं दुआ भी साथ चलती है

तेरे दामन में सितारे हैं तो होंगे ऐ फ़लक
मुझ को अपनी मां की मैली ओढ़नी अच्छी लगी

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मुख़्तसर होते हुए भी ज़िंदगी बढ़ जाएगी
माँ की आंखें चूम लीजे रौशनी बढ़ जाएगी

मां की दुआएं: हर मुश्किल का कवच

मां की दुआएं वो जादुई मंत्र हैं, जो हमें हर मुसीबत से बचाती हैं। जब दुनिया हमें ठुकरा देती है, तब भी मां की गोद हमें बिना सवाल किए अपनाती है। मुनव्वर राना ने अपनी शायरी में मां की दुआओं को एक ऐसी ताकत बताया है, जो हमें हर तूफान से पार करवाती है। उनकी शायरी में मां की ममता को धरती पर भगवान का दर्जा दिया गया है, जो हर बच्चे के लिए एक अनमोल खजाना है।

Munnawar Rana Maa Shayari in Hindi

चलती फिरती हुई आंखों से अज़ां देखी है
मैं ने जन्नत तो नहीं देखी है माँ देखी है

किसी को घर मिला हिस्से में या कोई दुकां आई
मैं घर में सब से छोटा था मिरे हिस्से में माँ आई

इस तरह मेरे गुनाहों को वो धो देती है
मां बहुत ग़ुस्से में होती है तो रो देती है

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बर्बाद कर दिया हमें परदेस ने मगर
मां सब से कह रही है कि बेटा मज़े में है

मुनव्वर राना की शायरी: मां का आलिंगन

मुनव्वर राना की शायरी में मां की ममता को कुछ इस तरह बयां किया गया है कि हर पंक्ति दिल को छू लेती है। उनकी शायरी में मां की वह ताकत झलकती है, जो गुस्से में भी रो देती है, लेकिन अपने बच्चों के लिए हर दर्द सह लेती है। उनकी पंक्तियां हमें याद दिलाती हैं कि मां के बिना जिंदगी अधूरी है। मां का आलिंगन वो सुकून है, जिसमें सारी थकान मिट जाती है और जिंदगी फिर से हसीन हो उठती है।

Munawwar Rana ki Shayari maa ke upar

ये सोच के मां बाप की ख़िदमत में लगा हूँ
इस पेड़ का साया मिरे बच्चों को मिलेगा

मुनव्वर मां के आगे यूं कभी खुल कर नहीं रोना
जहां बुनियाद हो इतनी नमी अच्छी नहीं होती

हंसते हुए मां-बाप की गाली नहीं खाते
बच्चे हैं तो क्यूं शौक़ से मिट्टी नहीं खाते

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मां के बिना अधूरी है जिंदगी

मां के बिना जीवन की कल्पना करना नामुमकिन है। वह वो धुरी है, जिसके इर्द-गिर्द हमारी पूरी दुनिया घूमती है। मुनव्वर राना की शायरी हमें मां के महत्व को और गहराई से समझाती है। उनकी हर पंक्ति में मां के प्रति सम्मान, प्यार और कृतज्ञता झलकती है। उनकी शायरी पढ़कर हर कोई अपनी मां के करीब आने को मजबूर हो जाता है।

मां की ममता को संजोएं

मुनव्वर राना की शायरी हमें याद दिलाती है कि मां का प्यार अनमोल है। उनकी पंक्तियां न सिर्फ हमें मां के बलिदानों का एहसास कराती हैं, बल्कि हमें उनके प्रति अपने कर्तव्यों को भी याद दिलाती हैं। तो आइए, इस मां के प्रति अपनी भावनाओं को शब्दों में पिरोएं और उनकी दुआओं को अपने जीवन का सबसे बड़ा खजाना बनाएं।

अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

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