Bihar is suffering due to unseasonal rains Farmers are shocked due to heavy damage to crops: बिहार इन दिनों मौसम की मार झेल रहा है। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने न केवल आम लोगों की जिंदगी को प्रभावित किया है, बल्कि किसानों के लिए भी बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी है। खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो रही हैं, और कई जिलों में आज भी गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी है। इस बीच, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने किसानों के लिए मुआवजे की मांग उठाई है। आइए, इस मौसमी संकट की पूरी कहानी और इसके असर को समझते हैं।
Crops: बारिश और ओलावृष्टि ने मचाई तबाही
पिछले कुछ दिनों से बिहार में मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। बारिश और ओलावृष्टि ने कई जिलों में कहर बरपाया है। गेहूं, चना और अन्य रबी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों की उम्मीदें टूट गई हैं। यह वक्त फसल कटाई का है, लेकिन बारिश ने खेतों को कीचड़ में तब्दील कर दिया है। कई जगहों पर फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं, जिसने किसानों की कमर तोड़ दी है। मौसम विभाग ने आज भी कई इलाकों में तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी दी है, जिससे हालात और चिंताजनक हो गए हैं।
कहां-कहां है अलर्ट?
पटना मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बिहार के कई जिलों में आज सुबह 11:40 तक बारिश, मेघगर्जन और 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का अलर्ट है। प्रभावित क्षेत्रों में किशनगंज, अररिया, जोकीहाट, कोचाधामिन, पालासी, बहादुरगंज, तेढ़ागाछ, दीघलबैंक, अमौर, बैसा, पोठिया, सिकटी और ठाकुरगंज शामिल हैं। इन इलाकों में बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है, जिसके चलते लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं और बारिश ने पहले ही कई गांवों में बिजली और सड़कों को प्रभावित किया है।
तापमान का हाल और भविष्य का अनुमान
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, बिहार में आज अधिकतम तापमान 32 से 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। अगले पांच दिनों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। हालांकि, 14 से 18 अप्रैल तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। 14 अप्रैल को दक्षिण और उत्तर-पूर्वी बिहार में मेघगर्जन और 40-50 किमी प्रति घंटे की हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। 15 और 16 अप्रैल को भी उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में बिजली गिरने और 30-40 किमी प्रति घंटे की हवाओं का अलर्ट है। यह मौसमी अस्थिरता किसानों के लिए और मुश्किलें खड़ी कर सकती है।
चिराग पासवान की मांग: किसानों को राहत
इस संकट के बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बिहार सरकार से किसानों के हक में आवाज उठाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से हुए फसल नुकसान को ‘राज्य आपदा’ घोषित करने की मांग की है। चिराग ने कहा कि पिछले दो दिनों में कई जिलों में गेहूं और अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ है, जिसने किसानों को गहरे संकट में डाल दिया है। उन्होंने प्रभावित किसानों के लिए उचित मुआवजे और नुकसान के आकलन के लिए तुरंत सर्वे शुरू करने की अपील की है। उनकी यह मांग किसानों के लिए उम्मीद की किरण लेकर आई है।
किसानों की चुनौतियां
बिहार के किसान पहले ही कर्ज और लागत की मार झेल रहे हैं। ऐसे में बेमौसम बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। गेहूं जैसी फसलें, जो अब कटाई के लिए तैयार थीं, बारिश और ओलावृष्टि में बर्बाद हो गईं। कई किसानों का कहना है कि इस नुकसान से उबरने में उन्हें सालों लग जाएंगे। सरकार और स्थानीय प्रशासन से तुरंत राहत की उम्मीद की जा रही है, ताकि किसान इस मुश्किल दौर से निकल सकें।
क्या करें लोग?
मौसम की इस अनिश्चितता में सावधानी सबसे जरूरी है। किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी फसलों को ढकने की कोशिश करें और कटाई को कुछ दिन टालें। आम लोगों को बिजली गिरने और तेज हवाओं से बचने के लिए घरों में रहने की सलाह दी गई है। बिहार के लोग इस मुश्किल समय में एकजुट होकर इस संकट का सामना कर रहे हैं।













