AI Farming: New beginning of Green Revolution: Sugarcane farmers’ income will increase tremendously with AI technology: महाराष्ट्र में गन्ना किसानों के लिए एक नई उम्मीद की किरण जगी है। राज्य सरकार ने गन्ने की खेती में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक को अपनाने का बीड़ा उठाया है, जिससे न केवल फसल की पैदावार बढ़ेगी, बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।AI Farming
इस पहल के तहत, गन्ना उत्पादन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने और चीनी उद्योग को सशक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। यह अभियान न केवल किसानों की मेहनत को तकनीक का सहारा देगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के बेहतर उपयोग को भी बढ़ावा देगा।
महाराष्ट्र के गन्ना किसान लंबे समय से मौसम की अनिश्चितताओं और अन्य चुनौतियों से जूझ रहे हैं, जिसके चलते उनकी पैदावार और आय प्रभावित होती है।
इस समस्या का समाधान करने के लिए वसंतदादा शुगर इंस्टीट्यूट (VSI) और बारामती के एग्रीकल्चरल डेवलपमेंट ट्रस्ट ने एक महत्वपूर्ण समझौता किया है।
इस समझौते का उद्देश्य AI तकनीक को गन्ना किसानों तक पहुंचाना है, ताकि वे कम लागत में अधिक उत्पादन कर सकें। पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि तकनीक का उपयोग गन्ना उत्पादन में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। उन्होंने बताया कि वेस्ट इंडिया शुगर मिल्स एसोसिएशन और नेशनल कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज फेडरेशन भी इस अभियान में सहयोग करेंगे।
बारामती में शुरू हुआ ‘प्रोजेक्ट फार्म वाइब्स’ इस दिशा में एक मिसाल बन चुका है। माइक्रोसॉफ्ट रिसर्च के सहयोग से शुरू इस परियोजना में AI आधारित उपकरणों के जरिए किसानों को खेतों की स्थिति, मिट्टी की गुणवत्ता, और मौसम की सटीक जानकारी दी जा रही है। यह प्रोजेक्ट अब ओपन-सोर्स हो चुका है, जिससे न केवल किसान, बल्कि छात्र, वैज्ञानिक, और शोधकर्ता भी इसका लाभ उठा सकते हैं। यह तकनीक खेती के खर्च को कम करने और उत्पादकता को बढ़ाने में सक्षम है।
विशेषज्ञों का मानना है कि AI के उपयोग से गन्ने की पैदावार में 30 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है, जबकि पानी की खपत को 50 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। यह तकनीक मिट्टी और फसल की सेहत की निगरानी, सटीक सिंचाई, और पोषण प्रबंधन को आसान बनाती है।
इससे न केवल किसानों की लागत कम होगी, बल्कि पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। महाराष्ट्र सरकार का यह प्रयास गन्ना किसानों के लिए एक नई राह खोलेगा और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगा।













