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Agriculture News: बरसात में खेत की मेड़ पर लगाएं ये पौधा, (Karonda Farming) दोगुनी कमाई और फसल सुरक्षित

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Agriculture News: बरसात में खेत की मेड़ पर लगाएं ये पौधा, (Karonda Farming) दोगुनी कमाई और फसल सुरक्षित
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Agriculture News: Plant this plant on the boundary of the field during rainy season, (Karonda Farming) double the income and safe crop: करौंदा खेती (Karonda Farming) बरसात के मौसम में किसानों के लिए वरदान साबित हो सकती है। खेत की मेड़ पर करौंदे के कांटेदार पौधे लगाने से न केवल अतिरिक्त कमाई हो सकती है,

बल्कि फसलों को आवारा पशुओं से भी बचाया जा सकता है। यह उद्यानिकी फसल कम पानी में पनपती है और दो साल में फल देना शुरू कर देती है। रायबरेली के उद्यान विशेषज्ञ नरेंद्र प्रताप सिंह की सलाह से जानिए करौंदा खेती की आसान तकनीक और इसके फायदे।

करौंदा: फसलों का रक्षक, कमाई का स्रोत Agriculture News

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किसान अक्सर धान, गेहूं या बागवानी फसलों की खेती करते हैं, लेकिन आवारा पशुओं (Stray Animals) से फसल बचाना एक बड़ी चुनौती है। करौंदा खेती इस समस्या का आसान समाधान है। इसके कांटेदार पौधे पशुओं को खेत के पास आने से रोकते हैं।

नरेंद्र प्रताप सिंह, जो 25 साल से उद्यानिकी क्षेत्र में हैं, बताते हैं कि करौंदा कम पानी में भी अच्छी वृद्धि करता है। इसे सहफसली खेती (Companion Cropping) के रूप में खेत की मेड़ पर लगाया जा सकता है। दो साल में यह फल देना शुरू करता है, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय (Additional Farm Income) होती है।

बरसात में रोपाई का सही तरीका

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जुलाई का महीना करौंदा खेती (Monsoon Farming) के लिए सबसे उपयुक्त है। मानसून की बारिश से पौधों को प्राकृतिक पानी मिलता है, जिससे सिंचाई की जरूरत कम हो जाती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि पौधों के बीच 2 मीटर की दूरी रखें।

रोपाई से पहले गड्ढे की मिट्टी का मृदा शोधन (Soil Treatment) जरूरी है। इससे पौधों की वृद्धि बेहतर होती है और कीटों का खतरा कम होता है। ग्राफ्टेड पौधों का उपयोग करने से उत्पादन और बढ़ता है। यह तकनीक उसरिली या रेतीली मिट्टी में भी कारगर है। करौंदा खेती न केवल किफायती है, बल्कि फसल सुरक्षा भी सुनिश्चित करती है।

दोगुनी कमाई, आसान खेती

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करौंदा खेती (Crop Protection) से किसान दोहरा लाभ उठा सकते हैं। यह पौधा खेत की मेड़ पर लगाकर अन्य फसलों को पशुओं से बचाता है और साथ ही अतिरिक्त आय का स्रोत बनता है। नरेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, यह फसल उन क्षेत्रों में भी उगाई जा सकती है, जहां सिंचाई की सुविधा कम है।

करौंदे के फल बाजार में अच्छी कीमत पर बिकते हैं। यह खेती छोटे और बड़े किसानों के लिए फायदेमंद है। बरसात में करौंदा लगाकर किसान अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं और फसलों को सुरक्षित रख सकते हैं।

भारत मेहंदीरत्ता

भारत मेहंदीरत्ता एक अनुभवी पत्रकार और लेखक हैं, जो पिछले 11 वर्षों से ऑटो और क्रिकेट से जुड़ी खबरों पर रोचक और तथ्यपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ ऑटोमोटिव इंडस्ट्री की नवीनतम जानकारियों, जैसे कार-बाइक लॉन्च, प्राइस अपडेट्स, और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, के साथ-साथ क्रिकेट की दुनिया की रोमांचक खबरों, जैसे मैच अपडेट्स, खिलाड़ियों के प्रदर्शन और टूर्नामेंट विश्लेषण को कवर करती हैं। भारत का लेखन शैली जीवंत, गहन और पाठक-केंद्रित है, जो ऑटो और क्रिकेट प्रेमियों को समान रूप से आकर्षित करता है।

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