ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Pitru Tarpan: पितृ पक्ष में अंगूठे से जल देने का क्या है धार्मिक महत्व?

On: September 9, 2025 8:37 PM
Follow Us:
Pitru Tarpan: पितृ पक्ष में अंगूठे से जल देने का क्या है धार्मिक महत्व?
Join WhatsApp Group

Pitru Tarpan: हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का विशेष महत्व है, जब 15 दिनों तक पितरों का तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान किया जाता है। मान्यता है कि इस दौरान पूर्वज धरती पर आते हैं और अपने वंशजों को आशीर्वाद देते हैं। ऐसा करने से पितरों की आत्मा को तृप्ति और मोक्ष मिलता है। आपने देखा होगा कि तर्पण के समय पितरों को अंगूठे से जल अर्पित किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके पीछे का कारण क्या है? आइए, इस धार्मिक परंपरा का रहस्य समझते हैं।

अंगूठे से जल देने की परंपरा

AI भी नहीं छीन पाएगा आपकी नौकरी, बस अपने अंदर पैदा कर लें ये 5 खूबियां, नई रिपोर्ट में खुलासा
AI भी नहीं छीन पाएगा आपकी नौकरी, बस अपने अंदर पैदा कर लें ये 5 खूबियां, नई रिपोर्ट में खुलासा

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितरों को अंगूठे से जल देने की प्रथा महाभारत और रामायण काल से चली आ रही है। कहा जाता है कि भगवान श्रीराम ने अपने पिता राजा दशरथ और पांडवों ने अपने परिजनों का तर्पण करते समय अंगूठे से जल अर्पित किया था। धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि मानव शरीर के हर अंग में किसी न किसी देवता या ग्रह का वास होता है। अंगूठे को पितरों का स्थान माना जाता है, इसलिए तर्पण में इसका उपयोग किया जाता है।

अंगूठे से जल देने के लाभ

WhatsApp Web पर आया ग्रुप वीडियो कॉल का नया फीचर, स्क्रीन शेयर करने के साथ मिलेगा वेटिंग रूम का सपोर्ट
WhatsApp Web पर आया ग्रुप वीडियो कॉल का नया फीचर, स्क्रीन शेयर करने के साथ मिलेगा वेटिंग रूम का सपोर्ट

महाभारत और अग्नि पुराण के अनुसार, अंगूठे से जल चढ़ाने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। हथेली का वह हिस्सा, जहां अंगूठा होता है, उसे पितृ तीर्थ कहा जाता है। इस तीर्थ से होकर जल पिंडों तक पहुंचता है, जिससे पितरों को भोजन और तृप्ति मिलती है। यह प्रक्रिया पितरों को मोक्ष दिलाने में मदद करती है।

गलत उंगली से जल चढ़ाने का नुकसान

एआई रोबोट को काम सिखाने के मिल रहे प्रति घंटा 250 रुपये, भारत में शुरू हुआ अनोखा ट्रेंड
एआई रोबोट को काम सिखाने के मिल रहे प्रति घंटा 250 रुपये, भारत में शुरू हुआ अनोखा ट्रेंड

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अगर तर्पण में अंगूठे की जगह दूसरी उंगली से जल चढ़ाया जाए, तो वह पितरों तक नहीं पहुंचता। इससे न तो उन्हें भोजन मिलता है और न ही जल, जिसके कारण उनकी आत्मा को मोक्ष नहीं मिल पाता। इसलिए, तर्पण की विधि को सही तरीके से करना जरूरी है।

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment