ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

6GHz स्पेक्ट्रम की जंग, Jio-Airtel क्यों भिड़ गए Apple-Meta से? सच जानकर हैरान रह जाएंगे

On: November 25, 2025 9:05 AM
Follow Us:
6GHz स्पेक्ट्रम की जंग, Jio-Airtel क्यों भिड़ गए Apple-Meta से? सच जानकर हैरान रह जाएंगे
Join WhatsApp Group

भारत में 6GHz स्पेक्ट्रम विवाद पर Jio-Airtel और Apple-Meta आमने-सामने, 5G और 6G पर असर पड़ सकता है।

भारत में हाई-स्पीड इंटरनेट के भविष्य को लेकर बड़ी जंग छिड़ चुकी है। 6GHz स्पेक्ट्रम को लेकर भारतीय टेलीकॉम कंपनियों और अमेरिकी टेक दिग्गजों के बीच जोरदार टकराव सामने आया है। यह विवाद सिर्फ एक बैंड का नहीं, बल्कि भारत के 5G और आने वाले 6G नेटवर्क की दिशा तय करेगा।

टेलीकॉम कंपनियों का आरोप

Jio, Airtel और Vodafone Idea ने Apple, Amazon, Meta, Intel और Cisco जैसी अमेरिकी कंपनियों के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है।
उनका कहना है कि ये विदेशी दिग्गज 6GHz बैंड की नीलामी का विरोध कर रहे हैं, जिससे टेलीकॉम सेक्टर को भारी आर्थिक नुकसान होगा।

टेलीकॉम कंपनियों का तर्क है:

5G के विस्तार और 6G की तैयारी के लिए 6GHz बैंड बेहद जरूरी

नीलामी से सरकार को बड़ा राजस्व

Netflix Clips: क्या है नेटफ्लिक्स का नया फीचर और कैसे करेगा आपकी मदद?
Netflix Clips: क्या है नेटफ्लिक्स का नया फीचर और कैसे करेगा आपकी मदद?

Wi-Fi के लिए पूरा बैंड खोलने से मोबाइल नेटवर्क कमजोर पड़ेगा

विदेशी OTT कंपनियों को अनुचित फायदा मिलेगा

COAI ने भी स्पष्ट कहा है कि अगर 6GHz बैंड Wi-Fi के लिए फ्री कर दिया गया, तो भारत की मोबाइल सेवाओं का भविष्य खतरे में पड़ सकता है।

Apple-Meta की बात “6GHz मोबाइल के लिए तैयार ही नहीं”

Apple, Amazon और Meta की दलील बिल्कुल अलग है। वे चाहते हैं कि 6GHz स्पेक्ट्रम पूरी तरह Wi-Fi के लिए फ्री कर दिया जाए।

उनका कहना है:

ग्लोबल लेवल पर मोबाइल टेक अभी 6GHz पर काम करने के लिए तैयार नहीं

क्या आपको पता है? भारत में साइकिल चलाने के लिए भी लगता था लाइसेंस, देनी पड़ती थी इतनी फीस
क्या आपको पता है? भारत में साइकिल चलाने के लिए भी लगता था लाइसेंस, देनी पड़ती थी इतनी फीस

यह बैंड न तो commercially और न ही technically mature

Wi-Fi को फ्री स्पेक्ट्रम मिलने से तेज इंटरनेट और सस्ती कनेक्टिविटी मिलेगी

यानि अमेरिका की टेक कंपनियां Wi-Fi के विस्तार को प्राथमिकता देना चाहती हैं।

TRAI और सरकार का रुख

सरकार पहले ही 6GHz के निचले 500 MHz हिस्से को लो-पावर Wi-Fi के लिए फ्री कर चुकी है। यह बात टेलीकॉम कंपनियों को और चिंतित कर रही है।

फिलहाल TRAI सभी पक्षों की बात सुन रहा है और आने वाले महीनों में अंतिम फैसला लेगा।

विभिन्न कंपनियों के अलग-अलग प्रस्ताव भी सामने आए हैं:

EPFO का नया फरमान: पीएफ निकासी के लिए KYC अनिवार्य, ऐसे करें ऑनलाइन अपडेट
EPFO का नया फरमान: पीएफ निकासी के लिए KYC अनिवार्य, ऐसे करें ऑनलाइन अपडेट

Jio चाहता है पूरा 1200 MHz तुरंत नीलाम हो

Vodafone Idea सिर्फ 400 MHz की फिलहाल नीलामी

Airtel और Qualcomm भारत को ग्लोबल स्टैंडर्ड के हिसाब से आगे बढ़ना चाहिए, जल्दबाजी न हो

यही फैसला तय करेगा कि अगले 10 सालों में भारत की इंटरनेट स्पीड और मोबाइल नेटवर्क कैसा होगा।

मौलिक गुप्ता

मौलिक गुप्ता एक प्रतिभाशाली और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 8 वर्षों से एंटरटेनमेंट और ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर आकर्षक और ताज़ा खबरें लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ बॉलीवुड, टीवी, सेलिब्रिटी अपडेट्स, वायरल ट्रेंड्स और सोशल मीडिया की हलचल को कवर करती हैं, जो पाठकों को मनोरंजन की दुनिया से जोड़े रखती हैं। मौलिक का लेखन शैली जीवंत, रोचक और समयानुकूल है, जो युवा और विविध पाठकों को आकर्षित करता है। वे Haryananewspost.com न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय हैं, जहाँ उनके लेख ट्रेंडिंग विषयों पर गहरी अंतर्दृष्टि और मनोरंजक जानकारी प्रदान करते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now