Agriculture News: 45 quintals of yield from paddy, bumper profit for farmers!: पूसा सुगंध 3 (Pusa Sugandh 3) धान की उन्नत बासमती किस्म हरियाणा के किसानों के लिए वरदान साबित हो सकती है। यह किस्म न केवल प्रति हेक्टेयर 45 क्विंटल तक उपज देती है, बल्कि बाजार में इसके दाम भी अच्छे मिलते हैं।
समय पर बुवाई, सही खाद प्रबंधन और कीट नियंत्रण से किसान इस खरीफ फसल से मोटा मुनाफा कमा सकते हैं। आइए, इस किस्म की खासियत, बुवाई और देखभाल की जानकारी को समझें।
बासमती की खास किस्म और इसकी विशेषताएं Agriculture News
पूसा सुगंध 3 (basmati variety) एक बौनी और सुगंधित बासमती किस्म है, जिसे 2001 में मंजूरी मिली थी। यह हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, और उत्तराखंड जैसे राज्यों के लिए विकसित की गई है।
इसके दाने लंबे, सुगंधित और खाने में स्वादिष्ट होते हैं। यह किस्म बिखरने के प्रति सहनशील है, हालांकि प्रजनन अवस्था में लवणता से थोड़ा प्रभावित हो सकती है। इसकी उच्च गुणवत्ता (high-quality rice) के कारण बाजार में मांग बनी रहती है। यह किसानों के लिए लाभकारी और भरोसेमंद विकल्प है।
बुवाई और खाद प्रबंधन की तकनीक
पूसा सुगंध 3 की बुवाई मई से जुलाई के पहले सप्ताह तक करें। रोपाई जून के मध्य से जुलाई की शुरुआत में आदर्श है। पंक्ति से पंक्ति की दूरी 20 सेमी और पौधे से पौधे की दूरी 15 सेमी रखें।
बीज उपचार (seed treatment) के लिए 10 ग्राम बाविस्टिन और 1 ग्राम स्ट्रेप्टोसाइक्लिन को 8 लीटर पानी में मिलाकर 5 किलो बीज 24 घंटे भिगोएं। खाद के लिए प्रति एकड़ 48 किलो नाइट्रोजन, 24 किलो फॉस्फोरस, और 24 किलो पोटाश दें। यह उपज बढ़ाने (yield increase) में मदद करेगा।
कीट नियंत्रण और सिंचाई के टिप्स
फसल को कीट और रोगों (pest control) से बचाने के लिए क्लोरोपायरीफॉस (5 लीटर या 500 मिली प्रति एकड़) का छिड़काव करें। खरपतवार नियंत्रण (weed management) के लिए नर्सरी में प्रिटी लक्कनर और सैफनर का उपयोग करें।
सिंचाई रोपाई के बाद तुरंत करें, फिर मिट्टी की नमी के आधार पर हर 7-10 दिन में पानी दें। यह नमी बनाए रखेगा और खरपतवार को रोकेगा। पूसा सुगंध 3 120-125 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। सही देखभाल से किसान बंपर उपज पा सकते हैं।













