ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Animal Husbandry: पशु चिकित्सा क्षेत्र में निजी निवेश पर मिलेगी भारी सब्सिडी, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

On: February 2, 2026 9:54 AM
Follow Us:
Animal Husbandry: पशु चिकित्सा क्षेत्र में निजी निवेश पर मिलेगी भारी सब्सिडी, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
Join WhatsApp Group

Animal Husbandry Budget 2026: केंद्र सरकार ने बजट 2026 के जरिए देश के पशुपालन और डेयरी सेक्टर की तस्वीर बदलने के लिए एक बड़ा दांव खेला है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पशु चिकित्सा सेवाओं में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने के लिए पूंजी सब्सिडी सहायता योजना का ऐलान किया है। इस पहल के तहत अब निजी क्षेत्र के पेशेवर पशु अस्पताल, डायग्नोस्टिक लैब और वेटरनरी कॉलेज खोलने के लिए सरकार से आर्थिक मदद प्राप्त कर सकेंगे।

इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य पशुओं में होने वाली बीमारियों के जोखिम को कम करना और डेयरी व पोल्ट्री उत्पादों के निर्यात को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। वैश्विक मानकों के अनुसार किसी भी पशु उत्पाद के एक्सपोर्ट के लिए पहली शर्त उसका बीमारी मुक्त होना है और सरकार इसी कमी को दूर करने के लिए तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश कर रही है।

पीपीपी मॉडल से सुधरेगी पशु स्वास्थ्य सेवाएं

केंद्रीय पशुपालन और डेयरी मंत्रालय अब विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन (WOAH) के साथ मिलकर एक ऐसा मंच तैयार कर रहा है जहाँ सार्वजनिक और निजी क्षेत्र मिलकर काम करेंगे। सरकार का लक्ष्य अगले एक साल के भीतर एक ठोस पशु चिकित्सा पीपीपी नीति विकसित करना है।

मल्टी वैरायटी मैंगो फार्मिंग : एक ही पेड़ पर उगेंगे दशहरी, लंगड़ा और चौसा, किसानों के लिए कमाल की है यह तकनीक
मल्टी वैरायटी मैंगो फार्मिंग : एक ही पेड़ पर उगेंगे दशहरी, लंगड़ा और चौसा, किसानों के लिए कमाल की है यह तकनीक
  • पशु चिकित्सा प्रयोगशालाएं: जिला स्तर पर एनएबीएल (NABL) से मान्यता प्राप्त लैब स्थापित की जाएंगी ताकि बीमारियों की तुरंत पहचान हो सके।

  • टीकाकरण में आत्मनिर्भरता: पशुओं के लिए वैक्सीन चेन को मजबूत किया जाएगा जिससे भारत टीका उत्पादन में पूरी तरह आत्मनिर्भर बन सके।

  • रोग नियंत्रण: फुट एंड माउथ डिजीज (FMD) जैसे रोगों को खत्म करने के लिए विशेष फ्री जोन बनाए जाएंगे।

    यूरिया के लिए लाइन में लगने की जरूरत नहीं, सरकार ला रही नई डिजिटल सुविधा
    यूरिया के लिए लाइन में लगने की जरूरत नहीं, सरकार ला रही नई डिजिटल सुविधा
  • क्षमता निर्माण: पशु चिकित्सा से जुड़े कार्यबल को प्रशिक्षित करने के लिए आधुनिक नॉलेज शेयरिंग प्लेटफार्म तैयार होंगे।

निजी क्षेत्र की भागीदारी क्यों है जरूरी

पशुपालन विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी प्रयासों के साथ जब निजी क्षेत्र का अनुभव और पूंजी जुड़ेगी तभी जमीनी स्तर पर बदलाव आएगा। वर्तमान में पशु चिकित्सा सेवाओं में जो गैप है उसे भरने के लिए हाईटेक सर्विलांस और आधुनिक अनुसंधान केंद्रों की आवश्यकता है।

सरकार का मानना है कि इस योजना से न केवल पशुओं का स्वास्थ्य सुधरेगा बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के हजारों नए अवसर भी पैदा होंगे। जब पशु स्वस्थ रहेंगे तो दूध और अन्य उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ेगी जिससे अंततः किसानों की आय में इजाफा होगा।

हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, खेतों की मिट्टी जांचने के लिए 2.5 करोड़ की लागत से आएंगी आधुनिक किट
हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, खेतों की मिट्टी जांचने के लिए 2.5 करोड़ की लागत से आएंगी आधुनिक किट

एक्सपोर्ट बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों पर जोर

पोल्ट्री और डेयरी एक्सपोर्ट को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए सरकार ने गुणवत्ता नियंत्रण को अपनी प्राथमिकता बनाया है। मंत्रालय का रोडमैप स्पष्ट है कि जब तक हमारे पास एक स्थायी पशु स्वास्थ्य सुरक्षा सिस्टम नहीं होगा तब तक वैश्विक बाजार में जगह बनाना कठिन है।

इसीलिए बजट में वेटरनरी और पैरा वेट कॉलेजों के विस्तार पर जोर दिया गया है ताकि देश को पर्याप्त संख्या में कुशल पशु चिकित्सक मिल सकें। आने वाले समय में यह सेक्टर कृषि आधारित अर्थव्यवस्था की रीढ़ साबित हो सकता है।

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment