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Agriculture News Faridabad: गेंदे की खास किस्म ने बदली किसान की तकदीर, हर महीने 30,000 की कमाई

On: अप्रैल 21, 2025 4:08 अपराह्न
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Agriculture News Faridabad: गेंदे की खास किस्म ने बदली किसान की तकदीर, हर महीने 30,000 की कमाई
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Agriculture News Faridabad A special variety of marigold changed the fate of the farmer: हरियाणा के फरीदाबाद जिले के साहुपुरा गांव में एक किसान ने अपनी मेहनत और समझदारी से न केवल अपनी जिंदगी बदली, बल्कि आसपास के किसानों के लिए भी प्रेरणा बन गया। लक्ष्मण सिंह ने परंपरागत खेती को छोड़कर गेंदे की एक खास किस्म की खेती शुरू की, जिसने उनकी किस्मत चमका दी। अब वे हर महीने 30,000 रुपये तक कमा रहे हैं, और उनकी सफलता की कहानी दूसरों को भी इस राह पर चलने के लिए प्रेरित कर रही है। आइए, उनकी इस अनोखी खेती की कहानी को करीब से जानते हैं।

गेंदे की खास किस्म ने बदला खेल Agriculture News Faridabad

लक्ष्मण सिंह ने खेती में कुछ नया करने का फैसला लिया और गेंदे की एक विशेष किस्म, जिसे “कलम वाला गेंदा” कहा जाता है, को चुना। यह गेंदा दिल्ली और आसपास के इलाकों में आसानी से उपलब्ध नहीं होता, इसलिए इसे कोलकाता से मंगवाना पड़ता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि यह सिर्फ एक महीने में तैयार हो जाता है, जबकि सामान्य गेंदे को पकने में तीन महीने लगते हैं। लक्ष्मण अपनी तीन बीघा जमीन पर इस गेंदे की खेती करते हैं, और इसकी लगातार मांग के कारण उन्हें कभी बाजार में दिक्कत नहीं होती। उनकी मेहनत और सही तकनीक ने उन्हें हर साल बढ़ती आमदनी का तोहफा दिया है।

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कैसे होती है इसकी खेती?

लक्ष्मण सिंह ने बताया कि कलम वाले गेंदे की खेती में कुछ खास बातों का ध्यान रखना पड़ता है। एक पौधे की लागत करीब 80 पैसे होती है, और रोपाई के लिए डेढ़ फुट का अंतर रखा जाता है। एक किलो फूल उगाने में 30 से 40 रुपये का खर्च आता है, लेकिन मंडी में यह फूल 100 से 200 रुपये प्रति किलो तक बिकता है। इस तरह, एक महीने में ही अच्छा मुनाफा हो जाता है। सही देखभाल, समय पर सिंचाई, और पौधों की निगरानी से उत्पादन बढ़ता है, जिससे कमाई में भी इजाफा होता है। लक्ष्मण पिछले तीन सालों से इस खेती को कर रहे हैं और हर बार उन्हें फायदा ही हुआ है।

मांग का फायदा, बाजार में हमेशा डिमांड

गेंदे के फूल की मांग साल भर बनी रहती है, खासकर शादी-विवाह, त्योहारों, और धार्मिक आयोजनों में। इसकी वजह से लक्ष्मण को कभी भी अपने फूल बेचने में परेशानी नहीं होती। दिल्ली और आसपास की मंडियों में उनकी फसल अच्छे दामों पर बिकती है। उनकी सफलता को देखकर साहुपुरा गांव और आसपास के अन्य किसान भी अब इस खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं। लक्ष्मण का कहना है कि अगर सही तकनीक और मेहनत हो, तो यह खेती छोटे किसानों के लिए भी वरदान साबित हो सकती है।

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लक्ष्मण की सलाह: मेहनत और तकनीक का मेल

लक्ष्मण सिंह का मानना है कि खेती में सफलता के लिए मेहनत के साथ-साथ नई तकनीकों को अपनाना जरूरी है। वे सलाह देते हैं कि गेंदे की खेती शुरू करने से पहले मिट्टी की जांच, सही किस्म का चयन, और बाजार की मांग को समझना चाहिए। इसके अलावा, समय पर सिंचाई और कीट प्रबंधन पर ध्यान देना जरूरी है। अगर आप भी इस खेती में रुचि रखते हैं, तो अपने नजदीकी कृषि विभाग से संपर्क करें, जहां आपको बीज, तकनीक, और बाजार की जानकारी मिल सकती है।

प्रेरणा का स्रोत बने लक्ष्मण

लक्ष्मण सिंह की कहानी हर उस किसान के लिए प्रेरणा है, जो अपनी मेहनत को नई दिशा देना चाहता है। परंपरागत खेती से हटकर कुछ नया करने की उनकी हिम्मत ने न केवल उनकी जिंदगी बदली, बल्कि पूरे गांव के लिए एक नया रास्ता खोला। उनकी सफलता हमें सिखाती है कि सही दिशा, मेहनत, और थोड़ी समझदारी से छोटी सी जमीन भी बड़ा मुनाफा दे सकती है।

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फरीदाबाद का यह किसान आज न केवल अपनी कमाई से खुश है, बल्कि दूसरों के लिए भी एक मिसाल बन गया है। अगर आप भी खेती में कुछ नया करना चाहते हैं, तो लक्ष्मण सिंह की कहानी से प्रेरणा लें और अपने सपनों को हकीकत में बदलें।

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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