देश में साइबर फ्रॉड का तरीका तेजी से बदल रहा है। अब ठग सिर्फ अनपढ़ या तकनीक से दूर लोगों को नहीं, बल्कि पढ़े लिखे और सरकारी सेवा से रिटायर अधिकारियों को भी निशाना बना रहे हैं। मुंबई में सामने आए एक ताजा मामले में CGST विभाग से सेवानिवृत्त सुपरिंटेंडेंट को WhatsApp आधारित शेयर ट्रेडिंग स्कैम में करीब 9.7 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
यह घटना बताती है कि ऑनलाइन निवेश के नाम पर चल रहे फर्जी ग्रुप और ऐप्स किस तरह भरोसा जीतकर लोगों की गाढ़ी कमाई हड़प रहे हैं।
कौन बना ठगी का शिकार और कैसे
पुलिस के अनुसार पीड़ित की उम्र 61 वर्ष है और वे मुंबई के विक्रोली पूर्व इलाके में रहते हैं। जुलाई 2024 में वे CGST विभाग से सुपरिंटेंडेंट पद से रिटायर हुए थे।
पहला संपर्क
25 नवंबर को पीड़ित को WhatsApp पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को एक जानी मानी ब्रोकरेज फर्म से जुड़ा बताया और शेयर बाजार में सुरक्षित निवेश का भरोसा दिलाया।
WhatsApp ग्रुप से बना भरोसा
कॉल के बाद पीड़ित को Limited CLUB 60 नाम के WhatsApp ग्रुप में जोड़ा गया। इस ग्रुप में
रोजाना शेयर टिप्स
मुनाफे के स्क्रीनशॉट
अन्य सदस्यों के कथित लाभ के दावे
शेयर किए जा रहे थे। साइबर विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे ग्रुप पहले भरोसा बनाने के लिए डिजाइन किए जाते हैं।
फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए ठगी
ग्रुप एडमिन के कहने पर पीड़ित ने एक लिंक से VSLNHW नाम की मोबाइल ऐप डाउनलोड की। इसे ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म बताया गया।
13 दिसंबर से 27 दिसंबर के बीच पीड़ित ने
कुल 10 बार RTGS ट्रांजैक्शन
अलग अलग बैंक खातों में
कुल राशि करीब 9.70 लाख रुपये
ट्रांसफर किए। ये खाते निवेश के नाम पर बताए गए थे।
अचानक अकाउंट हुआ खाली
कुछ दिनों बाद जब पीड़ित ने ऐप में अपना ट्रेडिंग अकाउंट देखा, तो बैलेंस शून्य दिखा। इस पर उन्होंने ग्रुप की एडमिन से संपर्क किया।
पहले और पैसा डालने का दबाव बनाया गया
बाद में रकम लौटाने से साफ इनकार कर दिया गया
यहीं पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ।
पुलिस में शिकायत और जांच
घटना की जानकारी पीड़ित ने अपने बेटे को दी। इसके बाद विक्रोली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने
साइबर धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज किया
बैंक खातों और डिजिटल ट्रेल की जांच शुरू की
पुलिस का कहना है कि इस तरह के कई मामले सामने आ रहे हैं जिनमें WhatsApp ग्रुप और नकली ऐप का इस्तेमाल हो रहा है।
यह मामला क्यों अहम है
साइबर अपराध विशेषज्ञों के अनुसार यह केस दिखाता है कि
ठग अब हाई प्रोफाइल और जागरूक लोगों को निशाना बना रहे हैं
WhatsApp जैसे भरोसेमंद प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल बढ़ रहा है
फर्जी ऐप्स दिखने में असली ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म जैसे होते हैं
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिकॉर्ड के मुताबिक, निवेश से जुड़े ऑनलाइन फ्रॉड मामलों में पिछले दो वर्षों में लगातार बढ़ोतरी हुई है।
कैसे बचें ऐसे WhatsApp स्कैम से
साइबर सेल की सलाह
अनजान WhatsApp ग्रुप से जुड़ने से बचें
किसी लिंक से ऐप डाउनलोड न करें
गारंटीड मुनाफे के दावों पर भरोसा न करें
निवेश से पहले SEBI पंजीकरण जरूर जांचें












